खतरनाक केमिकल कचरे पर सख्ती, बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना
इंडिया केम-2026 में केमिकल कचरे और फैक्ट्री सुरक्षा पर सख्ती की तैयारी। बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना से रोजगार और उद्योगों को बढ़ावा मिलेगा।

बीना पेट्रोकेमिकल परियोजना
देश में केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योगों के बढ़ते विस्तार के बीच केंद्र सरकार ने औद्योगिक कचरे के निपटान और फैक्ट्रियों में सुरक्षा नियमों को सख्त करने की तैयारी की है। मुंबई में आयोजित इंडिया केम-2026 में केंद्रीय राज्यमंत्री अनुप्रिया पटेल ने कहा कि खतरनाक रसायनों का इस्तेमाल करने वाली औद्योगिक इकाइयों में कर्मचारियों को सुरक्षित कामकाज की ट्रेनिंग देना जरूरी होगा। साथ ही, खतरनाक कचरे और समुद्री पर्यावरण की सुरक्षा से जुड़े नियमों में सुधार पर भी काम किया जा रहा है।
बीना में ₹50 हजार करोड़ की पेट्रोकेमिकल परियोजना
सम्मेलन में मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बीना में ₹50 हजार करोड़ की लागत से पेट्रोकेमिकल परियोजना स्थापित करने की घोषणा की। इस परियोजना का लक्ष्य सालाना 22 लाख टन से अधिक पेट्रोकेमिकल उत्पाद तैयार करना है। इससे प्लास्टिक, पैकेजिंग, दवा, कपड़ा और ऑटोमोबाइल उद्योगों को कच्चा माल मिलेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार उद्योगों को जमीन, बिजली, पानी और जरूरी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करा रही है। इसके अलावा विजयपुर, आष्टा, रायसेन के तामोट और ग्वालियर के बिलोवा में औद्योगिक विकास को बढ़ावा दिया जा रहा है। तामोट में 121 एकड़ और बिलोवा में 93 एकड़ में प्लास्टिक पार्क विकसित किए जा रहे हैं।
2040 तक केमिकल उद्योग को मजबूत बनाने का लक्ष्य
डॉ. मोहन यादव ने कहा कि वैश्विक तनाव, कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और सप्लाई चेन की चुनौतियों के बीच भारत को अपनी औद्योगिक क्षमता मजबूत करनी होगी। भारत ने वर्ष 2040 तक केमिकल और पेट्रोकेमिकल उद्योग को एक ट्रिलियन डॉलर का क्षेत्र बनाने का लक्ष्य रखा है, जिसमें मध्यप्रदेश भी अहम भूमिका निभाएगा।
महाराष्ट्र में 3,600 केमिकल उद्योग
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि राज्य में करीब 3,600 केमिकल उद्योग संचालित हैं। इनकी देश के केमिकल सेक्टर के सकल मूल्यवर्धन में 19 प्रतिशत और रसायन निर्यात में 17 प्रतिशत हिस्सेदारी है। इन उद्योगों से लगभग तीन लाख लोगों को रोजगार मिला है।
केंद्रीय मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने भी केमिकल सेक्टर में अंतरराष्ट्रीय व्यापार और निवेश बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने भारत के ओमान, न्यूजीलैंड और ब्रिटेन के साथ हुए मुक्त व्यापार समझौतों (FTA) का उल्लेख किया।
इंडिया केम-2026 के 14वें संस्करण में औद्योगिक सुरक्षा, गुणवत्ता, तकनीकी नवाचार और निवेश पर चर्चा हुई। बीना की पेट्रोकेमिकल परियोजना को मध्यप्रदेश के औद्योगिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


