Law and Guidelines Focus: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर MP TET 2026 का कड़ा शेड्यूल जारी, 1998-2009 के शिक्षकों को देनी होगी परीक्षा
कानूनी निर्देशों का पालन करते हुए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने 1998 से 2009 के बीच नियुक्त डेढ़ लाख शिक्षकों के लिए MP TET 2026 का शेड्यूल जारी कर दिया है। 21 अगस्त से 4 सितंबर तक 1000 रुपये शुल्क के साथ फॉर्म जमा होंगे।
MP TET 2026 लोक शिक्षण संचालनालय
कानूनी और न्यायिक निर्देशों का सख्ती से पालन करते हुए मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल ने शिक्षक पात्रता परीक्षा (MP TET 2026) का पूरा खाका जारी कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट के कड़े निर्देशों के बाद हो रही इस परीक्षा को लेकर प्रदेश में करीब डेढ़ लाख शिक्षकों पर अनिवार्य रूप से शामिल होने का नियम लगा दिया गया है, ताकि परीक्षा की गरिमा ठीक से बनी रहे और सब कुछ व्यवस्थित तरीके से चले। इसी को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन आवेदन 21 अगस्त से 4 सितंबर तक लिए जाएंगे और इस दौरान नियमों की सख्त अनुपालना सुनिश्चित की जाएगी।
1998-2009 के शिक्षकों के लिए पात्रता साबित करना अनिवार्य
कानूनी बाध्यता के मुताबिक मध्य प्रदेश में 1998 से लेकर 2009 के बीच नियुक्त हुए सभी शिक्षकों के लिए, इस TET परीक्षा को पास करना बेहद जरूरी हो गया है। बिना किसी छूट के, उन शिक्षकों को अपनी योग्यता और पात्रता को साबित करने के लिए इस परीक्षा में हर हाल में बैठना होगा। इसके लिए आवेदन 21 अगस्त से शुरू होंगे और 4 सितंबर के बाद किसी भी फॉर्म को स्वीकार नहीं किया जाएगा।
संशोधन की समय-सीमा और 1000 रुपये का अनिवार्य शुल्क
नियमों में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए, TET परीक्षा के अभ्यर्थियों को अपने फॉर्म में 21 अगस्त से 9 सितंबर तक सुधार करने की अंतिम मोहलत दी जाएगी। इस परीक्षा में भाग लेने वाले हर अभ्यर्थी को 1000 रुपये का तय परीक्षा शुल्क देना अनिवार्य रहेगा। विभाग के जारी आदेशों के मुताबिक 12 अक्टूबर को परीक्षा आयोजित की जाएगी, और आवेदन के समय ही अभ्यर्थियों को सख्त परीक्षा नियमों व दिशा-निर्देशों की जानकारी दी जाएगी।
150 अंकों का पेपर: नियमों में दी गई निगेटिव मार्किंग से छूट
प्राथमिक शिक्षक पात्रता परीक्षा के स्वरूप को लेकर स्पष्ट नियम तय किए गए हैं। कुल 150 सवाल पूछे जाएंगे, जो 150 अंकों के होंगे। हर सही जवाब पर 1-1 अंक मिलेगा। अभ्यर्थियों को इस कड़े इम्तिहान के लिए 2 घंटे 30 मिनट का समय दिया जाएगा। हालांकि नियमों में थोड़ी राहत वाली बात ये है कि निगेटिव मार्किंग का कोई भी प्रावधान नहीं रखा गया है, मतलब गलत जवाब पर छात्रों के नंबर नहीं काटे जाएंगे।
पासिंग मार्क्स की कानूनी बाध्यता
TET परीक्षा में सफल होने के लिए अलग-अलग श्रेणियों के हिसाब से न्यूनतम अंक तय किए गए हैं। नियमों के अनुसार अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग, दिव्यांग और आर्थिक रूप से कमजोर (EWS) वर्ग के अभ्यर्थियों को कम से कम 50 प्रतिशत अंक लाने ही होंगे। दूसरी ओर सामान्य वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए 60 प्रतिशत अंक का मानक पार करना जरूरी कर दिया गया है। इस अनिवार्य कानूनी प्रक्रिया में लगभग डेढ़ लाख शिक्षकों के शामिल होने की संभावना बताई जा रही है।