देवास के धांसड़ गांव के एक ही परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़: राजगढ़ हादसे में 3 बच्चों समेत 9 की दर्दनाक मौत, 2 युवकों ने तैरकर बचाई जान
राजगढ़ जिले में पचोर-सारंगपुर मार्ग पर उफनते झिरी नाले में ईको वैन बहने से देवास जिले के धांसड़ गांव के एक ही परिवार के 9 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। कनावड़ धाम में बीमार महिला का इलाज कराने जा रहे परिवार ने ग्रामीणों की मनाही के बावजूद जल्दबाजी में गाड़ी पानी में उतारी थी।
Rajgarh Accident UPDATE
मध्य प्रदेश के देवास जिले के सतवास इलाके वाले धांसड़ गांव में अचानक सा मातम सा फैल गया, खासकर उस समय जब राजगढ़ जिले में हुई एक भीषण दुर्घटना की खबर आई और वहां एक ही परिवार के 9 लोग जल समाधि में समा गए । सोमवार सुबह करीब पचोर-सारंगपुर रोड पर पड़ाना के पास उफनते हुए झिरी नाले में एक ईको वैन बह गई । बस फिर , तीन मासूम बच्चे और दो महिलाएं समेत कुल 9 लोगों की मौत हो गई। हादसे के वक्त गाड़ी में मौजूद दो युवक किसी तरह तैरकर बाहर निकल पाए, अभी उनका इलाज चल रहा है। मुख्यमंत्री डॉ. Mohan Yadav ने इस अपूरणीय क्षति पर गहरा शोक जताते हुए पीड़ित परिवार को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक मदद देने के निर्देश दिए हैं ।
मासूमो समेत परिवार के 9 सदस्यों की चली गई जान, गांव में पसरा सन्नाटा
पुलिस के मुताबिक सभी मृतक आपस में रिश्तेदार थे और देवास जिले के धांसड़ गांव के ही निवासी बताए गए हैं । हादसे में मरे लोगों के नामों में शंकर सिंह, उनकी पत्नी सागरबाई, रीनू (पत्नी हुकुम सिंह), 3 वर्षीय बालक राजवीर , जसप्रीत , विशाल चौहान, उनकी पत्नी पूजा चौहान, रिशिका और आनंद सिंह शामिल हैं । इस त्रासदी में तीन नन्हें बच्चे भी अकाल मौत का शिकार हुए । जैसे ही एक साथ 9 शवों की सूचना गांव पहुंची , वैसे ही परिजनों और आसपास के लोगों में कोहराम मच गया।
चालक और एक और युवक ने तैरकर निकाली जान, सारंगपुर अस्पताल में भर्ती
दुर्घटनाग्रस्त ईको वैन वाहन चालक मुकेश सिंह के नाम दर्ज थी । बताया गया कि नाले में गाड़ी बहने के दौरान मुकेश सिंह और हुकुम सिंह ने हिम्मत नहीं छोड़ी, तैरते हुए वे नाले के किनारे पहुंच गए । दो युवकों को तुरंत इलाज के लिए सारंगपुर अस्पताल ले जाया गया । बाकी बचे हुए यात्रियों को तेज पानी के बहाव की वजह से बाहर निकलने का मौका नहीं मिला।
15 मिनट रुके, मगर इलाज के लिए समय पर पहुंचने वाली जल्दबाजी भारी पड़ी
घायल युवक मुकेश ने अस्पताल में बताया कि परिवार की एक महिला लकवे की बीमारी से जूझ रही थी, उसे कनावड़ धाम (कड़लावद गांव की तरफ ) ले जाया जा रहा था । सुबह करीब 9:30 बजे जब वैन पढ़ाना के पास झिरी नाले तक पहुंची तो निर्माणाधीन पुल के ऊपर से पानी बह रहा था । ग्रामीणों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, इसलिए गाड़ी करीब 15 मिनट तक रोकी गई, लेकिन मरीज को समय पर धाम पहुंचाने की चिंता में परिजनों ने वाहन आगे बढ़ाने को कहा । सड़क पर सुरक्षा की रेलिंग नहीं होने के कारण कार फिसलकर सीधे गहरे नाले में समा गई।
SDERF और पुलिस दल ने क्रेन से कार निकाली, CM ने जताया शोक
घटना की सूचना मिलते ही एसडीएम रोहित बम्होरे, एसडीओपी अरविंद सिंह और थाना प्रभारी राहुल रघुवंशी पुलिस बल के साथ SDERF रेस्क्यू टीम लेकर मौके पर पहुंचे । जब नाले का पानी कुछ कम हुआ , तब क्रेन की मदद से ईको वैन को बाहर निकाला गया । इसके बाद सघन तलाशी अभियान चलाकर सभी शव बरामद कर लिए गए। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे पर दुख जताते हुए कहा कि हर मृतक के आश्रितों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी, और इस संबंध में अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं ।