कॉकपिट हमले में 174 जानें बचाने वाले पायलट पर सियासत तेज; CM मोहन यादव का कांग्रेस पर करारा तंज
हवा में हुई एक बड़ी सुरक्षा चूक और पायलट की बहादुरी पर सीएम मोहन यादव ने कांग्रेस को घेरा है। उन्होंने बालाघाट में पुराने नक्सली खौफ की भी याद दिलाई है।

सीएम मोहन का कांग्रेस पर वार
हवा में हुई एक बड़ी सुरक्षा चूक को नाकाम करने वाले पायलट की तारीफ न करने पर मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कांग्रेस को कटघरे में खड़ा किया है। खंडवा में रानी दुर्गावती जयंती के कार्यक्रम में सीएम ने कहा कि कांग्रेस नेता अल्पसंख्यक वोट बैंक नाराज होने के डर से कैप्टन मच्छार की इस बहादुरी पर चुप हैं। इस कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने गोंड राजवंश के 52 गढ़ों के पूर्व शासकों के वंशजों का सम्मान भी किया और रानी दुर्गावती के योगदान को याद किया।
बहादुरी पर चुप्पी और पुराने सुरक्षा फेल्योर पर तंज
सुरक्षाबलों और जांबाजों के सम्मान की बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि एक भारतीय पायलट ने अपनी जान दांव पर लगाकर विमान के यात्रियों को बचाया। उन्होंने दावा किया कि यह बहादुरी हमारी सनातन संस्कृति की पहचान है, लेकिन कांग्रेस अल्पसंख्यक वोटों के डर से इस पर कुछ नहीं बोल रही है। मोहन यादव ने कांग्रेस पर तंज कसते हुए कहा कि ऐसी राजनीति शर्मनाक है। उन्होंने कांग्रेस पर यह भी आरोप लगाया कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने बालाघाट और आदिवासी इलाकों में नक्सली सुरक्षा खतरे से निपटने के लिए कोई मजबूत काम नहीं किया।
बालाघाट में राहुल गांधी के दौरे से गरमाया सुरक्षा का मुद्दा
विपक्ष के नेता राहुल गांधी के 1 अक्टूबर के बालाघाट दौरे को लेकर भी सीएम ने कड़े सवाल उठाए। राहुल गांधी वहां हाल ही में संक्रामक बीमारी से मरे आदिवासी बच्चों के परिवारों से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने वहां जाकर राज्य सरकार पर लोगों की सुरक्षा और कुपोषण से निपटने में नाकाम रहने का आरोप लगाया था, जिसके बाद यह पूरी राजनीतिक बहस शुरू हुई।
1999 की नक्सली हत्या और कांग्रेस के आलाकमान की दूरी
राहुल के आरोपों का जवाब देते हुए मोहन यादव ने कांग्रेस शासन के दौरान बालाघाट, मंडला और डिंडोरी के बड़े सुरक्षा फेल्योर की याद दिला दी। उन्होंने 1999 में तत्कालीन मंत्री लिखीराम कावरे की नक्सलियों द्वारा की गई हत्या का जिक्र किया और दावा किया कि तब सुरक्षा का इतना बुरा हाल था कि कांग्रेस का कोई भी बड़ा नेता कावरे के परिवार से मिलने तक नहीं गया। सीएम ने कहा कि अब जब प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था चुस्त है और नक्सलवाद पर नियंत्रण हो गया है, तब जाकर कांग्रेस के नेता बालाघाट का रुख कर रहे हैं।
30 सितंबर को कॉकपिट में टूटी थी सुरक्षा व्यवस्था
जिस जांबाज की तारीफ पर सीएम ने कांग्रेस को घेरा है, वो कैप्टन स्मित मच्छार हैं। 30 सितंबर को फ्लाईदुबई की उड़ान FZ1073 दुबई से तेल अवीव की तरफ जा रही थी, जिसमें 174 यात्री थे। तभी सुरक्षा में बड़ी चूक हुई और सह-पायलट ने कॉकपिट में मच्छार पर ही हमला कर दिया। बुरी तरह घायल मच्छार ने गोता लगाते विमान में किसी तरह कॉकपिट का दरवाजा खोल दिया। इसके बाद क्रू और यात्रियों ने हमलावर को पकड़ लिया और विमान को सऊदी अरब के तबुक में सुरक्षित लैंड करा लिया गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, पीएम मोदी और राजनाथ सिंह ने पायलट के इस गजब के साहस की जमकर तारीफ की है।


