Barwani School Transformation: बड़वानी के सरकारी स्कूलों को मिला नया रूप 613 स्कूलों में हुआ बड़ा बदलाव
Barwani School Transformation: बड़वानी जिले में सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदलने के लिए चलाए जा रहे कायाकल्प अभियान के तहत 653 में से 613 स्कूल भवनों का काम पूरा हो चुका है।
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बड़वानी में 613 स्कूलों की बदली तस्वीर
Barwani School Transformation: बड़वानी के सरकारी स्कूल अब सिर्फ पारंपरिक कक्षाओं तक सीमित नहीं रह गए हैं। स्कूल भवनों और परिसरों को बच्चों के लिए ज्यादा आकर्षक और सीखने के अनुकूल बनाने की दिशा में बड़े स्तर पर काम किया गया है। स्कूल कायाकल्प अभियान के तहत जिले के 653 प्राथमिक और माध्यमिक स्कूल भवनों को सुधार के लिए चुना गया था। इनमें से 613 स्कूलों का कायाकल्प पूरा हो चुका है, जबकि 40 स्कूल भवनों में निर्माण और मरम्मत का काम अभी जारी है। प्रशासन का लक्ष्य बाकी कामों को भी जल्द पूरा करना है।
छत, फर्श और शौचालय से लेकर रंग-रोगन तक सुधार
बता दें अभियान के तहत स्कूलों में जरूरत के हिसाब से अलग-अलग काम कराए गए हैं। पुराने भवनों की छतों की मरम्मत, फर्श और टाइल्स का नवीनीकरण, शौचालयों में सुधार, रंग-रोगन और अन्य जरूरी निर्माण कार्य किए गए हैं। इससे स्कूल भवनों की स्थिति बेहतर होने के साथ विद्यार्थियों के लिए साफ-सुथरा और सुविधाजनक वातावरण तैयार हुआ है।
दीवारें बनीं बच्चों की Learning Aid
जानकारी अनुसार, स्कूलों को सिर्फ नया रंग देने के बजाय उन्हें बच्चों के लिए सीखने का माध्यम भी बनाया गया है। कई स्कूलों में BaLA (Building as Learning Aid) पेंटिंग कराई गई है। इन पेंटिंग्स के जरिए दीवारों और स्कूल परिसर में शैक्षणिक जानकारी को रोचक तरीके से प्रस्तुत किया गया है। इससे बच्चों को कक्षा के बाहर भी अलग-अलग विषयों से जुड़ी चीजें देखने और समझने का अवसर मिलता है।
Math Park से आसान होगा गणित सीखना
वहीं कई स्कूल परिसरों में Math Park भी विकसित किए गए हैं। इसका उद्देश्य बच्चों को गणित के सवालों और अवधारणाओं को केवल किताबों के जरिए याद कराने के बजाय गतिविधियों और प्रयोगों के माध्यम से समझाना है। इसके साथ ही कुछ स्कूलों में खेल मैदान, झूले और पेवर ब्लॉक जैसी सुविधाएं भी विकसित की गई हैं। इससे पढ़ाई के साथ बच्चों के खेल और शारीरिक गतिविधियों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
करीब 4 करोड़ रुपये से हुआ विकास
सूत्रों के मुताबिक, स्कूलों के अधोसंरचना विकास पर अब तक करीब 4 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। इसके लिए 15वें और 5वें वित्त आयोग के तहत ग्राम पंचायतों को उपलब्ध राशि के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के संसाधनों का समन्वय किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, स्कूलों की जरूरत के आधार पर उपलब्ध राशि का इस्तेमाल किया गया, ताकि प्रत्येक भवन में जरूरी सुधार कराया जा सके।
अब 40 स्कूलों को पूरा करने पर जोर
653 चयनित स्कूलों में से 613 का काम पूरा होने के बाद प्रशासन का फोकस अब बचे हुए 40 स्कूल भवनों पर है। इन स्कूलों में निर्माण और मरम्मत के कार्य पूरे करने के साथ विकसित सुविधाओं के रखरखाव पर भी ध्यान दिया जाएगा। अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य सिर्फ स्कूलों की इमारतों को नया रूप देना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के लिए ऐसा वातावरण तैयार करना है जहां पढ़ाई के साथ गतिविधियों और प्रयोग के जरिए सीखने को बढ़ावा मिले।

