दमोह में शराब के खिलाफ सड़क पर उतरीं महिलाएं, बोतलें फोड़ीं; गांव में अब पीने-बेचने पर जुर्माना
दमोह के बासनी गांव में अवैध शराब बिक्री के खिलाफ महिलाओं ने सड़क पर उतरकर विरोध किया और घरों में छिपाई शराब की बोतलें फोड़ दीं। पंचायत की मौजूदगी में शराब पीकर हंगामा या मारपीट करने पर 5100 रुपए और अवैध बिक्री पर 11000 रुपए जुर्माना तय किया गया।
महिलाओं ने सड़क में तोड़ी शराब की बोतलें
Fine for Drinking Alcohol: दमोह जिले के बासनी गांव में शराब को लेकर महिलाओं का गुस्सा सड़क पर नजर आया। गुरुवार दोपहर बड़ी संख्या में महिलाओं ने गांव में अवैध शराब की बिक्री के खिलाफ विरोध जताया। महिलाओं का आरोप है कि शराब की वजह से घरों में विवाद बढ़ रहे हैं और नशे में पति मारपीट तक करते हैं। विरोध के दौरान महिलाओं ने घरों में छिपाकर रखी गई शराब की बोतलें बाहर निकालीं और सड़क पर फोड़ दीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और ग्रामीणों से बातचीत की।
शराब की बोतलें सड़क पर तोड़ीं
सूत्रो के मुताबिक, पुलिस के पहुंचने से पहले ही महिलाओं का आक्रोश काफी बढ़ चुका था। उन्होंने अपने घरों में रखी शराब के पाव बाहर लाकर सड़क पर तोड़ दिए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया है। महिलाओं का कहना है कि गांव में अवैध तरीके से शराब पहुंचने और बिकने के कारण परिवारों पर इसका असर पड़ रहा है। उनका आरोप है कि शराब पीने के बाद कुछ पुरुष घर में विवाद और मारपीट करते हैं।
पंचायत की मौजूदगी में तय हुआ जुर्माना
बता दें, मामले की जानकारी मिलने पर सागर नाका और नरसिंहगढ़ चौकी से पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। सरपंच पारसमणी चन्दन सिंह की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। ग्रामीणों के स्तर पर तय किया गया कि गांव में शराब पीकर हंगामा करने या नशे में किसी से मारपीट करने वाले व्यक्ति पर 5,100 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। वहीं, गांव में अवैध तरीके से शराब बेचने वालों के लिए 11,000 रुपए का जुर्माना तय किया गया है।
देवरान की दुकान से गांव तक पहुंच रही शराब
ग्रामीणों के मुताबिक, बासनी गांव के आसपास शराब की वैध दुकान देवरान में है। कुछ लोग वहां से शराब लाकर बासनी में अवैध रूप से बेचते हैं। इसी वजह से गांव की महिलाओं में लंबे समय से नाराजगी बनी हुई है। महिलाओं ने अवैध बिक्री पर रोक लगाने और गांव में शराब की आवाजाही नियंत्रित करने की मांग की है।
पुलिस ने गश्त बढ़ाने की बात कही
नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी विक्रम दांगी ने बताया कि बासनी में बड़ी संख्या में आदिवासी परिवार रहते हैं। गांव में अवैध शराब की बिक्री को लेकर महिलाओं ने परेशानी जताई है। गांव में निगरानी और गश्त बढ़ाई जाएगी। अवैध रूप से शराब बेचने वालों के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करने की बात भी कही गई है।
महिलाओं के विरोध से शुरू हुई नई पहल
वहीं, बासनी में महिलाओं के विरोध के बाद गांव में शराब पीकर हंगामा और अवैध बिक्री रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर जुर्माने का फैसला किया गया है। अब इस व्यवस्था को कितना प्रभावी ढंग से लागू किया जाता है, यह पुलिस और ग्रामीणों की आगे की कार्रवाई पर निर्भर करेगा।


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