पाक व PoK में 30 से ज्यादा आतंकियों के सफाए के दावों के बीच इस्लामाबाद में ढेर हुआ लश्कर कमांडर: 26/11 नेटवर्क के आतंकी अब्दुल अजीज की मौत
पाकिस्तान और PoK में बीते 3-4 सालों में 30 से अधिक आतंकियों के मारे जाने के दावों के बीच लश्कर-ए-तैयबा के वरिष्ठ कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की इस्लामाबाद में रहस्यमयी परिस्थितियों में मौत हो गई है ।
26/11 Terrorist Abdul Aziz Dies
पाकिस्तान और उसके अवैध कब्जे वाले कश्मीर( PoK ) में लश्कर-ए-तैयबा के नेटवर्क के बीच मची खलबली , और संगठन के एक और टॉप कमांडर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। 26/11 मुंबई वाले आतंकी हमले की साजिश से जुड़े बताए गए लश्कर कमांडर कारी सईद अब्दुल अजीज की इस्लामाबाद में मस्जिद के बाहर मौत हो गयी। ये खबर ऐसे वक्त में आई है जब लश्कर के वरिष्ठ सदस्य रिजवान हनीफ का एक वीडियो बयान सामने आया है, जिसमें पिछले 3-4 सालों में पाकिस्तान के अलग अलग शहरों में संगठन के 30 से ज्यादा लोगों के मारे जाने का दावा किया गया है ।
रावलपिंडी , कराची व मुजफ्फराबाद सहित कई शहरों में लश्कर के 30+ सदस्य ढेर
अब्दुल अजीज की मौत के साथ ही पाकिस्तान में आतंकी नेटवर्क पर मंडराते खतरे को लेकर बातचीत तेज़ हो गई है। रिजवान हनीफ के वीडियो के मुताबिक , पिछले तीन से चार वर्षों में पेशावर, कराची, रावलपिंडी, रावलाकोट और मुजफ्फराबाद जैसे इलाकों में संगठन से जुड़े 30 से ज्यादा आतंकी मार गिराए गए। हालांकि हनीफ के दावे की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी , और अजीज की मौत से कोई प्रत्यक्ष तालमेल भी नहीं दिखा है। फिर भी , इस्लामाबाद की ये नई घटना ने पाकिस्तान में छिपे आतंकियों के बीच खौफ का माहौल बना दिया है।
खाना खाने के बस तुरन्त बाद, मस्जिद के गेट पर गिरा , जहर की आशंका
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि 8 अगस्त को कारी सईद अब्दुल अजीज मस्जिद पहुँचने से थोड़ा पहले किसी अज्ञात जगह पर भोजन करके आया था। मस्जिद के प्रवेश द्वार के पास पहुंचते ही उसकी हालत बिगड़ी और वह ज़मीन पर गिर गया, फिर उसकी मौत हो गई। भोजन करने और अचानक मौत के बीच की कड़ी को देखते हुए जहर दिए जाने की आशंका जताई जा रही है। लेकिन , आधिकारिक जांच रिपोर्ट का ना होना , दिल का दौरा या कोई मेडिकल इमरजेंसी वाली संभावना को पूरी तरह खारिज भी नहीं करता।
घाटी के मृत आतंकियों की वित्तीय मदद से लेकर 26/11 तक का कनेक्शन
लश्कर-ए-तैयबा के भीतर अब्दुल अजीज की भूमिका काफी अहम बताई जाती रही थी। उसका काम जम्मू-कश्मीर में मुठभेड़ों में मारे गए आतंकियों के परिवारों के साथ संपर्क बनाये रखना , और उन्हें नियमित वित्तीय सहायता पहुँचाना था। इसके अलावा , 2008 के भयावह मुंबई 26/11 आतंकी हमलों (जहां 166 निर्दोष नागरिकों की जान गई थी) की साजिश से जुड़े लश्कर नेटवर्क में भी उसका नाम बड़े स्तर पर शामिल रहा। इसी पृष्ठभूमि के चलते , उसकी रहस्यमयी मौत ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय खुफिया एजेंसियों का ध्यान खींचा है।