ओंकारेश्वर में कड़ी सुरक्षा के बीच सीएम मोहन यादव ने किया पंचायतन मंदिर का शिलान्यास
खंडवा के ओंकारेश्वर स्थित मांधाता पर्वत पर पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी में पंचायतन मंदिर का शिलान्यास संपन्न हुआ। सीएम मोहन यादव ने 45 पवित्र शिलाओं की पूजा की।

सीएम डॉ. मोहन यादव ने किया पंचायतन मंदिर का शिलान्यास
खंडवा जिले के ओंकारेश्वर में मांधाता पर्वत पर स्थित एकात्म धाम में आज भारी सुरक्षा बंदोबस्त के बीच भव्य पंचायतन मंदिर का शिलान्यास समारोह संपन्न हुआ। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सपरिवार पहुंचकर 45 पवित्र शिलाओं का पूजन किया और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निर्माण कार्य की नींव रखी। वीआईपी मूवमेंट और संतों के विशाल समागम को देखते हुए पर्वत क्षेत्र के चप्पे-चप्पे पर सुरक्षा बल तैनात रहे।
संतों की सुरक्षा और मर्यादित वैदिक अनुष्ठान
एकात्म धाम में देश के विभिन्न अंचलों से आए साधु-संतों और अखाड़ों के प्रतिनिधियों की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा गया। वैदिक आचार्यों की उपस्थिति में शांति और सुरक्षा की कामना के साथ आहुतियां दी गईं। पूरा कार्यक्रम स्थल कड़े सुरक्षा घेरे में रहा, जिससे अनुष्ठान बिना किसी बाधा के संपन्न हुआ।
आईजी, एसपी और कलेक्टर ने संभाला मोर्चा
मुख्यमंत्री और विशिष्ट अतिथियों के दौरे को लेकर पुलिस प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर रहा। कैबिनेट मंत्री विजय शाह की उपस्थिति में संभागायुक्त भास्कर लक्ष्यकार, आईजी अनुराग, खंडवा कलेक्टर ऋषव गुप्ता और पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने पूरे सुरक्षा प्रोटोकॉल की कमान संभाली। रूट डायवर्जन, ड्रोन निगरानी और क्विक रिस्पॉन्स टीमों को संवेदनशील स्थानों पर तैनात किया गया था।
₹2,195 करोड़ का प्रोजेक्ट और एकात्म धाम की सुरक्षा व्यवस्था
ओंकारेश्वर में 'आचार्य शंकर सांस्कृतिक एकता न्यास' द्वारा संचालित इस महापरियोजना की सुरक्षा और गुणवत्ता पर कड़ी नजर रखी जा रही है। पहले चरण में 108 फीट ऊंची आचार्य शंकर की प्रतिमा स्थापित हो चुकी है, जबकि दूसरे चरण के तहत ₹2,195 करोड़ की लागत से बनने वाले 'अद्वैत लोक' संग्रहालय के लिए विशेष सुरक्षा मानकों वाला बुनियादी ढांचा तैयार किया जा रहा है।
सिंहस्थ महाकुंभ और एकात्म यात्रा को लेकर सुरक्षा रूपरेखा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कानून व्यवस्था और जन-जागरूकता के समन्वय का उल्लेख करते हुए कहा कि उज्जैन सिंहस्थ से पूर्व एक राष्ट्रव्यापी 'एकात्म यात्रा' निकाली जाएगी। यह यात्रा देश भर के प्रमुख मार्गों से होते हुए समाज में शांति, सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का संदेश फैलाएगी और अंततः महाकाल की नगरी उज्जैन में पूर्ण होगी।
मंदिर की संरचनात्मक मजबूती और वास्तु सुरक्षा
पंचायतन मंदिर का सुरक्षा ढांचा भी भूकंपरोधी और सदियों तक टिकने वाला बनाया जा रहा है। केंद्र में शिव और चारों कोनों पर विष्णु, सूर्य, गणेश और शक्ति के देवालय होंगे। 16 फीट ऊंचे ठोस पाषाण आधार (जगति) पर 80,000 घन फीट नक्काशीदार गुलाबी बलुआ पत्थर से इसका निर्माण होगा। 100 मजबूत स्तंभ, सोमतिलक शिखर, सर्वतोभद्र गर्भगृह और 121 स्वर्णिम कलश इस संरचना को वास्तु और भौतिक रूप से अभेद्य बनाएंगे।
