NEET-UG विवाद: सरकार ने बातचीत के लिए बढ़ाया हाथ, छात्र संगठन और विपक्ष शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर अड़े
NEET-UG पेपर लीक विवाद पर केंद्र सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्र संगठन और विपक्ष से बातचीत की अपील की है। हालांकि छात्र संगठन और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर कायम हैं।

Students Protest at Jantar Mantar Over NEET UG Issue
बातचीत की पहल, लेकिन गतिरोध बरकरार
NEET-UG पेपर लीक मामले को लेकर केंद्र सरकार और प्रदर्शनकारी छात्र संगठन के बीच जारी गतिरोध अभी खत्म होता नहीं दिख रहा है। सरकार ने एक बार फिर बातचीत की पेशकश की है, लेकिन छात्र संगठन और विपक्ष केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग पर अड़े हुए हैं।
सरकार ने कहा- बातचीत के लिए दरवाजे खुले हैं
केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार छात्रों से बातचीत के लिए पूरी तरह तैयार है। उन्होंने बताया कि पिछले 24 घंटों में प्रदर्शनकारी छात्र संगठन CJP को कम से कम चार बार वार्ता के लिए आमंत्रित किया गया है। उन्होंने कहा कि छात्र चाहें तो केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जे.पी. नड्डा के आवास या कार्यालय में आकर बातचीत कर सकते हैं।
छात्र संगठन ने रखी अपनी शर्त
CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने कहा कि यदि सरकार बातचीत चाहती है तो मंत्री जंतर-मंतर या संविधान क्लब जैसे किसी तटस्थ स्थान पर आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि संगठन की ओर से बातचीत से इनकार नहीं है, लेकिन अब तक सरकार की ओर से सीधे संपर्क नहीं किया गया है।
संगठन ने यह भी स्पष्ट किया कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। इसके साथ ही शुक्रवार को देशभर में विरोध प्रदर्शन का भी आह्वान किया गया है।
संसद में चौथे दिन भी हंगामा
इस मुद्दे को लेकर संसद के दोनों सदनों में लगातार चौथे दिन भी गतिरोध बना रहा। विपक्षी दलों ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग दोहराई, जबकि सत्तापक्ष ने विपक्ष पर चर्चा से बचने का आरोप लगाया।
संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष से बिना किसी पूर्व शर्त के चर्चा में शामिल होने की अपील की। वहीं विपक्षी दलों ने पहले शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पूरी करने की बात दोहराई।
संसद परिसर में आमने-सामने आए सत्ता और विपक्ष
संसद परिसर के मकर द्वार पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के सांसदों ने एक-दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष की ओर से सोनिया गांधी, राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खरगे, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और सुप्रिया सुले सहित कई नेता मौजूद रहे।
वहीं भाजपा और एनडीए की ओर से मनोज तिवारी, संजय झा, दिलीप सैकिया और अन्य सांसदों ने विपक्ष पर संसद की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया।
दोनों पक्षों ने लगाए एक-दूसरे पर आरोप
प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर युवाओं के मुद्दों को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया। राहुल गांधी ने भी शिक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र सरकार की आलोचना की।
वहीं भाजपा सांसदों ने विपक्ष से संसद में चर्चा में भाग लेने की अपील करते हुए कहा कि छात्रों के मुद्दे पर राजनीति नहीं होनी चाहिए।




