खेलों से अनुशासन की सीख: शहडोल में पुख्ता व्यवस्था और नियमों के बीच 70वीं शालेय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का आगाज
युवाओं को गलत रास्ते से हटाकर अनुशासन और खेल की मुख्यधारा में लाने के उद्देश्य से शहडोल में 70वीं राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता शुरू की गई है। 240 खिलाड़ियों के लिए कड़े नियमों के साथ प्रतियोगिता का आगाज हुआ।
सीएम ने वीसी के माध्यम से प्रतियोगिता को किया संबोधित
अनुशासन और व्यवस्था के साथ बास्केटबॉल प्रतियोगिता शुरू
युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा में लगाने और उनमें अनुशासन पैदा करने के उद्देश्य से 16 सितंबर को शहडोल जिले में 70वीं शालेय राज्यस्तरीय बास्केटबॉल प्रतियोगिता का विधिवत शुभारंभ हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने वर्चुअली इस प्रतियोगिता का उद्घाटन किया। उन्होंने नियमों और अनुशासन का पालन करने वाले खिलाड़ियों की तारीफ करते हुए कहा कि हमारे जनजातीय अंचल यह साबित कर रहे हैं कि प्रतिभा केवल शहरों में ही नहीं बसती। 'मिनी ब्राजील' के रूप में अपनी धाक जमा चुके शहडोल में आज कानून-व्यवस्था और प्रशासन की मुस्तैदी के बीच बास्केटबॉल का यह शानदार कुंभ आयोजित किया गया है।
युवाओं को सही दिशा दिखा रहा 'मिनी ब्राजील'
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने युवाओं को भटकाव से बचाने में खेलों की भूमिका पर जोर दिया और शहडोल को खेल की दुनिया का एक उभरता हुआ सितारा बताया। उन्होंने कहा कि यहां का विचारपुर गांव आज फुटबॉल की नर्सरी और 'मिनी ब्राजील' के रूप में अपनी एक अनुशासित पहचान बना चुका है। प्रशासन की कोशिशों से आज फुटबॉल, क्रिकेट, एथलेटिक्स, कबड्डी और वॉलीबॉल के साथ-साथ बास्केटबॉल भी युवाओं को अपनी तरफ खींच रहा है, जिससे वे नकारात्मक गतिविधियों से दूर हैं।
ग्रामीण प्रतिभाओं का राष्ट्रीय स्तर पर कड़ा संघर्ष
सुदूर क्षेत्रों से निकलकर राष्ट्रीय पटल पर छाने वाले खिलाड़ियों की संघर्ष क्षमता की तारीफ करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि विचारपुर जैसे आदिवासी अंचल से प्रशिक्षण लेकर राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचना इस बात का প্রমাণ है कि गांवों में भी कड़ी मेहनत करने वाले युवा मौजूद हैं। 'खेलो एमपी' और 'यूथ गेम्स' जैसी राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं में शहडोल ने अपनी मजबूत भागीदारी दिखाई है। इन खिलाड़ियों ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाकर आने वाली पीढ़ी को एक सही और अनुशासित मार्ग दिखाने का काम किया है।
सीमित संसाधनों में भी नहीं टूटा नियमों और खेल का जुनून
सीएम डॉ. मोहन यादव ने बताया कि शहडोल संभाग का बास्केटबॉल के साथ एक बहुत ही पुराना और गौरवशाली रिश्ता रहा है। एक समय था जब संसाधनों की कमी थी, लेकिन खिलाड़ियों ने कभी अनुशासनहीनता नहीं दिखाई और उनका उत्साह बरकरार रहा। आज इसी जुनून का नतीजा है कि शहडोल में तीन बास्केटबॉल कोर्ट मौजूद हैं। पिछले 15 वर्षों में शहडोल की बास्केटबॉल टीम ने कड़े नियमों के तहत राज्य स्तर पर बेहतरीन प्रदर्शन किया है और राष्ट्रीय स्कूली प्रतियोगिताओं में भी अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है।
टीम स्प्रिट और कड़े अनुशासन का मंच हैं खेल प्रतियोगिताएं
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने खेलों को जीवन के अनुशासन से जोड़ते हुए कहा कि शालेय खेल प्रतियोगिताएं बच्चों में बाल्यकाल से ही एक स्वस्थ प्रतिस्पर्धा, कड़ा अनुशासन और टीम स्प्रिट विकसित करने का सबसे सशक्त और कारगर माध्यम हैं। खेल केवल शारीरिक क्षमता का प्रदर्शन नहीं हैं, बल्कि यह बच्चों के व्यक्तित्व, उनके आत्मविश्वास और त्वरित निर्णय लेने की क्षमता को निखारते हैं। 10 संभागों से आए 17 वर्ष तक की आयु के कुल 240 खिलाड़ियों को सीएम ने अनुशासित खेल के लिए 'ऑल द बेस्ट' कहा।
खेल भावना से मैदान में उतरना ही सबसे बड़ी जीत
प्रतियोगिता के नियमों और खेल भावना पर बात करते हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वर्ष 2023-24 में किए गए उत्कृष्ट प्रदर्शन के बाद ही वर्ष 2024-25 में शहडोल को राष्ट्रीय स्तर की बास्केटबॉल प्रतियोगिता की मेजबानी का अवसर प्राप्त हुआ था। यह पूरे जिले के लिए एक बड़ी बात है। उन्होंने युवाओं से कहा कि बिना किसी दबाव के मैदान में उतरना ही जीत की पहली सीढ़ी है, इसलिए हार-जीत की भावना को छोड़कर नियमों के दायरे में रहकर खेलने और सीखने पर ज्यादा ध्यान दें।
2027 के 'युवा वर्ष' में कौशल और लीडरशिप पर होगा काम
युवाओं को एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य देने के लिए मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि आने वाले वर्ष 2027 को पूरे मध्यप्रदेश में 'युवा वर्ष' के रूप में मनाया जाएगा। इस वर्ष में प्रशासन का विशेष फोकस शिक्षा, कौशल, रोजगार, स्टार्टअप, खेल और लीडरशिप (नेतृत्व विकास) पर रहेगा। उन्होंने सभी खिलाड़ियों से आह्वान किया कि वे नियमों का पालन करते हुए मिल-जुलकर खेलें और एक-दूसरे का हौसला बढ़ाएं।
मंत्री और विभागीय अधिकारियों की रही मुस्तैदी
इस गरिमामयी कार्यक्रम में व्यवस्थाओं को सुचारू रखने के लिए स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदय प्रताप सिंह ने भी वीसी के जरिए जुड़कर खिलाड़ियों को अपना संदेश दिया। इसके साथ ही लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी मंत्री संपत्तिया उइके, अपर मुख्य सचिव मुख्यमंत्री कार्यालय नीरज मंडलोई, सचिव स्कूल शिक्षा डॉ. संजय गोयल और अन्य विभागीय अधिकारी पूरी मुस्तैदी के साथ उपस्थित रहे।

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