जमीन अधिग्रहण के नियमों में बड़ा बदलाव: सहमति पर चार गुना मुआवजा देगी सरकार, 12 नई सड़कें मंजूर
मध्य प्रदेश सरकार ने भूमि अधिग्रहण की कानूनी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाते हुए आपसी सहमति से जमीन खरीदने और चार गुना मुआवजा देने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। बैठक में 3,458 करोड़ के सड़क प्रोजेक्ट्स भी पास हुए।
कैबिनेट में रुका विजय शाह पर अभियोजन स्वीकृति का प्रस्ताव
मध्य प्रदेश में विकास परियोजनाओं के लिए होने वाले भूमि अधिग्रहण को कानूनी विवादों से मुक्त और पारदर्शी बनाने के लिए राज्य कैबिनेट ने कड़े व स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं। भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि शासन अब जबरन अधिग्रहण के बजाय आपसी सहमति के आधार पर सीधे जमीन की खरीद करेगा। इस नए नियम के तहत भू-स्वामी को वर्तमान सर्किल रेट का चार गुना मुआवजा दिया जाएगा। इसके साथ ही कानून व्यवस्था और यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से सिवनी-बालाघाट फोरलेन सहित 12 नई सड़कों के निर्माण को प्रशासनिक स्वीकृति दी गई है।
कानूनी विवादों को रोकने के लिए सहमति आधारित भूमि खरीद नीति
कैबिनेट द्वारा अनुमोदित नए प्रावधानों के अनुसार, भूमि अधिग्रहण की वैधानिक प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाया गया है। अब जमीन मालिक की लिखित सहमति मिलने के बाद ही सरकारी अमला सीधे जमीन क्रय कर सकेगा और निर्धारित दर से चार गुना मुआवजा राशि सीधे खाते में ट्रांसफर करेगा। इस नियम से भू-स्वामियों के अधिकारों का संरक्षण होगा और अदालती मुकदमों के कारण वर्षों तक लटकने वाली बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जा सकेगा।
3,458 करोड़ के सिवनी-बालाघाट फोरलेन प्रोजेक्ट को सुरक्षा मानकों पर मंजूरी
यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के कड़े मानकों का पालन करते हुए कैबिनेट ने सिवनी-बालाघाट स्टेट हाईवे को फोरलेन बनाने की वैधानिक मंजूरी दे दी है। करीब 91.64 किलोमीटर लंबे इस पूरे कॉरिडोर को हाइब्रिड एन्युटी मॉडल के तहत 3,458 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से बनाया जाएगा। इस मार्ग में पेव्ड शोल्डर का निर्माण अनिवार्य किया गया है ताकि वाहनों का सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित हो सके। इसके अतिरिक्त प्रदेश भर में कनेक्टिविटी बढ़ाने के लिए 12 अन्य नई सड़कों के निर्माण को भी स्वीकृति प्रदान की गई है।
नीति आयोग के मानकों पर युवाओं के लिए कौशल व रोजगार ढांचा
बैठक में युवाओं के सुरक्षित आर्थिक भविष्य के लिए नीति आयोग की रिपोर्ट की अनुशंसाओं को लागू करने पर विधिक चर्चा हुई। मध्य प्रदेश सरकार शिक्षा और कौशल विकास को सीधे उद्योगों की रोजगार आवश्यकताओं से जोड़ने के लिए एक कानूनी और प्रशासनिक ढांचा तैयार कर रही है। इसके तहत विभिन्न संबंधित विभागों के माध्यम से युवाओं को प्रमाणित तकनीकी प्रशिक्षण दिया जाएगा ताकि उन्हें सुरक्षित व स्थायी रोजगार प्राप्त हो सके।
20 अगस्त से फार्मर आईडी का अनिवार्य सत्यापन अभियान
कृषि क्षेत्र में फर्जीवाड़े और अपात्र लाभार्थियों को रोकने के लिए सरकार ने 20 अगस्त से राज्यव्यापी 'फार्मर आईडी' निर्माण अभियान शुरू किया है। इस अभियान के तहत अधिकृत सरकारी कर्मचारी गांव-गांव पहुंचकर किसानों का सत्यापन और पहचान पत्र तैयार कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसानों से अपील की है कि वे अपनी फार्मर आईडी अवश्य बनवाएं ताकि सरकारी सब्सिडी और योजनाओं का लाभ वास्तविक और पात्र किसानों को ही पारदर्शी तरीके से मिले।
आपदा प्रबंधन दिशा-निर्देश और 90% कैबिनेट फैसलों की समीक्षा
कैबिनेट ने मानसूनी परिस्थितियों पर कानून व आपदा प्रबंधन अमले को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। भारी बारिश वाले संवेदनशील इलाकों में बचाव कार्यों को पूरी मुस्तैदी से संचालित करने और कम बारिश वाले क्षेत्रों में किसानों को सुरक्षित जल संसाधन उपलब्ध कराने के आदेश दिए गए हैं। इसके अलावा सुशासन के ऑडिट में यह तथ्य सामने आया कि सरकार के पिछले तीन वर्षों के लगभग 90 प्रतिशत फैसलों को तय विधिक नियमों के अनुसार सफलतापूर्वक लागू किया जा चुका है।