अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग का कड़ा कदम: नए H-1B वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर फीस का नियम
अमेरिकी गृह सुरक्षा विभाग (DHS) ने नए आव्रजन नियमों के तहत H-1B वीजा के लिए 1,03,265 डॉलर की फीस का नया ड्राफ्ट जारी किया है। नियम लागू होने से पहले 30 दिनों की कानूनी समीक्षा और आपत्तियां आमंत्रित की गई हैं।
ट्रंप का भारतीयों को बड़ा झटका, 99 लाख तक वीजा फीस?
अमेरिकी आव्रजन और सीमा सुरक्षा को कड़ा करने के क्रम में डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने विदेशी वर्क वीजा नियमों में एक बहुत बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया है। विभाग द्वारा तैयार किए गए नए रेगुलेशन के तहत विदेशों से आने वाले नए H-1B वीजा धारकों के लिए 1,03,265 डॉलर यानी करीब 99 लाख रुपये की अनिवार्य सरकारी फीस तय की गई है। इस कड़े विधिक प्रावधान का सीधा असर उन तमाम कंपनियों पर पड़ेगा जो विदेश में बैठे गैर-अमेरिकी कर्मचारियों को स्पॉन्सर करती हैं।
विदेशी वर्कफोर्स की एंट्री पर 98.86 लाख रुपये का अनिवार्य शुल्क
DHS के ड्राफ्ट नियमों के अनुसार, अमेरिकी नियोक्ता कंपनियों को विदेशी वर्कफोर्स को देश के भीतर लाने के लिए हर एक H-1B याचिका पर 1,03,265 डॉलर (लगभग 98.86 लाख रुपये) का भारी शुल्क जमा करना होगा। यह कानूनी प्रावधान लागू होने के बाद विदेशी टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग और रिसर्च से जुड़े पेशेवरों को अमेरिका में तैनात करने की पूरी कानूनी प्रक्रिया अत्यधिक खर्चीली और कड़ी हो जाएगी।
सुरक्षा डेटा: 70% भारतीय और 12% चीनी कर्मचारियों पर नजर
आव्रजन विभाग के वित्त वर्ष 2025 के आंकड़ों के अनुसार, अमेरिका के कुल H-1B वर्कफोर्स में 70 प्रतिशत हिस्सेदारी अकेले भारतीय नागरिकों की है, जबकि 12 प्रतिशत हिस्सेदारी के साथ चीन दूसरे स्थान पर है। नए कानूनी प्रावधानों के लागू होने के बाद अमेरिकी कंपनियों के लिए भारतीय कर्मचारियों को सीधे विदेश से बुलाना वैधानिक और वित्तीय दोनों दृष्टि से अत्यधिक कठिन हो जाएगा।
स्टूडेंट वीजा धारकों और रिन्यूवल आवेदनों को दी गई कानूनी छूट
कानूनी ड्राफ्ट में यह स्पष्ट किया गया है कि यह भारी शुल्क सभी श्रेणियों के वीजा आवेदनों पर लागू नहीं होगा। जो विदेशी नागरिक पहले से लीगल स्टूडेंट वीजा पर अमेरिका में मौजूद हैं और अपनी पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, उन्हें इस नियम से छूट दी जा सकती है। इसके अतिरिक्त जो कर्मचारी पहले से H-1B पर अमेरिका में वैध रूप से रह रहे हैं और सिर्फ रिन्यूवल करा रहे हैं, वे भी इस 99 लाख रुपये की परिधि से बाहर रहेंगे।
30 दिनों का नोटिस पीरियड, अदालत में पहले भी फंसा था मामला
गौरतलब है कि इससे पहले भी प्रशासन द्वारा 1 लाख डॉलर का ऐसा ही नियम लागू करने की कोशिश की गई थी, जिस पर अमेरिकी संघीय अदालत ने कानूनी रोक लगा दी थी और वह मामला अभी भी कोर्ट में विचाराधीन है। इसीलिए DHS ने इस नए प्रस्ताव को कानूनी रूप से मजबूत बनाने के लिए 30 दिनों का पब्लिक कमेंट पीरियड तय किया है, जबकि पुराने सामान्य नियमों में यह फीस महज 2,000 से 5,000 डॉलर के बीच सीमित थी।

