भोपाल में ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा: CM मोहन ने कांग्रेस को घेरा, नड्डा ने याद किया इमरजेंसी का दौर
भोपाल में भाजपा की पदयात्रा के दौरान जेपी नड्डा ने आपातकाल का अनुभव साझा करते हुए कांग्रेस पर लोकतंत्र कमजोर करने का आरोप लगाया। CM मोहन यादव ने न्यायपालिका और चुनाव आयोग के सम्मान की बात की, जबकि हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी की चुनावी रणनीति पर सवाल उठाए।

भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा
Political Rally in Bhopal: मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल में भाजपा की ‘लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ’ पदयात्रा के दौरान पार्टी के बड़े नेताओं ने कांग्रेस को निशाने पर लिया। अटल पथ पर हुई सभा में केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आपातकाल के दिनों को याद करते हुए बताया कि उन्हें कॉलेज की क्लास से उठाकर ले जाया गया था। उन्होंने कांग्रेस पर लोकतंत्र को कमजोर करने और देश में अस्थिरता का माहौल बनाने का आरोप लगाया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने न्यायपालिका और चुनाव आयोग को लेकर कांग्रेस के रवैये पर सवाल उठाए। वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी की राजनीति को आरोप लगाने और फिर पीछे हटने वाला बताया।
नड्डा ने आपातकाल का अनुभव सुनाया, कांग्रेस पर साधा निशाना
सभा में जेपी नड्डा ने कहा कि कांग्रेस लोकतंत्र की रक्षा की बात करती है, लेकिन उसके शासनकाल में करीब 90 बार चुनी हुई सरकारों को बर्खास्त किया गया। उन्होंने आपातकाल का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगा दी गई थी और बड़ी संख्या में लोगों को जेल भेजा गया था।
नड्डा ने अपना अनुभव साझा करते हुए कहा, “इमरजेंसी के दौरान मुझे क्लासरूम से उठाकर ले जाया गया था।” उन्होंने दावा किया कि आपातकाल के समय कांग्रेस ने करीब 1 लाख 30 हजार लोगों को जेल में डाला। उन्होंने यह भी कहा कि अंग्रेजों के शासन की तुलना में कांग्रेस ने लोगों को लंबे समय तक जेल में रखा।
राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए नड्डा ने उन्हें ‘अबोध बालक’ कहा और आत्मचिंतन करने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी राजनीति को कॉलेज की बहस की तरह ले रहे हैं। नड्डा ने उनकी कार्यशैली पर तंज कसते हुए कहा कि यह ‘पत्थर मारो और भाग जाओ’ जैसी राजनीति है।
चुनावी नतीजों पर आयोग को घेरने का लगाया आरोप
बता दें, जेपी नड्डा ने चुनाव आयोग और मतदाता सूची को लेकर कांग्रेस के सवालों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी चुनाव हारने के बाद आयोग को बेईमान बताते हैं और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल खड़े करते हैं।
नड्डा ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR का बचाव करते हुए कहा कि इसका मकसद वोटर लिस्ट को सही करना है। उन्होंने दावा किया कि इस प्रक्रिया में गलत तरीके से मतदाताओं के नाम नहीं हटाए गए।
उन्होंने बैलेट पेपर से हुए विधान परिषद चुनावों का भी उल्लेख किया। नड्डा के मुताबिक, उन चुनावों में हार के बाद भी कांग्रेस ने सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष का यह रवैया चुनावी संस्थाओं पर जनता के भरोसे को कमजोर करता है।
CM मोहन यादव बोले- न्यायपालिका के फैसलों का सम्मान जरूरी
जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने भाषण में कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग सुप्रीम कोर्ट का अपमान करते हैं और चुनाव आयोग को अपनी जेब की पुड़िया समझते हैं, उन्हें जनता माफ नहीं करेगी।
सीएम ने आरोप लगाया कि जब भी अदालतों ने कांग्रेस के खिलाफ फैसला सुनाया, पार्टी ने न्यायाधीशों और न्यायपालिका पर सवाल उठाए। उन्होंने आपातकाल को याद करते हुए कहा कि कांग्रेस का पुराना रिकॉर्ड लोकतांत्रिक संस्थाओं के प्रति उसके रवैये को दिखाता है।
मोहन यादव ने कहा कि संविधान और न्यायपालिका का सम्मान सभी राजनीतिक दलों की जिम्मेदारी है। उन्होंने सवाल किया कि पहले अदालतों के फैसलों पर सवाल उठाने वाले लोग अब लोकतंत्र की रक्षा की बात कैसे कर रहे हैं।
हेमंत खंडेलवाल का तंज- आरोप लगाकर पीछे हट जाते हैं राहुल गांधी
वहीं, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने राहुल गांधी पर चुनावी गड़बड़ी के आरोप लगाने को लेकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी की राजनीति ‘आरोप लगाओ और भाग जाओ’ जैसी हो गई है।
खंडेलवाल ने महाराष्ट्र के चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि कांग्रेस ने वहां गड़बड़ी के आरोप लगाए, लेकिन उनके समर्थन में कोई ठोस सबूत नहीं दिया। उन्होंने कर्नाटक का मामला उठाते हुए कहा कि वहां भी आरोप लगाने के 477 दिन बाद तक कांग्रेस की ओर से जवाब नहीं दिया गया।
भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने कांग्रेस पर विदेशी ताकतों के सहयोग से देश को अस्थिर करने की कोशिश करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि इसी कथित अराजकता के विरोध में यह पदयात्रा आयोजित की गई है।
तिरंगा लेकर निकले युवा, यात्रा पर बरसे फूल
बता दें, पदयात्रा में भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग समुदायों के लोग भी शामिल हुए। मंत्री विश्वास सारंग अपने समर्थकों के साथ पैदल चले। थर्ड जेंडर समुदाय के लोगों ने भी यात्रा में भाग लिया।
रास्ते में युवाओं ने तिरंगा लेकर ‘राम जी की निकली सवारी’ गीत पर नृत्य किया। कई जगह पदयात्रा का फूल बरसाकर स्वागत किया गया। आयोजन के दौरान राहुल गांधी को प्रतीकात्मक रूप से रावण के रूप में दिखाने वाला चित्रण भी नजर आया।
सभा में पहुंचीं कुछ मुस्लिम महिलाओं ने ‘तीन तलाक’ लिखा हुआ बैनर लेने से इनकार कर दिया। इसके बाद उन बैनरों को अलग रख दिया गया।
भाजपा नेताओं ने अपने भाषणों में आपातकाल, चुनाव आयोग, SIR और न्यायपालिका से जुड़े मुद्दों को उठाकर कांग्रेस पर हमला बोला। पदयात्रा का मुख्य संदेश पार्टी ने लोकतांत्रिक संस्थाओं के समर्थन और कांग्रेस के विरोध के रूप में पेश किया।

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