भारी मानसूनी बारिश के आंकड़े और तकनीकी विवरण: भोपाल में 8.57 इंच वर्षा, चमोली में 17 टन का वैलीBridge बहा और IMD के अलर्ट
देशभर में सक्रिय मानसून के कारण भारी बारिश के आंकड़े और तकनीकी नुकसान सामने आए हैं। भोपाल में 8.57 इंच बारिश दर्ज की गई है और IMD ने विभिन्न राज्यों के लिए ऑरेंज व येलो अलर्ट जारी किया है।
mp weather
देश के मध्य और पूर्वी हिस्से में जो मानसूनी सिस्टम एक्टिव है ना, उसके चलते तकनीकी रूप से भारी बारिश के आंकड़े और कुछ गंभीर मौसम-सम्बंधी अपडेट सामने आए हैं. भारत मौसम विज्ञान विभाग , यानी IMD के मुताबिक अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नमी के कारण मध्य भारत से लेकर अलग अलग पूर्वी और पश्चिमी इलाकों तक मानसूनी गतिविधियां तेज बनी हुई हैं, और इसी वजह से कई राज्यों में व्यापक बारिश , और नुकसान के रिकॉर्ड भी जुड़ रहे हैं.
भोपाल में बारिश का ग्राफ , और मध्य प्रदेश के संभागवार अपडेट
मध्य प्रदेश में मानसूनी सिस्टम की पकड़ बहुत मजबूत रही, जिसके कारण बारिश के बड़े आंकड़े निकल कर आए हैं. राजधानी भोपाल में बीते दो दिनों में करीब 8.57 इंच वर्षा दर्ज की गई है. इसके असर से शहर के निचले हिस्सों के अलावा लगभग 200 मकानों में ढाई फीट तक पानी भर गया. पूरे प्रदेश में अब तक करीब 19.6 इंच बारिश का आंकड़ा सामने है. लगातार बारिश, और बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बुधवार 12 अगस्त को लगातार तीसरे दिन नर्सरी से 12वीं तक के सभी सरकारी और निजी स्कूल बंद रखने का आदेश जारी किया गया है. हालांकि इस दौरान शिक्षक और बाकी कर्मचारी ड्यूटी पर रहेंगे, और स्कूल प्रबंधन ऑनलाइन , या वर्चुअल कक्षाएं चला सकता है. इसी क्रम में मौसम विभाग की टेक्निकल प्रेडिक्शन के अनुसार इंदौर संभाग के रतलाम, झाबुआ, धार, बड़वानी, और इंदौर में अगले 24 घंटों में कुछ जगहों पर चार इंच से भी ज्यादा भारी बारिश हो सकती है. वहीं भोपाल और उज्जैन संभाग में बाढ़ जैसे हालात की आशंका को लेकर नदियों, नालों के आसपास के क्षेत्रों के लिए तकनीकी चेतावनी दी गई है. इसके अलावा शिवपुरी में एनएच-46 पर लगभग एक फीट जलभराव होने से यातायात में बाधा आई, और भोपाल के बाबाझिरी पिकनिक स्पॉट पर अचानक नाले का बहाव बढ़ने से टीले पर फंसे सात युवकों को कजली खेड़ा थाना पुलिस, SDRF , और ग्रामीणों की संयुक्त टीम ने सुरक्षित बाहर निकाला.
मुंबई , बिहार और पहाड़ी राज्यों में हादसे , और तकनीकी नुकसान
देश के दूसरे इलाकों में भी मानसूनी आपदाओं से जुड़े मामले दर्ज हुए हैं. महाराष्ट्र में मुंबई के कुर्ला इलाके के अशोक नगर में बुधवार सुबह करीब तीन बजे गौसिया चॉल के पास हुए लैंडस्लाइड की घटना में मिट्टी का बड़ा हिस्सा खिसक गया. इससे दो से तीन घर चपेट में आए. शुरुआती जानकारी के मुताबिक दो लोगों की मौत हुई है, और मलबे में कुछ लोग फंसे होने की आशंका जताई जा रही है. बिहार में वज्रपात यानी आकाशीय बिजली के आंकड़ों के अनुसार बांका जिले में तीन महिलाओं समेत पांच लोगों की मौत हुई, और आठ लोग (जिनमें दो बच्चे शामिल हैं) झुलस गए. वहीं नवादा में बिजली गिरने से तीन मजदूरों की जान चली गई. पहाड़ी राज्यों में संरचनात्मक क्षति और तकनीकी दिक्कतों का असर दिखा. हिमाचल प्रदेश के शिमला-धर्मशाला एनएच-205 पर भराड़ीघाट के पास मंगलवार को चलती कार पर बड़ी चट्टान गिरने से एक व्यक्ति की मौत हुई, और दो लोग घायल बताए गए हैं. राज्य में बारिश-भूस्खलन से अब तक 14 लोगों की मौत के आंकड़े सामने आए हैं. उत्तराखंड के चमोली जिले की नीती घाटी में दो दिन पहले बादल फटने के बाद तमक नाले के तेज बहाव में 17 टन का, स्टील से बना वैली ब्रिज बह गया. इस पुल की मरम्मत के लिए प्रशासन अस्थायी रास्ते, यानी अस्थायी पुल, तैयार करने में लगा है.
IMD अलर्ट , ऑरेंज येलो , और जोखिम के टेक्निकल संकेत
IMD की आधिकारिक चेतावनियों के तकनीकी अपडेट के अनुसार देश के अलग अलग हिस्सों के लिए ऑरेंज और येलो अलर्ट जारी किए गए हैं. पूर्वी राजस्थान, मध्य महाराष्ट्र, ओडिशा, झारखंड , और पश्चिम बंगाल के लिए ऑरेंज अलर्ट घोषित हुआ है. इसका संकेत भारी से अत्यधिक भारी बारिश के जोखिम की तरफ इशारा करता है. साथ ही जम्मू-कश्मीर, पंजाब, उत्तराखंड, हिमाचल प्रदेश, पश्चिमी राजस्थान, पश्चिमी मध्य प्रदेश, गुजरात क्षेत्र, छत्तीसगढ़, असम, मेघालय, नगालैंड, मिजोरम, त्रिपुरा, आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, कर्नाटक, तमिलनाडु, और पुडुचेरी तक कई क्षेत्रों में येलो अलर्ट जारी है.