तिरुपति फॉर्मा ब्लास्ट के बाद पुलिस ने सील किया पूरा इलाका, बॉयलर फटने से 5 की मौत और 10 घायलों के मामले में शुरू हुई कड़ी कानूनी जांच
तिरुपति में फॉर्मा कंपनी का बॉयलर फटने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने कड़ा रुख अपना लिया है। पूरे इंडस्ट्रियल एरिया में चेकिंग बढ़ा दी गई है और जांच जारी है।

तिरुपति धमाके में पुलिस एक्शन: 5 मौतों के बाद जांच शुरू
पुलिस और दमकल ने तुरंत लिया घटनास्थल को घेरे में
कानून व्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से आंध्र प्रदेश के तिरुपति जिले में शुक्रवार को एक बहुत ही संवेदनशील घटना हुई। श्री सिटी औद्योगिक क्षेत्र की एक फॉर्मा कंपनी में बॉयलर फटने से एक जोरदार धमाका हुआ, जिसके बाद वहां पूरी तरह से अफरा-तफरी मच गई। इस भयंकर हादसे में 5 लोगों की जान चली गई और 10 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। धमाके की कॉल मिलते ही भारी संख्या में पुलिस बल, दमकल गाड़ियां और इमरजेंसी टीमें घटनास्थल पर पहुंच गईं और पूरे इलाके को अपने कब्जे में लेकर राहत कार्य शुरू कर दिया।
भगदड़ के बीच पुलिस ने घायलों को बाहर निकाला
पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, ब्लास्ट सत्यवेडु मंडल के श्री सिटी इलाके में हुआ था। धमाके के तुरंत बाद फैक्ट्री के अंदर भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई थी। पुलिस और रेस्क्यू टीमों ने बड़ी सूझबूझ से काम लेते हुए फंसे हुए कर्मचारियों को बाहर निकाला। इनमें से 5 लोगों की मौत हो चुकी थी, जबकि 10 लोग बुरी तरह घायल थे। पुलिस ने तुरंत ग्रीन कॉरिडोर बनाकर घायलों को अलग-अलग अस्पतालों में इलाज के लिए भेजा। इस वक्त प्रशासन और पुलिस की टीमें घटनास्थल पर कैंप कर रही हैं और मृतकों की शिनाख्त का काम चल रहा है।
सुरक्षा व्यवस्था में चूक या कोई और वजह?
फैक्ट्रियों में इस्तेमाल होने वाले बॉयलर भारी दबाव और खौलती भाप से भरे होते हैं, इसलिए उनके संचालन में कड़े सुरक्षा नियम लागू होते हैं। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि कहीं इस गंभीर हादसे के पीछे सुरक्षा व्यवस्था में कोई बड़ी चूक या किसी की आपराधिक लापरवाही तो नहीं है। हालांकि, तकनीकी तौर पर बॉयलर क्यों फटा, इसकी असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ पाएगी।
कागजों और सेफ्टी सिस्टम की हो रही है फोरेंसिक जांच
हादसे की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूरी साइट को सुरक्षित कर लिया है और फोरेंसिक तथा तकनीकी जांच शुरू कर दी है। अधिकारी इस बात की जड़ तक जाने में जुटे हैं कि धमाके के समय कंपनी में सेफ्टी नॉर्म्स माने जा रहे थे या नहीं। इसके लिए पुलिस कंपनी के मेंटेनेंस रजिस्टर, बॉयलर की तकनीकी स्थिति की रिपोर्ट्स, सेफ्टी सिस्टम के अलर्ट और संचालन से जुड़े सारे अहम दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर सकती है। जांच के बाद ही इस हादसे की जिम्मेदारी तय की जाएगी।
कानून व्यवस्था बनाए रखना और इलाज पहली प्राथमिकता
पुलिस और प्रशासन ने फिलहाल मारे गए लोगों के नामों की सूची सार्वजनिक नहीं की है, क्योंकि पहचान की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है। घायलों की मेडिकल स्थिति पर भी पुलिस और अस्पताल प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए हैं। अधिकारियों ने साफ कर दिया है कि उनकी पहली प्राथमिकता घायलों का इलाज कराना और घटनास्थल पर किसी भी तरह की कानून व्यवस्था बिगड़ने से रोकना है, जब तक कि बचाव कार्य पूरी तरह खत्म न हो जाए।





