भोपाल में सीएम मोहन यादव ने लाड़ली बहना के जरिए महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और केन-बेतवा प्रोजेक्ट से पलायन रोकने के प्लान पर चर्चा की।
महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और युवाओं के रोजगार को लेकर सरकार पूरी तरह से गंभीर है। भोपाल में सीएम मोहन यादव ने पलायन रोकने और रोजगार देने का पूरा खाका पेश किया है।

आर्थिक सुरक्षा और पलायन पर सीएम मोहन का एक्शन प्लान
प्रदेश की महिलाओं को आर्थिक रूप से सुरक्षित करने के लिए चलाई जा रही 'लाड़ली बहना योजना' को लेकर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का एक बयान सुर्खियों में है। भोपाल के रवींद्र भवन में रविवार को आयोजित बुंदेली समागम में सीएम ने इस बात पर चर्चा की कि इतनी बड़ी योजना को सुरक्षित तरीके से चलाना कितना भारी काम है। उन्होंने खुलकर माना कि मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के बाद ही उन्हें समझ आया कि इस योजना को बिना रुके चलाते रहने की कितनी बड़ी आर्थिक जिम्मेदारी उनके कंधों पर है।
भारी खर्चे के बावजूद योजना को रुकने नहीं दिया
कार्यक्रम के दौरान छतरपुर की युवा कंटेंट क्रिएटर बिन्नू रानी ने जब पूछा कि बहनों की सुरक्षा के बाद अब बेटियों के लिए क्या प्लान है, तो सीएम ने बहुत ही मजाकिया लहजे में इसका जवाब दिया। उन्होंने हंसते हुए कहा, “तुमको मालूम नहीं, लाड़ली बहना ही बहुत महंगी पड़ गई। मुझे क्या पता था मुख्यमंत्री बनते ही इतनी भारी मार पड़ती है।” सीएम के इस जवाब ने यह साफ कर दिया कि सरकार खजाने पर भारी दबाव के बावजूद महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा से कोई समझौता नहीं कर रही है।
1500 रुपये हर महीने देकर बहनों का बढ़ाया मान
मुख्यमंत्री ने आगे बताया कि महिलाओं के हाथ में सीधे पैसे देकर उन्हें सुरक्षित महसूस कराने की यह योजना 1,000 रुपये से शुरू हुई थी। शुरुआत में फंड को लेकर कई दिक्कतें आईं, लेकिन अब सरकार इसे 1,500 रुपये तक ले गई है। उन्होंने वादा किया कि अपनी बहनों की सुरक्षा और सुविधा में कोई आंच नहीं आने दी जाएगी। इसी बीच उन्होंने बिन्नू रानी से मजाकिया अंदाज में कहा कि अभी वह इस योजना के दायरे में नहीं आती हैं, जब उनकी उम्र होगी तब उन्हें भी यह सुरक्षा कवच मिल जाएगा।
युवाओं के रोजगार और भविष्य को लेकर सीधा जवाब
महिलाओं के साथ-साथ युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करना भी सरकार का लक्ष्य है। कार्यक्रम में एक युवा ने जब पूछा कि वो बुंदेलखंड की कौन सी समस्या को 24 घंटे में खत्म करना चाहेंगे, तो सीएम ने बहुत ही प्रैक्टिकल जवाब दिया। उन्होंने बताया कि इन समस्याओं को 24 घंटे में खत्म करना तो भगवान के बस में भी नहीं है। लेकिन उन्होंने बुंदेलखंड के युवाओं के टैलेंट को सराहा और कहा कि सरकार की असल जिम्मेदारी युवाओं को आगे बढ़ने के लिए सुरक्षित अवसर देना है।
पलायन रोकने के लिए केन-बेतवा प्रोजेक्ट पर दांव
बुंदेलखंड इलाके की सबसे बड़ी समस्या वहां से होने वाला पलायन है, जो लोगों के रोजगार की सुरक्षा पर सवाल उठाता है। सीएम ने इस दर्द को समझते हुए कहा कि पानी और नौकरी की कमी के कारण लोगों को अपने घर छोड़ने पड़ते हैं। अब इस पलायन को रोकने के लिए सरकार 'केन-बेतवा' जैसी बड़ी सिंचाई परियोजनाओं को जमीन पर उतार रही है। जब इस प्रोजेक्ट के जरिए किसानों को पर्याप्त पानी मिलेगा, तो उनके रोजगार सुरक्षित होंगे और उन्हें अपना घर-बार छोड़कर कहीं और नहीं जाना पड़ेगा।



