6 अक्टूबर को भोपाल में सीएम यूथ कॉन्क्लेव: 20 हजार युवाओं के बीच पुलिस विभाग देगा 'साइबर सेफ्टी और महिला सुरक्षा
आजकल बढ़ते साइबर क्राइम को देखते हुए भोपाल में होने वाले सीएम यूथ कॉन्क्लेव में पुलिस विभाग का बड़ा रोल होने वाला है। 20 हजार युवाओं को यहां सुरक्षा के टिप्स मिलेंगे।

भोपाल: सीएम यूथ कॉन्क्लेव में साइबर सुरक्षा पर फोकस
युवाओं के बीच साइबर सुरक्षा और ट्रैफिक अवेयरनेस की बड़ी पहल
आजकल के डिजिटल दौर में युवाओं के लिए तकनीक जितनी जरूरी है, उतनी ही जरूरी है साइबर सुरक्षा। इसी बात को ध्यान में रखते हुए 6 अक्टूबर को भोपाल के लाल परेड ग्राउंड में होने वाले 'सीएम यूथ कॉन्क्लेव–2026' में पुलिस विभाग की बहुत ही अहम भूमिका होने वाली है। इस कॉन्क्लेव का मुख्य मकसद युवाओं को शिक्षा, रोजगार, उद्यमिता और नई तकनीकों से जोड़ना है। लेकिन इसके साथ ही पुलिस विभाग अपने खास स्टॉल्स के जरिए युवाओं को Women Security & Cyber Safety, ट्रैफिक अवेयरनेस, कम्युनिटी पुलिसिंग, जन-सुरक्षा और युवा जन संवाद जैसे बेहद जरूरी विषयों पर जागरूक करने का बड़ा काम करेगा।
20 हजार युवाओं के साथ सीएम मोहन यादव का संवाद
कानून व्यवस्था और सुरक्षा के साथ-साथ इस कार्यक्रम का सबसे बड़ा आकर्षण मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का सेशन होगा। सीएम मोहन यादव इस आयोजन में करीब 20 हजार छात्र-छात्राओं और युवाओं से सीधा संवाद करेंगे। वे युवाओं की आकांक्षाओं, उनकी रुचियों और भविष्य की जरूरतों पर खुलकर चर्चा करेंगे। इस कॉन्क्लेव का ओवरऑल फोकस युवाओं को सुरक्षित करियर, रोजगार, स्किल डेवलपमेंट, स्टार्टअप, नवाचार और फ्यूचर टेक्नोलॉजी की सही जानकारी देने पर रहेगा।
17 सरकारी विभागों की संयुक्त ताकत
इस बड़े इवेंट को सुरक्षित और सफल बनाने के लिए पुलिस एवं साइबर सुरक्षा विभाग के साथ कुल 17 सरकारी विभाग मिलकर काम कर रहे हैं। इन विभागों में उच्च शिक्षा, औद्योगिक नीति, एमएसएमई, तकनीकी शिक्षा, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, श्रम, लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा, परिवहन और आयुष विभाग प्रमुख रूप से शामिल हैं। इसके अलावा सेडमैप (CEDMAP) और मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर भी युवाओं को अपना बिजनेस सुरक्षित तरीके से शुरू करने की जानकारी देने के लिए वहां मौजूद रहेंगे।
लाल परेड ग्राउंड में लगाए जा रहे हैं 80 से ज्यादा स्टॉल
इस पूरे कॉन्क्लेव को एक बहुत ही व्यवस्थित तरीके से लाल परेड ग्राउंड में सजाया जा रहा है, जहां अलग-अलग संस्थाओं, विश्वविद्यालयों और विभागों के लगभग 80 स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉल्स के जरिए युवाओं को एक ही सुरक्षित परिसर में तकनीक, स्किल, रोजगार, स्टार्टअप, इनोवेशन और सरकारी योजनाओं की पूरी जानकारी मिल जाएगी। साथ ही मानसिक स्वास्थ्य और मेडिकल परामर्श की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी।
स्टार्टअप्स दिखाएंगे अपने इनोवेशन की असली ताकत
मध्य प्रदेश स्टार्टअप सेंटर द्वारा भी इस मेले में खास स्टॉल लगाए जा रहे हैं, जहां प्रदेश के कुछ बहुत ही शानदार स्टार्टअप्स अपने इनोवेशन दुनिया को दिखाएंगे। इन कंपनियों में Stealthwing Technologies, Anantshree Vehicles, Efuel Products, Baiso Organics और Fixpoint Technology शामिल हैं। इन स्टार्टअप्स को करीब से देखकर युवा यह सीख सकेंगे कि कैसे एक नए आइडिया को एक कामयाब और सुरक्षित उद्यम में बदला जा सकता है।
प्राइवेट विश्वविद्यालयों का एजुकेशन और रिसर्च पर जोर
सुरक्षा और रोजगार के अलावा, शिक्षा पर भी पूरा जोर दिया जा रहा है। कई प्राइवेट यूनिवर्सिटीज भी इस कॉन्क्लेव में एक्टिव तौर पर हिस्सा ले रही हैं। वे अपने स्टॉल्स के जरिए युवाओं को Future Ready Education, इनोवेशन, टेक्नोलॉजी, एंटरप्रेन्योरशिप, करियर गाइडेंस, ड्रोन टेक्नोलॉजी, Skills for the Future, साइंस इनोवेशन और एंटरप्रेन्योरशिप जैसे विषयों पर बहुत ही डीप नॉलेज देंगी।
एआई और ड्रोन तकनीक का सुरक्षित इस्तेमाल
आजकल एआई और ड्रोन का जमाना है, लेकिन इनका सुरक्षित इस्तेमाल कैसे हो, यह भी जानना जरूरी है। इस कॉन्क्लेव में युवाओं को AI, रोबोटिक्स, ड्रोन टेक्नोलॉजी, सेमीकंडक्टर टेक्नोलॉजी, रिन्यूएबल एनर्जी और EVs (इलेक्ट्रिक गाड़ियां) जैसी फ्यूचर तकनीकों के बारे में विस्तार से बताया जाएगा।
युवाओं के लिए अवसरों का एक बहुत बड़ा मंच
कुल मिलाकर, 20 हजार युवाओं से सीएम का सीधा संवाद और 80 स्टॉल्स का यह भारी-भरकम सेटअप युवाओं के लिए एक गेम-चेंजर साबित होने वाला है। पुलिस की साइबर सुरक्षा ट्रेनिंग से लेकर स्टार्टअप्स के इनोवेशन तक, यह सीएम यूथ कॉन्क्लेव–2026 युवाओं को मार्गदर्शन और बेहतरीन अवसर देने की दिशा में एक बहुत ही महत्वपूर्ण और सुरक्षित पहल बनने जा रहा है।




