सरकारी आदेश जारी: मुरैना की कैलारस शुगर मिल की लीज के लिए गाइडलाइन और डेडलाइन तय
मुरैना की कैलारस शुगर मिल को लीज पर देने के लिए एमएसएमई विभाग ने सख्त नियम और गाइडलाइन जारी कर दिए हैं। 30 साल की लीज के लिए 15 सितंबर तक ऑनलाइन प्रस्ताव मांगे गए हैं।

CM मोहन यादव सरकार ने शुरू की लीज प्रक्रिया
मुरैना जिले में लंबे समय से बंद पड़ी कैलारस शुगर मिल को दोबारा शुरू करने की आधिकारिक कवायद तेज हो गई है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सख्त निर्देश के बाद एमएसएमई विभाग ने मिल को लीज पर देने की नियमबद्ध प्रक्रिया शुरू कर दी है। सरकार को उम्मीद है कि मिल के दोबारा चालू होने से इलाके में औद्योगिक गतिविधियों को कानूनन बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के नए सुरक्षित अवसर भी बनेंगे।
कैबिनेट के अहम फैसले के बाद लागू हुई गाइडलाइन
कैलारस शुगर मिल के स्वामित्व को लेकर 19 अगस्त को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में अहम फैसला लिया गया था। इसके तहत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए मिल की जमीन और संपत्तियों को एमएसएमई विभाग को हस्तांतरित किया गया। इसके बाद अब मिल को फिर से शुरू करने के लिए निवेशकों और इच्छुक कंपनियों से टेंडर प्रस्ताव मांगे गए हैं।
30 साल की लीज पर 'जैसी है, जहां है' के नियम पर मिलेगी मिल
एमएसएमई विभाग के जारी आदेश के मुताबिक कैलारस शुगर मिल को 'जैसी है, जहां है' के आधार पर लीज पर देने की योजना है। मिल की शुरुआती लीज अवधि 30 साल तय की गई है। काम और परियोजना की जरूरत के आधार पर इसे नियमतः आगे बढ़ाने का प्रावधान भी रखा जा सकता है। सरकार का उद्देश्य ऐसी कंपनी या निवेशक का चयन करना है, जो मिल को दोबारा नियमों के तहत संचालित कर सके।
15 सितंबर तक ऑनलाइन जमा होंगे टेंडर प्रस्ताव
मिल को लीज पर लेने के इच्छुक निवेशकों और कंपनियों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इच्छुक पक्ष आधिकारिक पोर्टल के माध्यम से पूरी सुरक्षा के साथ अपने प्रस्ताव जमा कर सकते हैं। कैलारस शुगर मिल के पुनरुद्धार के लिए ऑनलाइन प्रस्ताव जमा करने की अंतिम डेडलाइन 15 सितंबर तय की गई है।
निवेशक आधिकारिक रूप से कर सकेंगे साइट का निरीक्षण
प्रस्ताव देने से पहले इच्छुक निवेशकों को मिल की स्थिति और उपलब्ध संसाधनों को समझने का आधिकारिक मौका दिया जाएगा। इसके लिए बाकायदा साइट निरीक्षण की व्यवस्था भी की गई है। यह मिल मुरैना जिले में एनएच-552 पर रेलवे स्टेशन के पास स्थित है। यहां फैक्ट्री बिल्डिंग, प्लांट और मशीनरी के साथ करीब 12.86 हेक्टेयर जमीन उपलब्ध है, जिसका मुआयना किया जा सकता है।
दोबारा शुरू हुई तो व्यापारिक क्षेत्र को मिलेगा फायदा
कैलारस शुगर मिल के दोबारा शुरू होने से आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित आर्थिक फायदा मिलने की उम्मीद है। मिल के संचालन से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। इसके साथ ही गन्ने से जुड़े किसानों, स्थानीय कारोबारियों और परिवहन क्षेत्र को भी नियमों के दायरे में रहकर फायदा मिलने की संभावना है।
सरकार का फोकस बंद उद्योगों को नियम से चलाने पर
राज्य सरकार बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयों को दोबारा कानूनी रूप से शुरू करने और उपलब्ध संपत्तियों का बेहतर इस्तेमाल करने पर जोर दे रही है। कैलारस शुगर मिल को फिर से शुरू करने की प्रक्रिया भी इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। अब प्रशासन की नजर 15 सितंबर तक आने वाले प्रस्तावों और इसके बाद होने वाली पारदर्शी प्रक्रिया पर है।