रामायण के ‘मंगल रंग’ पर बवाल! धुन से लेकर शादी की रस्म पर उठे सवाल; जानिए क्या है पूरा मामला?
फिल्म रामायण के गाने ‘मंगल रंग’ को लेकर सोशल मीडिया पर बहस छिड़ गई है। कुछ यूजर्स एआर रहमान की धुन को कव्वाली और सूफी संगीत से जोड़कर सवाल उठा रहे हैं। वहीं, विवाह के एक दृश्य को हल्दी की जगह मिथिला की चुमावन रस्म बताए जाने की चर्चा भी हो रही है।


फिल्म रामायण का नया गाना ‘मंगल रंग’ विवादों में आ गया है।
Mangal Rang Song Controversy: रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म रामायण का गाना ‘मंगल रंग’ सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर चर्चा का बिषय बना हुआ है। गाने में इस्तेमाल किए गए संगीत और राम-सीता के विवाह से जुड़े एक दृश्य पर दर्शक अपनी राय दे रहे हैं। कुछ लोगों को इसकी धुन पसंद नहीं आई, तो कुछ ने विवाह की परंपरा को गलत तरीके से दिखाए जाने की बात कह रहें है। हालांकि, जिस रस्म को लेकर सवाल उठ रहे हैं, उसे मिथिला की पारंपरिक चुमावन रस्म बताया जा रहा है।
एआर रहमान की धुन पर क्यों बंटी दर्शकों की राय?
बता दें, ‘मंगल रंग’ को एआर रहमान ने संगीत दिया है। इसे अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने गाया है। गाने में भगवान राम और माता सीता के विवाह से जुड़े प्रसंगों को संगीत के जरिए दिखाने की कोशिश की गई है।
गाना रिलीज होते ही कुछ सोशल मीडिया यूजर्स ने इसकी धुन को कव्वाली और सूफी संगीत से मिलता-जुलता बताया। इन लोगों का मानना है कि रामायण जैसे धार्मिक महाकाव्य पर बनी फिल्म में पारंपरिक भारतीय संगीत और शास्त्रीय धुनों का अधिक इस्तेमाल होना चाहिए था।
दूसरी ओर, संगीत की पसंद को लेकर दर्शकों की राय अलग-अलग है। कुछ लोग इसकी शैली पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि कुछ इसे फिल्म के संगीत में किया गया एक अलग प्रयोग मान रहे हैं। ऐसे में गाने को लेकर बहस केवल इसकी धुन तक सीमित नहीं है, बल्कि इस बात पर भी है कि पौराणिक कहानी को किस तरह के संगीत के साथ पेश किया जाना चाहिए।
राम-सीता के विवाह के दृश्य पर क्यों उठे सवाल?
बता दें, गाने का एक दृश्य भी चर्चा में है, जिसमें भगवान राम की भूमिका निभा रहे रणबीर कपूर को महिलाएं पारंपरिक तरीके से आशीर्वाद देती दिखाई देती हैं। इस दौरान माता सीता के किरदार में साई पल्लवी भी नजर आती हैं।
कुछ दर्शकों ने इस दृश्य को शादी से पहले होने वाली हल्दी की रस्म समझ लिया। इसके बाद सोशल मीडिया पर सवाल उठने लगे कि राम और सीता के विवाह के प्रसंग में इस तरह की रस्म क्यों दिखाई गई है। हालांकि, इसे मिथिला क्षेत्र की एक पारंपरिक विवाह रीति बताया जा रहा है।
हल्दी नहीं, चुमावन रस्म होने का दावा
जानकारी के मुताबिक, गाने में दिखाए गए दृश्य को मिथिला क्षेत्र में निभाई जाने वाली चुमावन रस्म के रूप में दिखाया गया है। यह विवाह के दौरान वर-वधू को शुभकामनाएं और आशीर्वाद देने से जुड़ी परंपरा है।
इस रस्म में दूब, अक्षत, हल्दी और दही जैसी सामग्री का इस्तेमाल किया जाता है। महिलाएं वर के शरीर के अलग-अलग हिस्सों को स्पर्श करके उसके सुखद वैवाहिक जीवन की कामना करती हैं। वधू के लिए भी यह रस्म अलग से निभाई जाती है।
यही वजह है कि दृश्य को केवल हल्दी की रस्म मानकर की जा रही आलोचना पर सवाल उठे हैं। हालांकि, फिल्म के इस खास दृश्य को लेकर निर्माताओं की ओर से कोई स्पष्ट आधिकारिक जानकारी अभी तक सामने नहीं आई है।
गाने में दिखाए गए राम-सीता के विवाह के खास प्रसंग
वहीं, ‘मंगल रंग’ में राम और सीता की विवाह कथा के कई महत्वपूर्ण पड़ाव दिखाए गए हैं। इनमें सीता स्वयंवर, भगवान राम का शिव धनुष उठाना, विवाह के वचन और अयोध्या में नवविवाहित जोड़े के स्वागत जैसे प्रसंग शामिल हैं। गाने के जरिए निर्माताओं ने इस पौराणिक कथा के प्रेम, विवाह और उत्सव से जुड़े पहलुओं को पर्दे पर उतारने की कोशिश की है।


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