International Energy Conference 2026: रीवा से मुरैना तक सौर परियोजनाओं ने बढ़ाई MP की पहचान, CM मोहन यादव ने गिनाईं उपलब्धियां
इंटरनेशनल ऊर्जा सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मध्य प्रदेश की प्रमुख सौर परियोजनाओं, ग्रीन एनर्जी निवेश और भविष्य की ऊर्जा रणनीति पर बड़ी जानकारी साझा की।
CM Moahan Yadav in International Energy Conference 2026
मध्य प्रदेश में, नई दिल्ली के अंदर 7वें इंटरनेशनल ऊर्जा सम्मेलन 2026 में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश ग्रीन एनर्जी वाले दायरे में, सच में तेजी से नई पहचान गढ़ रहा है, कुछ ऐसा ही माहौल था। उन्होंने यह भी बताया कि यहां की सौर ऊर्जा की परियोजनाएं, निवेश-अनुकूल नीतियां और आधुनिक ऊर्जा अवसंरचना—ये सब मिलकर देश के ऊर्जा परिवर्तन में काफी अहम निभा रही हैं, बस यही नहीं सम्मेलन में ऊर्जा सुरक्षा, हरित तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा निवेश को लेकर भी विस्तार से बातें हुईं, और सभी ने सुना
रीवा सोलर परियोजना बनी देश के लिए मिसाल, जैसा लगा
मुख्यमंत्री ने कहा कि 750 मेगावाट की रीवा अल्ट्रा मेगा सौर परियोजना ने देश में पहली बार यह धारणा पुख्ता की, कि सौर ऊर्जा का टैरिफ कोयला आधारित बिजली से भी कम हो सकता है। फिर 1,500 मेगावाट आगर-शाजापुर-नीमच सौर परियोजना की बात करें, तो उसमें 2.14 रुपये प्रति यूनिट का रिकॉर्ड न्यूनतम टैरिफ हासिल हुआ, और इससे मध्य प्रदेश की सौर ऊर्जा वाली छवि और ज्यादा मजबूत हुई, मान लीजिए
फ्लोटिंग सोलर और बैटरी स्टोरेज पर भी तेज गति
उन्होंने आगे कहा कि राज्य में 278 मेगावाट क्षमता वाली देश की सबसे बड़ी फ्लोटिंग सोलर परियोजना का लोकार्पण हो चुका है। इसके अलावा मुरैना में 440 मेगावाट सौर ऊर्जा के साथ 880 मेगावाट-घंटा बैटरी ऊर्जा भंडारण परियोजना पर काम तेजी से चल रहा है, लगातार। इन कामों से आने वाले समय में स्वच्छ ऊर्जा की सप्लाई, और साथ में ऊर्जा भंडारण की ताकत भी बढ़ेगी
ग्रीन एनर्जी में निवेश लगातार बढ़ता ही जा रहा
मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले 12 सालों में राज्य की नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता 438 मेगावाट से बढ़कर 11,000 मेगावाट तक पहुंच गई है। बीते दो वर्षों में नवीकरणीय ऊर्जा, पंप्ड हाइड्रो ऊर्जा भंडारण और बायोमास से जुड़े नई नीतियां लागू की गईं। नतीजा ये हुआ कि ऊर्जा क्षेत्र में निवेश, तकनीकी नवाचार और रोजगार के नए रास्ते, तीनों की रफ्तार बढ़ गई
किसानों की भागीदारी से विस्तार भी होगा
उन्होंने कहा कि सूर्य मित्र कृषि फीडर योजना के तहत लगभग 14,900 मेगावाट क्षमता के प्रस्ताव मिले हैं। इसमें किसानों के साथ-साथ एमएसएमई क्षेत्र की सक्रिय सहभागिता भी साफ दिख रही है। मुख्यमंत्री ने यह भी जोड़ा कि मध्य प्रदेश 2030 तक 500 गीगावॉट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता वाले राष्ट्रीय लक्ष्य में, खास योगदान देने के लिए तेज़ी से आगे बढ़ रहा है, और कदम स्थिर हैं