झाबुआ में महिला सशक्तिकरण को मिली नई गति, CM मोहन यादव ने 300 करोड़ के ऋण वितरित किए
झाबुआ के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूह सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेशभर के समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। इस दौरान झाबुआ जिले को 283.81 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की सौगात भी दी गई।

थांदला में स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन को संबोधित करते मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव
झाबुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने झाबुआ जिले के थांदला में आयोजित स्व-सहायता समूहों के सम्मेलन में महिलाओं की आर्थिक भागीदारी को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए प्रदेशभर के स्व-सहायता समूहों को करीब 300 करोड़ रुपये के ऋण वितरित किए। कार्यक्रम में उन्होंने कहा कि सरकार ग्रामीण महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि वे छोटे उद्यमों के माध्यम से अपनी आय बढ़ा सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा कि स्व-सहायता समूह आज गांवों में आर्थिक बदलाव के प्रभावी माध्यम बन रहे हैं और अनेक परिवारों के जीवन स्तर में सकारात्मक परिवर्तन ला रहे हैं।
जिले में 283.81 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ
सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री ने झाबुआ जिले के लिए 283.81 करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी किया।
इसमें 174.64 करोड़ रुपये की लागत वाले 29 नए विकास कार्यों का भूमिपूजन तथा 109.17 करोड़ रुपये की लागत से पूर्ण हुए 28 विकास कार्यों का लोकार्पण शामिल है। इन परियोजनाओं से जिले में सड़क, भवन और अन्य आधारभूत सुविधाओं को सुदृढ़ करने में मदद मिलेगी।
215 स्व-सहायता समूहों को मिला 10.08 करोड़ रुपये का ऋण
झाबुआ जिले के 215 स्व-सहायता समूहों को 10.08 करोड़ रुपये का ऋण भी प्रदान किया गया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री उद्यम क्रांति योजना, भगवान बिरसा मुंडा स्वरोजगार योजना, टंट्या मामा आर्थिक कल्याण योजना और पीएमएफएमई योजना के हितग्राहियों को भी सहायता वितरित की गई।
इन योजनाओं का उद्देश्य स्थानीय स्तर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है।
विद्यार्थियों और किसानों का भी हुआ सम्मान
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया। वहीं किसानों को हेलमेट वितरित किए गए तथा लाड़ली लक्ष्मी योजना के हितग्राहियों को भी लाभ प्रदान किया गया।
इस अवसर पर विभिन्न सरकारी योजनाओं से जुड़े लाभार्थियों को मंच से सम्मानित कर उन्हें योजनाओं की जानकारी भी दी गई।
आजीविका मेले में दिखी जनजातीय संस्कृति और स्थानीय उत्पादों की झलक
कार्यक्रम स्थल पर आयोजित ‘आजीविका मेला’ लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा। मेले में स्व-सहायता समूहों द्वारा तैयार उत्पादों के साथ प्राकृतिक खेती और जनजातीय संस्कृति से जुड़ी प्रदर्शनी लगाई गई। बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों ने इन स्टॉलों का अवलोकन किया और स्थानीय उत्पादों में रुचि दिखाई।
महाकौशल टाइम्स की शैली के अनुरूप यह आयोजन केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण उद्यमिता और जिले के समग्र विकास की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का समग्र प्रस्तुतीकरण बनकर सामने आया।




