सख्त नियमों और 8 साल के अनुबंध पर उतरेंगी 26 ई-बसें, इंदौर से 5 रूटों पर होगा सुरक्षित संचालन
सार्वजनिक परिवहन को सुरक्षित और पारदर्शी बनाने के लिए इंदौर से पांच प्रमुख मार्गों पर 26 इलेक्ट्रिक बसें उतारी जा रही हैं, जिनका संचालन 8 साल के कड़े अनुबंध नियमों के तहत होगा।
MP में 26 ई-बसें, 5 रूट पर शुरू होगी ग्रीन मोबिलिटी
मध्य प्रदेश में सार्वजनिक परिवहन सेवाओं को कड़े सुरक्षा मानकों और आधुनिक नियमों के तहत संचालित करने के लिए नया एक्शन प्लान लागू किया जा रहा है। इंदौर रीजन में 26 ग्रीन लाइन इलेक्ट्रिक बसों के संचालन का आधिकारिक प्रारूप तैयार किया गया है। यह सुरक्षित परिवहन सेवा इंदौर को भोपाल, उज्जैन और प्रमुख धार्मिक-पर्यटन केंद्रों से वैधानिक और सुव्यवस्थित रूप से जोड़ेगी।
5 चिन्हित रूटों पर 26 बसों का वैधानिक आवंटन
परिवहन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार इंदौर से पांच प्रमुख मार्गों पर ई-बसों का कोटा तय किया गया है। इसमें इंदौर-भोपाल मार्ग पर 8 बसें, इंदौर-उज्जैन मार्ग पर 6 बसें, इंदौर-मांडू मार्ग पर 2 बसें, इंदौर-खरगोन-खंडवा मार्ग पर 8 बसें और इंदौर-सेंधवा मार्ग पर 2 बसें संचालित होंगी। इस प्रकार निर्धारित परमिट और सुरक्षा नियमों के तहत कुल 26 बसें संचालित की जाएंगी।
8 साल की कानूनी जवाबदेही और नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल
सुरक्षित यात्रा के लिए बसों में आधुनिक तकनीकी उपकरणों के साथ ऑनलाइन टिकट प्रणाली अनिवार्य की जाएगी। संचालन करने वाले ऑपरेटरों पर 8 साल तक बसों के सुरक्षित परिचालन और तकनीकी रखरखाव की पूरी कानूनी जिम्मेदारी होगी। यह अनुबंध पूरी तरह से नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट मॉडल के तहत किया जाएगा ताकि किसी भी प्रकार की लापरवाही न हो।
20 से अधिक रूटों पर टेंडर नियमों की अंतिम समीक्षा
मुख्यमंत्री परिवहन सेवा के अंतर्गत दूरदराज के क्षेत्रों को जोड़ने के लिए 20 से अधिक रूटों पर टेंडर प्रक्रिया अब अंतिम चरण में है। इंदौर से सागर, जबलपुर, शहडोल और बालाघाट जैसे दूरस्थ शहरों के लिए कड़ी शर्तों के आधार पर ऑपरेटर नियुक्त किए जा रहे हैं, जिससे लंबी दूरी के परिवहन में सुरक्षा और जवाबदेही तय हो सके।
170 से अधिक ई-बसों का सुरक्षा और निगरानी नेटवर्क
केंद्र की पीएम ई-बस सेवा के विस्तार की प्रक्रिया भी तेजी से जारी है। इंदौर में वर्तमान में 14 सिटी बस रूटों पर ई-बसें निगरानी तंत्र के साथ संचालित हो रही हैं। आगामी समय में 150 नई बसें जुड़ने के बाद इंदौर और उज्जैन संभाग में कुल 170 से अधिक इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा तैयार हो जाएगा, जो पूरी तरह से नियंत्रित और सुरक्षित होगा।

