जन्माष्टमी पर MP के 81 कृष्ण मंदिरों में सुरक्षा के कड़े निर्देश, CM हाउस में 4 सितंबर को विशेष पहरा
मध्य प्रदेश में जन्माष्टमी पर कानून व्यवस्था और सुरक्षा को लेकर कड़े निर्देश जारी किए गए हैं। 81 मंदिरों और सीएम हाउस में होने वाले विशेष कार्यक्रम के लिए जिला प्रशासन और पुलिस बल को अलर्ट पर रखा गया है।

कृष्ण के स्वरूपों में सीएम हाउस पहुंचेंगे एक हजार बच्चे
मध्य प्रदेश शासन और गृह विभाग ने आगामी जन्माष्टमी पर्व पर कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखने के लिए विस्तृत सुरक्षा दिशा-निर्देश जारी किए हैं। राज्य के सभी जिलों में स्थित लगभग 81 प्रमुख कृष्ण मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर विशेष सुरक्षा घेरा तैयार किया जाएगा। यहां आयोजित होने वाले भजन-कीर्तन और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में उमड़ने वाली भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जिला पुलिस और प्रशासन को पुख्ता व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के सख्त आदेश दिए गए हैं।
श्रीकृष्ण पाथेय न्यास का सहयोग और प्रशासनिक निगरानी
पर्व के दौरान व्यवस्थाएं चाक-चौबंद रखने के लिए श्रीकृष्ण पाथेय न्यास, भोपाल के जरिए सभी जिला कलेक्टरों और पुलिस अधीक्षकों को प्रोटोकॉल सौंपे गए हैं। आयोजनों में बैरिकेडिंग, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और निगरानी व्यवस्था के लिए प्रत्येक जिले को न्यास द्वारा एक-एक लाख रुपए तक की राशि उपलब्ध कराई जा सकेगी।
4 सितंबर को मुख्यमंत्री निवास पर सुरक्षा का कड़ा घेरा
राजधानी भोपाल स्थित मुख्यमंत्री निवास पर 4 सितंबर को प्रस्तावित विशेष समारोह के लिए बहुस्तरीय सुरक्षा प्रबंध किए जा रहे हैं। इस आयोजन में 1000 से अधिक बच्चे बाल कृष्ण के रूप में अपने परिजनों के साथ पहुंचेंगे, जिसके चलते प्रवेश द्वारों पर मेटल डिटेक्टर, चेकिंग और विशेष सत्यापन व्यवस्था लागू रहेगी।
नियंत्रित मटकी फोड़ और सांस्कृतिक गतिविधियों पर निगरानी
समारोह के दौरान मटकी फोड़, लोकनृत्य और भक्ति गायन के दौरान सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन कराया जाएगा। लड्डू गोपाल और भगवान कृष्ण के बाल स्वरूप के प्रसंगों पर केंद्रित गतिविधियों के दौरान सुरक्षाकर्मी मुस्तैद रहेंगे और माखन-मिश्री वितरण के समय भीड़ नियंत्रण के विशेष उपाय लागू रहेंगे।
स्कूलों में सुरक्षा नियमों के साथ प्रतियोगिताएं
स्कूल शिक्षा विभाग को निर्देशित किया गया है कि शैक्षणिक संस्थानों में आयोजित होने वाली मटकी प्रतियोगिता, बांसुरी वादन, जीवंत झांकी और भाषण प्रतियोगिताओं के दौरान विद्यार्थियों की सुरक्षा का पूरा ध्यान रखा जाए। छोटे बच्चों को मंच पर प्रस्तुतियां देते समय शिक्षकों और सुरक्षा प्रभारियों की सीधी निगरानी अनिवार्य की गई है।
मठ-मंदिरों में विशेष निगरानी, स्वच्छता और महाआरती
जिलों के सभी प्रमुख कृष्ण मंदिरों, मठों और संवेदनशील देवालयों की साज-सज्जा के साथ पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। सार्वजनिक चौराहों पर स्वच्छता, मटकी सज्जा और झांकी स्थलों पर सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से नजर रखी जाएगी। दीप प्रज्ज्वलन और सामूहिक आरती के समय अग्निशमन और आकस्मिक निकासी के स्पष्ट इंतजाम रहेंगे।