Weather Update: देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़ और लैंडस्लाइड का खतरा
देश के कई राज्यों में भारी बारिश, बाढ़, बिजली गिरने और लैंडस्लाइड से जनजीवन प्रभावित है। मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किया है।
Weather Update
नई दिल्ली, देश के कई राज्यों में लगातार हो रही तेज बारिश अब सच में लोगों के लिए बड़ी मुसीबत बन गई है, झारखंड, उत्तर प्रदेश, केरल, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, बिहार और राजस्थान वगैरह कई जगहों पर बारिश, बिजली गिरने, बाढ़ और लैंडस्लाइड वाली दिक्कतें देखी गई हैं। जनजीवन पर असर ऐसा पड़ा है कि जगह जगह हालात बिगड़ गए, कई इलाकों में मौत भी हुई, हजारों लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंचाए गए और सैकड़ों सड़कें सचमुच बंद पड़ीं। मौसम विभाग ने रेड , ऑरेंज , और येलो अलर्ट कई राज्यों के लिए दिए हैं, और लोगों से कहा है कि वे सतर्क रहें, थोड़ा भी ढिलाई न बरतें।
झारखंड और उत्तर प्रदेश में बिजली गिरने से कई जानें गईं
झारखंड में मंगलवार को अलग अलग बिजली गिरने की घटनाओं में 14 लोगों की मौत हो गई, जबकि 8 लोग घायल बताए गए। मरने वालों में सबसे ज्यादा 9 गिरिडीह जिले में हुए। इसके बाद दुमका में 3 और लातेहार में 2 लोगों की जान चली गई।
गिरिडीह के देवरी थाना इलाके में कुछ युवक खेल खत्म होने के बाद एक जगह बैठे थे, तभी आकाशीय बिजली गिर गई, और देखते देखते पांच युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, साथ ही तीन अन्य घायल भी हो गए। मृतकों में चार युवक 18 से 20 वर्ष की उम्र के थे।
उधर उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर में दो बच्चों की गड्ढे में डूब जाने से मौत हुई, जबकि 25 वर्षीय एक युवक की जान बिजली गिरने से चली गई।
केरल में बारिश , बाढ़ और जलभराव से स्थिति काफी गंभीर
केरल में 1 अगस्त से लगातार हो रही बारिश ने बड़ा नुकसान किया है। अब तक 25 लोगों की मौत हो चुकी है और चार लोग लापता बताए गए हैं। बाढ़ और पानी भर जाने की वजह से हजारों लोगों को अपने घरों से निकलकर राहत वाले स्थानों पर जाना पड़ा।
राज्य सरकार के मुताबिक 18 हजार से ज्यादा लोग राहत शिविरों में हैं। पथनमथिट्टा, कोट्टायम और अलप्पुझा जिलों में असर ज्यादा कहा गया है। प्रशासन राहत और बचाव कार्य में लगा हुआ है और लोगों से सुरक्षित जगह पर रहने की अपील की जा रही है।
हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में लैंडस्लाइड से यातायात जाम, कई रास्ते रोक
हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में लगातार बारिश के चलते भूस्खलन और लैंडस्लाइड वाली घटनाएं बढ़ गई हैं। दोनों राज्यों में 300 से अधिक सड़कें बंद बताई गईं, इनमें हिमाचल में 160 से ज्यादा और उत्तराखंड में 100 से अधिक मार्ग शामिल हैं।
हिमाचल में चंडीगढ़-मनाली फोरलेन पर भूस्खलन के चलते हाईवे करीब दो घंटे तक बंद रहा। इसके अलावा राज्य में 190 बिजली ट्रांसफॉर्मर और 58 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित होने की बात कही गई।
उत्तराखंड में लगातार बरसात की वजह से देहरादून और बागेश्वर में 12वीं तक के सभी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया गया है। कई बड़े मार्गों पर ट्रैफिक भी प्रभावित हो रहा है।
उत्तर प्रदेश और बिहार में बाढ़ का खतरा फिर बढ़ता दिख रहा
उत्तर प्रदेश के बिजनौर और फर्रुखाबाद में गंगा नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। 40 से अधिक गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं, और कई स्थानों पर नदी का पानी सीधे हाईवे के ऊपर से बहते हुए दिखा।
शामली में तेज बहाव की वजह से एक कार बह गई, वहीं अंडरपास में फंसी स्कूल बस को ट्रैक्टर की मदद से सुरक्षित निकालने की सूचना है।
बिहार की तरफ देखें तो मानसून एक बार फिर सक्रिय हुआ है। मौसम विभाग ने पूरे राज्य के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। सुपौल और अररिया में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है। अगले 24 घंटे के दौरान पटना, मुजफ्फरपुर, दरभंगा, मधुबनी, पूर्णिया, किशनगंज, और कई और जिलों में तेज बारिश की आशंका जताई गई है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदला सा
राजस्थान में मानसून फिर से जोर पकड़ता दिख रहा है। मौसम विभाग ने 17 जिलों के लिए बारिश का अलर्ट जारी किया है। करौली, भरतपुर, अलवर और हनुमानगढ़ जैसे जिलों में दो इंच से ज्यादा बारिश दर्ज हुई। इससे दिन के तापमान में करीब पांच डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट का अनुमान बताया गया है।
मध्य प्रदेश में इस मानसून सीजन अब तक औसत से लगभग 18 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पिछले कुछ दिनों से बहुत भारी बारिश नहीं हुई, लेकिन मौसम विभाग ने ग्वालियर-चंबल, सागर और रीवा संभाग के कुछ जिलों में भारी बारिश की संभावना बताई है।
बिहार और झारखंड में बिजली गिरने की घटनाएं ज्यादा क्यों हैं, वजह क्या है?
भारतीय मौसम विभाग के मुताबिक मानसून के दौरान बंगाल की खाड़ी से आने वाली नम हवाएं और जमीन की तेज गर्मी साथ मिलकर गरज वाले, घने बादल तैयार करती हैं। ऐसे में बिजली गिरने की घटनाएं बढ़ जाती हैं।
बिहार और झारखंड में बहुत से लोग खेती से जुड़े हैं और बारिश के समय खुले खेतों में काम करते हैं, इसलिए खतरा ज्यादा हो जाता है। NDMA के अनुसार खुले मैदानों में, पेड़ों के नीचे, या ऊंचे स्थानों पर रहने वाले लोगों की बिजली की चपेट में आने की संभावना तुलनात्मक रूप से अधिक मानी जाती है।
मौसम विभाग ने कई राज्यों में अलर्ट जारी किए
भारतीय मौसम विभाग ने असम और मेघालय के लिए रेड अलर्ट दिया है। वहीं उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, बिहार, पश्चिम बंगाल, अरुणाचल प्रदेश, ओडिशा, गोवा, और मध्य महाराष्ट्र के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।
जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, दिल्ली, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, झारखंड, हरियाणा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु और पुड्डुचेरी में येलो अलर्ट लागू है।
मौसम विभाग ने लोगों से कहा है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें, और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का ठीक से पालन करें।