छतरपुर में सनातन हिंदू एकता यात्रा का हुआ समापन, धीरेंद्र शास्त्री बोले- देश को बाद में पहले घरों को जगाएं
धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0 का छतरपुर में समापन हुआ। करीब 500 किलोमीटर और पांच जिलों का सफर तय करने वाली यात्रा में सामाजिक एकता, नशामुक्ति और जातिगत भेदभाव मिटाने का संदेश दिया गया। शास्त्री ने कहा, पहले अपने घरों को जगाएं।
छतरपुर में सनातन हिंदू यात्रा का समापन
Chhatarpur News: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की पांच दिवसीय ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0’ गुरुवार को छतरपुर में संपन्न हो गई। करीब 500 किलोमीटर की दूरी तय कर पांच जिलों से गुजरी इस यात्रा का समापन सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। अभियान में सामाजिक एकता, नशामुक्ति और जातिगत भेदभाव खत्म करने जैसे मुद्दों पर जोर दिया गया।
‘देश को बाद में, पहले अपने घरों को जगाएं’
बता दें, यात्रा के समापन पर धीरेंद्र शास्त्री ने परिवार से बदलाव की शुरुआत करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि देश को बाद में जगाया जाए, पहले अपने घर को जगाया जाए। उनके इस कथन में घर-परिवार के भीतर जागरूकता बढ़ाने और सामाजिक सुधार की शुरुआत अपने आसपास से करने पर जोर रहा। साथ ही धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि कुछ लोगों को लगता था कि यह यात्रा पूरी नहीं हो पाएगी, लेकिन सनातनियों के सहयोग और समर्थन से अभियान सफलतापूर्वक पूरा हुआ।
जातिगत भेदभाव मिटाने और नशे से दूर रहने की अपील
जानकारी के अनुसार, पांच दिनों के दौरान यात्रा से जुड़े विभिन्न स्थानों पर जनसभाएं और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। इनमें लोगों से सामाजिक सद्भाव बनाए रखने, जातिगत भेदभाव समाप्त करने और नशे से दूर रहने की अपील की गई। अभियान के जरिए हजारों गांवों और नगरों तक पहुंचने का प्रयास किया गया। लोगों को नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया गया और इसकी शपथ भी दिलाई गई।
बेटियों को सशक्त बनाने पर दिया जोर
साथ ही, यात्रा के दौरान धीरेंद्र शास्त्री ने बेटियों को सशक्त बनाने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने आयोजन में सहयोग करने वाले लोगों और समर्थकों का आभार जताया। शास्त्री ने कहा कि उन्हें लोगों से जो प्रेम और समर्थन मिला है, उसका कर्ज वह जीवनभर नहीं चुका पाएंगे।
हनुमान चालीसा पाठ के साथ यात्रा संपन्न
वहीं, ‘सनातन हिंदू एकता रथ यात्रा 3.0’ का समापन छतरपुर में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। पांच दिनों में करीब 500 किलोमीटर का सफर तय करने वाली यह यात्रा पांच जिलों से गुजरी। आयोजकों ने यात्रा के माध्यम से बुंदेलखंड में नशामुक्ति, सामाजिक एकता और जातिगत भेदभाव समाप्त करने से जुड़े संदेशों को लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया।





