सोशल मीडिया रील ने दिखाया पन्ना का रास्ता, झांसी के दंपती को खुदाई में मिले 4 हीरे
उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी गुड्डी देवी और राजकुमार श्रीवास सोशल मीडिया पर पन्ना की हीरा खदानों की रील देखकर यहां पहुंचे। खदान का पट्टा लेकर खुदाई शुरू की तो उन्हें 5.16 कैरेट वजन के चार हीरे मिले। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। अब हीरे सरकारी नीलामी में रखे जाएंगे।

पन्ना हीरा खदान में झांसी के दंपती को मिले चार हीरे
Panna Diamond News: सोशल मीडिया पर पन्ना की हीरा खदानों से जुड़ी रील्स देखकर मध्य प्रदेश पहुंचे उत्तर प्रदेश के झांसी निवासी दंपती की किस्मत चमक गई। गुड्डी देवी और राजकुमार श्रीवास ने पन्ना में खदान का पट्टा लेकर खुदाई शुरू की थी। तलाश के दौरान उन्हें कुल चार हीरे मिले, जिनका संयुक्त वजन 5.16 कैरेट बताया गया है। इनकी अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये आंकी गई है।
रील से मिला आइडिया, पन्ना पहुंचा दंपती
सूत्रों के मुताबिक, झांसी के रहने वाले गुड्डी देवी और उनके पति राजकुमार श्रीवास ने सोशल मीडिया पर पन्ना की हीरा खदानों से जुड़ी कई वीडियो और रील्स देखी थीं। इन वीडियो में लोगों को खदानों से हीरे मिलने और उनकी किस्मत बदलने की कहानियां दिखाई गई थीं। इन्हीं पोस्ट और वीडियो ने दंपती की उत्सुकता बढ़ाई। उन्होंने तय किया कि क्यों न पन्ना जाकर खुद भी हीरे की तलाश की जाए। इसके बाद दोनों पन्ना पहुंचे और निर्धारित प्रक्रिया के तहत खदान का पट्टा लेकर हीरे की तलाश शुरू कर दी।
एक साथ मिले चार हीरे
बता दें, पन्ना पहुंचने के बाद दंपती ने खदान में खुदाई और मिट्टी की छंटाई का काम शुरू किया। इसी दौरान उनकी मेहनत का नतीजा सामने आया और उन्हें एक-दो नहीं, बल्कि चार हीरे मिले। इन चारों हीरों का कुल वजन 5.16 कैरेट बताया गया है। हीरे मिलने की जानकारी सामने आते ही दंपती ने उन्हें नियमों के मुताबिक पन्ना के हीरा कार्यालय में जमा करा दिया। इन हीरों की अनुमानित कीमत करीब 12 लाख रुपये है। हालांकि यह अंतिम बिक्री कीमत नहीं है। वास्तविक कीमत सरकारी नीलामी में लगने वाली बोली के बाद तय होगी।
हीरा कार्यालय में जमा कराए गए रत्न
वहीं, चारों हीरों का मूल्यांकन पूरा कर लिया गया है। अब इन्हें आगामी सरकारी हीरा नीलामी में रखा जाएगा। नीलामी में देश के अलग-अलग हिस्सों से कारोबारी हिस्सा लेकर इन हीरों पर बोली लगाएंगे। नीलामी से मिलने वाली रकम में से निर्धारित टैक्स और अन्य शुल्क काटे जाएंगे। इसके बाद बची राशि का अधिकांश हिस्सा दंपती को दिया जाएगा।





