अमिताभ बच्चन को खुद कोर्ट में होना पड़ सकता है पेश, दिल्ली हाईकोर्ट ने दिया निर्देश; जानिए क्या है मामला?
दिल्ली हाईकोर्ट ने अमिताभ बच्चन के पर्सनैलिटी राइट्स मामले में कहा कि यदि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता पूरा नहीं होता और अभिनेता मुकदमा जारी रखना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। केस में नाम, तस्वीर और आवाज के कथित अनधिकृत इस्तेमाल पर रोक की मांग की गई है।
दिल्ली हाई कोर्ट ने अमिताभ बच्चन को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए कहा।
Amitabh Bachchan Personality Rights Case: बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन से जुड़े पर्सनैलिटी राइट्स मामले में दिल्ली हाईकोर्ट ने कहा है कि यदि वह कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता पूरा नहीं होने पर मुकदमा आगे बढ़ाना चाहते हैं, तो उन्हें अगली सुनवाई में व्यक्तिगत रूप से अदालत में उपस्थित होना होगा। जस्टिस पुरुषैंद्र कुमार कौरव की पीठ ने समझौते की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए समय दिया है। मामला अभिनेता के नाम, तस्वीर, आवाज और पहचान से जुड़े दूसरे पहलुओं के कथित अनधिकृत व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग से संबंधित है।
समझौते पर हस्ताक्षर बाकी
सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि कुछ प्रतिवादियों के साथ समझौता हो चुका है, लेकिन उसकी औपचारिक प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। अमिताभ बच्चन की ओर से लॉजिस्टिक्स से जुड़ी दिक्कतों के कारण दस्तावेजों पर हस्ताक्षर नहीं हो पाने की जानकारी दी गई। अदालत ने स्पष्ट किया कि यदि समझौता पूरा नहीं होता या कुछ मुद्दे अनसुलझे रहते हैं और अभिनेता उन पर मुकदमा जारी रखना चाहते हैं, तो अगली सुनवाई में उनकी व्यक्तिगत मौजूदगी जरूरी होगी। कोर्ट ने कहा कि ऐसी स्थिति में वह संबंधित कानूनी प्रावधानों के तहत अपनी शक्तियों का इस्तेमाल कर सकती है। फिलहाल मामले में समझौते की स्थिति और आगे की सुनवाई महत्वपूर्ण होगी।
2022 में दायर किया था पर्सनैलिटी राइट्स का केस
बता दें, अमिताभ बच्चन ने वर्ष 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट का रुख किया था। उनकी याचिका में नाम, आवाज, तस्वीर और व्यक्तित्व से जुड़ी पहचान का बिना अनुमति व्यावसायिक इस्तेमाल रोकने के लिए स्थायी निषेधाज्ञा की मांग की गई थी। अभिनेता की ओर से आरोप लगाया गया था कि कुछ लोग उनकी लोकप्रियता का फायदा उठाकर उनकी पहचान का गलत इस्तेमाल कर रहे हैं। इनमें कथित फर्जी KBC लॉटरी संदेश, व्हाट्सऐप मैसेज और मोबाइल ऐप्स के जरिए लोगों को भ्रमित करने जैसी गतिविधियां शामिल थीं।
वहीं, नवंबर 2022 में दिल्ली हाईकोर्ट ने अमिताभ बच्चन के पक्ष में अंतरिम आदेश जारी किया था। इसके तहत उनकी अनुमति के बिना उनके नाम, आवाज, तस्वीर और व्यक्तित्व से जुड़े पहलुओं के व्यावसायिक इस्तेमाल पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए थे। अदालत ने संबंधित सरकारी एजेंसियों और टेलीकॉम कंपनियों को भी शिकायत में बताए गए लिंक और वेबसाइटों के खिलाफ जरूरी कार्रवाई करने को कहा था। इसमें कुछ ऑनलाइन सामग्री हटाने और संबंधित फोन नंबरों को ब्लॉक करने जैसी कार्रवाई शामिल थी। पर्सनैलिटी राइट्स का उद्देश्य किसी व्यक्ति की पहचान और उससे जुड़े व्यावसायिक मूल्य के अनधिकृत इस्तेमाल से सुरक्षा देना है। डिजिटल प्लेटफॉर्म और AI से तैयार सामग्री के बढ़ते इस्तेमाल के बीच ऐसे मामले लगातार चर्चा में हैं।
बच्चन परिवार के अन्य सदस्य भी पहुंचे अदालत
अमिताभ बच्चन के परिवार के दूसरे सदस्यों ने भी अपनी पहचान के कथित गलत इस्तेमाल के खिलाफ कानूनी कदम उठाए हैं।
- आराध्या बच्चन: अप्रैल 2023 में उनके स्वास्थ्य को लेकर यूट्यूब पर प्रसारित भ्रामक वीडियो का मामला दिल्ली हाईकोर्ट पहुंचा था। अदालत ने संबंधित वीडियो हटाने के निर्देश दिए थे।
- ऐश्वर्या राय बच्चन: सितंबर 2025 में उन्होंने नाम, तस्वीर और आवाज के कथित अनधिकृत इस्तेमाल के खिलाफ याचिका दायर की थी। शिकायत में AI से तैयार वीडियो और ऑनलाइन कंटेंट का भी उल्लेख था।
- अभिषेक बच्चन: सितंबर 2025 में उनके नाम, तस्वीर और आवाज के इस्तेमाल से जुड़े मामले में अदालत से राहत मिली थी। आरोपों में कथित भ्रामक AI वीडियो और पहचान का इस्तेमाल कर सामान बेचने की गतिविधियां शामिल थीं।
- जया बच्चन: नवंबर 2025 में उन्होंने तस्वीरों के कथित दुरुपयोग, फर्जी वीडियो और बिना अनुमति मर्चेंडाइज बेचने के खिलाफ अदालत का रुख किया था। अदालत ने उनकी पहचान की सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए, जबकि फिल्म ‘अभिमान’ के वैध प्रचार पोस्टरों को हटाने से इनकार किया था।





