सतना में लगातार बारिश से बिगड़े हालात, विधायक नागेंद्र सिंह के घर में भरा पानी
सतना और मैहर में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश की एक डरावनी तस्वीर सामने आई है। नागौद विधायक नागेंद्र सिंह के घर के ग्राउंड फ्लोर में पानी भरने के बाद पूरे परिवार को ऊपरी मंजिल पर शिफ्ट होना पड़ा।
BJP विधायक नागेंद्र सिंह का घर पानी में डूबा
कहानी की शुरुआत सतना और मैहर जिले में बादलों के गरजने के साथ हुई, जिसके बाद शुरू हुआ तेज बारिश का सिलसिला लगातार जारी रहा। देखते ही देखते शहर की सड़कें और निचले इलाके पानी की चादर में समाने लगे। इसी आफत के बीच नागौद से बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह के घर तक भी पानी का सैलाब पहुंच गया। मकान के निचले हिस्से में इतनी तेजी से पानी भरा कि परिवार को संभलने का मौका तक नहीं मिला और पूरे परिवार को आनन-फानन में घर की ऊपरी मंजिल पर जाकर शरण लेनी पड़ी।
ग्राउंड फ्लोर में पानी भरते ही खराब हुआ कीमती सामान
जैसे-जैसे बारिश बढ़ती गई, विधायक आवास के ग्राउंड फ्लोर में पानी का स्तर ऊपर चढ़ने लगा। देखते ही देखते कमरे, हॉल में रखा फर्नीचर और रोजमर्रा का दूसरा सामान पानी में तैरने लगा। इस अप्रत्याशित जलभराव ने परिवार के सामने भारी मुश्किलें खड़ी कर दीं और रोजमर्रा का जीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया। यह मंजर सिर्फ विधायक के घर का नहीं था, बल्कि उनके आसपास के कई पड़ोसी इलाके भी इसी तरह जलमग्न हो चुके थे, जिसके बाद प्रशासन की टीमों ने मौके पर आकर पानी निकालने का काम शुरू किया।
पानी उतरने से पहले शुरू हो गई निर्माण पर चर्चा
जब विधायक के घर में पानी भरने की खबर फैली, तो स्थानीय स्तर पर एक नई कहानी शुरू हो गई। लोग नदी के किनारे बने इस मकान के निर्माण और ड्रेनेज सिस्टम के तालमेल पर सवाल उठाने लगे। मोहल्ले और शहर में यह चर्चा छिड़ गई कि नदी के आसपास मकान बनाते समय जल निकासी के प्राकृतिक रास्तों का ध्यान रखा गया था या नहीं। कुछ लोगों का कहना था कि रास्तों में रुकावट आने से ही पानी का यह जमावड़ा हुआ है, हालांकि इस दावे पर अभी तक किसी अधिकारी की मुहर नहीं लगी है।
विधायक नागेंद्र सिंह ने सामने आकर रखी अपनी बात
इन उठते सवालों और फुसफुसाहटों के बीच खुद बीजेपी विधायक नागेंद्र सिंह ने स्थिति साफ करते हुए अपना पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि उनका मकान कोई रातों-रात या नियमों को ताक पर रखकर नहीं बनाया गया है। उन्होंने संबंधित निकाय से सभी औपचारिक और जरूरी अनुमतियां लेने के बाद ही निर्माण कराया था। निर्माण के हर चरण में सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पूरी निष्ठा से पालन किया गया था।
कहानी अभी बाकी है, आने वाले दिन ला सकते हैं नई मुसीबत
फिलहाल सतना और मैहर के आसमान में अभी भी घने बादल छाए हुए हैं और प्रशासन के सामने राहत पहुंचाने की भारी चुनौती खड़ी है। जलभराव वाले मोहल्लों से पानी निकालने के लिए पंप लगातार चलाए जा रहे हैं और लोगों को निचले इलाकों से सुरक्षित रहने की चेतावनी दी जा रही है। जिस तरह से मौसम का मिजाज बना हुआ है, उससे लगता है कि आने वाले दिनों में अगर बारिश नहीं थमी तो यह संकट और गहरा सकता है।