Chamoli Disaster Security Update: पीपलकोटी टनल हादसे में सेना और NDRF का संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन, 7 मजदूरों की मौत
चमोली के पीपलकोटी में निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद पुलिस, सेना और NDRF ने मोर्चा संभाल लिया है। 7 मजदूरों की मौत के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां टनल में फंसे बाकी 3 मजदूरों को सुरक्षित निकालने के लिए 15 घंटे से लगातार ऑपरेशन चला रही हैं।
Chamoli Tunnel Accident
उत्तराखंड के चमोली जिले (पीपलकोटी) में मायापुर के पास एक निर्माणाधीन जलविद्युत परियोजना की टनल में हादसा हो जाने के बाद अब यहां भारी सुरक्षा बल लगा दिए गए हैं। गुरुवार 13 अगस्त की शाम करीब 7 बजे अचानक टनल के अंदर पानी और मलबा घुस आया, और इस वजह से कई मजदूर वहीं फंस गए थे । जैसे ही सूचना मिली, पुलिस, जिला प्रशासन और आपदा प्रबंधन की टीमों ने तुरंत मोर्चा संभाला। इस हादसे में अभी तक 7 मजदूरों की मौत बताई जा रही है। सुरक्षा एजेंसियां बाकी बचे 3 मजदूरों को निकालने के लिए लगभग 15 घंटे से लगातार ऑपरेशन कर रही हैं।
सुरक्षा घेरे में घटनास्थल, NDRF-सेना का कमान संभालना
घटना के फौरन बाद पुलिस ने पूरे घटनास्थल को अपने सुरक्षा घेरे में ले लिया, ताकि रेस्क्यू के दौरान कोई बाहरी अड़चन न बने । बचाव अभियान की कमान NDRF, SDRF, ITBP, सेना, पुलिस और फायर सर्विस के अलग-अलग दलों के हाथों में है। अतिरिक्त बैकअप के लिए गौचर और जोशीमठ की भी सुरक्षा व रेस्क्यू टीमें मौके पर बुला ली गईं। जिला प्रशासन की टीम लगातार अभियान की मॉनिटरिंग कर रही है। अधिकारियों के अनुसार भूस्खलन और भारी मलबे की वजह से अंदर जाना काफी जोखिम भरा है, इसलिए पहले मलबा हटाकर सुरक्षित मार्ग तैयार किया जा रहा है ।
सीएम धामी का दौरा: सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा
सुरक्षा और रेस्क्यू कार्य को लेकर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी शुक्रवार 14 अगस्त को पीपलकोटी पहुंचे। उन्होंने टनल के अंदर जाकर हालात देखे और वहां मौजूद सेना तथा अन्य एजेंसियों के अधिकारियों से जानकारी ली। सीएम ने साफ कहा कि रेस्क्यू में लगे जवानों और टनल में फंसे मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए काम तेजी से किया जाए। इसके बाद वे गोपेश्वर अस्पताल के लिए रवाना हो गए।
घायलों की सुरक्षा और इलाज के पुख्ता इंतजाम
पुलिस प्रशासन ने घायलों को जल्द अस्पताल पहुंचाने के लिए सुरक्षित कॉरिडोर बनाया। अब तक 14 मजदूरों को बाहर निकाला जा चुका है। इनमें 13 का इलाज गोपेश्वर के जिला अस्पताल में चल रहा है, जबकि एक गंभीर घायल को श्रीनगर के हायर सेंटर भेज दिया गया है। अस्पताल के आसपास भी पुलिस की चौकसी बढ़ा दी गई है ताकि इलाज में किसी तरह की दिक्कत न हो।
7 मृतकों के नाम सामने, पहचान का काम जारी
पुलिस और जिला प्रशासन की टीम के मुताबिक अब तक 7 शव बरामद किए गए हैं। इनमें प्रदीप सिंह पंवार (गेंवाल, टिहरी), मुकेश उर्गम (चमोली), विजय और जितेंद्र कुमार (झारखंड), दुर्लभ शर्मा (बिहार), लोकेश्वर और भुनेश्वर शामिल हैं। पुलिस प्रशासन ने कहा कि आधिकारिक पुष्टि और कानूनी प्रक्रियाओं जैसे पोस्टमार्टम के बाद ही व्यक्तिगत विवरण को अंतिम रूप दिया जाएगा। केंद्र सरकार ने भी इस संयुक्त सुरक्षा और बचाव मिशन के लिए हर जरूरी मदद देने का भरोसा जताया है ।