Ratlam News: फार्मर रजिस्ट्री में लापरवाही पड़ी भारी, 2 पटवारियों पर गिरी गाज; जानिए क्यों
Ratlam News: रतलाम जिले में फार्मर रजिस्ट्री का काम तय समय में पूरा नहीं करने और लगातार लापरवाही बरतने पर कलेक्टर अजय कटेसरिया ने दो पटवारियों को निलंबित कर दिया।

रतलाम में दो पटवारी निलंबित
Ratlam News: रतलाम जिले में सरकारी कामकाज में लापरवाही को लेकर प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। फार्मर रजिस्ट्री का काम अपेक्षित गति से पूरा नहीं करने पर दो पटवारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबित किए गए कर्मचारियों में जावरा तहसील के ग्राम पिपलियासीर के पटवारी महेश सिंघाड़ और सैलाना तहसील के खेड़ीकला क्षेत्र के पटवारी परमानंद खेड़ड़ा शामिल हैं। दोनों पर जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में काम की प्रगति बेहद कम रहने और अधिकारियों के निर्देशों का पालन नहीं करने के आरोप भी हैं।
30 प्रतिशत से भी कम रही प्रगति
बता दें अपर कलेक्टर बृजेंद्र रावत ने 12 अगस्त को जिले में फार्मर रजिस्ट्री के काम की समीक्षा की थी। समीक्षा के दौरान पिपलियासीर हल्के में फार्मर रजिस्ट्री की प्रगति 30 प्रतिशत से कम पाई गई। काम की धीमी रफ्तार को लेकर संबंधित पटवारी को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था। प्रशासन के मुताबिक, नोटिस मिलने के बावजूद पटवारी की ओर से कोई लिखित जवाब प्रस्तुत नहीं किया गया।
पहले भी मिल चुका था नोटिस
जानकारी के अनुसार, पटवारी महेश सिंघाड़ की कार्यप्रणाली को लेकर पहले भी शिकायतें सामने आई थीं। नायब तहसीलदार ढोढर की ओर से उनकी कार्यशैली और कथित लापरवाही को लेकर प्रतिवेदन भेजे गए थे। इसके आधार पर जावरा एसडीएम कार्यालय से उन्हें अलग-अलग मौकों पर कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया। प्रशासन के अनुसार पर्याप्त अवसर दिए जाने के बावजूद किसी भी नोटिस का लिखित जवाब नहीं दिया गया।
दूसरे पटवारी के क्षेत्र में सिर्फ 12.7% काम
वहीं सैलाना तहसील के खेड़ीकला हल्के में पदस्थ पटवारी परमानंद खेड़ड़ा के क्षेत्र में फार्मर रजिस्ट्री की स्थिति और भी कमजोर मिली। खेड़ीखूर्द और हल्दूपाड़ा गांवों में महज 12.7 प्रतिशत काम पूरा हुआ था। इस कम प्रगति का असर तहसील सैलाना की कुल कार्यप्रगति पर भी पड़ रहा था। इसे लेकर 12 अगस्त को उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन प्रशासन के मुताबिक उसका भी कोई जवाब नहीं मिला।
निलंबन के दौरान मुख्यालय से नहीं जा सकेंगे
फिलहाल प्रशासन ने दोनों पटवारियों को निलंबन अवधि में संबंधित तहसील कार्यालयों में अटैच किया है। महेश सिंघाड़ का मुख्यालय तहसील कार्यालय जावरा और परमानंद खेड़ड़ा का मुख्यालय तहसील कार्यालय सैलाना निर्धारित किया गया है। निलंबन अवधि में दोनों कर्मचारी सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति के बिना मुख्यालय नहीं छोड़ सकेंगे। प्रशासन ने यह कार्रवाई मध्य प्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1965 के तहत की है।