संसद के अमूल्य समय की बर्बादी पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की तीखी प्रतिक्रिया: कांग्रेस के राजनीतिक एजेंडे और झारखंड के हालात पर बड़ा हमला
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लोकसभा की कार्यवाही को लगातार बाधित करने और झारखंड में छात्रों के साथ हो रहे राजनीतिक व्यवहार को लेकर कांग्रेस पार्टी की जमकर आलोचना की है। उन्होंने कहा कि जनता हर घटनाक्रम पर पूरी नजर रख रही है।
CM Mohan Yadav on Parliament Proceedings
लोकसभा की कार्यवाही को बार-बार रोकने, और राष्ट्रीय महत्व वाले विषयों पर चर्चा ना होने देने को लेकर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस पर खुलकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि संसद, जो देश की सबसे बड़ी लोकतांत्रिक संस्था है , उसके कीमती समय को हंगामे में उड़ाना , और आम जनता से जुड़े मुद्दों पर बहस ही ना होने देना… सच में बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बात है। ऐसे में कांग्रेस की घोर निंदा होनी चाहिए, ये उन्होंने बिना झिझक कहा।
संसदीय समय की बर्बादी और कांग्रेस पर व्यक्तिगत एजेंडे का आरोप
उनका तर्क ये था कि संसद दरअसल वो मंच है जहां गंभीर नीतिगत मामलों पर बात होनी चाहिए, ताकि देश व आम जनता के साथ जुड़े सवालों पर सभी जनप्रतिनिधियों को अपना पक्ष रखने का पूरा मौका मिल सके। लेकिन, डॉ. यादव के मुताबिक कांग्रेस की पुरानी आदत है कि वो राष्ट्रीय अहमियत के मसलों की बजाय अपने व्यक्तिगत, और राजनीतिक एजेंडे को सबसे ऊपर रख देती है। सीएम ने आरोप लगाया कि सदन में बार बार व्यवधान डालकर लोकतांत्रिक बहस को प्रभावित करना किसी भी तरह से देशहित में नहीं है।
झारखंड की घटनाओं और छात्रों के साथ भेदभाव पर तीखे सवाल
सिर्फ संसद ही नहीं, झारखंड में हाल में सामने आए घटनाक्रम को भी उन्होंने मुद्दा बनाया। मुख्यमंत्री ने कहा कि वहां के राजनीतिक समीकरणों के चलते छात्रों को बदले की भावना से, या यूं कहें कि एक तरह के पूर्वाग्रह के साथ देखा जा रहा है। उन्होंने दो टूक कहा कि विद्यार्थियों के साथ किसी तरह का भेदभाव, या बदला लेने वाला व्यवहार बिल्कुल अस्वीकार्य है। उनके शब्दों में, इस पूरे प्रकरण में कांग्रेस की संदिग्ध भूमिका को लेकर भी सवाल खड़े होते हैं, और देश-प्रदेश की सजग जनता इन सारी गतिविधियों को काफी नजदीक से देख रही है।
लोकतंत्र में जनता ही सबसे बड़ी अदालत
बयान के आखिर में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक तरह से चेतावनी वाला रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में जनता से बड़ी कोई शक्ति नहीं होती, और वही देश के नेताओं, और दलों के आचरण का निष्पक्ष मूल्यांकन करती है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस का ये गैर जिम्मेदाराना और अलोकतांत्रिक रवैया , जनता कभी स्वीकार नहीं करेगी। और समय आने पर, मताधिकार के जरिए इसे पूरी तरह नकार दिया जाएगा।