15 जिलों में अचानक बिगड़ेगा मौसम, सफर के दौरान रहें सतर्क
मध्य प्रदेश के 15 जिलों में खराब मौसम, बिजली गिरने और बारिश को देखते हुए प्रशासन ने रास्तों पर और सफर के दौरान सतर्कता बरतने की सलाह दी है।

MP के 15 जिलों में बारिश, सफर में रहें अलर्ट
मध्य प्रदेश में मानसून के बाद भी सतर्कता बरती जा रही है। सोमवार, 7 अक्टूबर को प्रदेश के पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों में मौसम अचानक करवट लेने वाला है। मौसम विभाग ने रास्तों पर विजिबिलिटी और सुरक्षा को लेकर 15 जिलों में बारिश और गरज-चमक का अलर्ट दिया है। गश्त करने वाली टीमों के लिए अच्छी बात यह है कि इन जिलों को छोड़कर प्रदेश के बाकी इलाकों में मौसम एकदम शुष्क रहेगा और सड़कें साफ रहेंगी।
15 जिलों में बिजली गिरने और बारिश का खतरा
सिक्योरिटी मॉनिटरिंग के मुताबिक, सिंगरौली, सीधी, रीवा, मऊगंज, सतना, अनूपपुर, शहडोल, उमरिया, डिंडोरी, मंडला, बालाघाट, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और मैहर में आज खास गश्त और अलर्ट की जरूरत है। इन इलाकों में सिर्फ पानी की बौछारें ही नहीं पड़ेंगी, बल्कि बादलों की तेज गड़गड़ाहट और बिजली चमकने का भी खतरा है। पुलिस प्रशासन को बताया गया है कि यह पूरे जिले की बारिश नहीं है, बल्कि कुछ खास जगहों (isolated rainfall) पर ही मौसम बिगड़ेगा, इसलिए ट्रैफिक डाइवर्जन की जरूरत पड़ सकती है।
भोपाल में साफ रहेंगे रास्ते, गर्मी का रहेगा जोर
राजधानी भोपाल की बात करें तो 7 अक्टूबर को ट्रैफिक या सुरक्षा व्यवस्था को बारिश से कोई खतरा नहीं है। यहां दिनभर आसमान साफ रहेगा। तापमान अधिकतम 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 20 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है। दिन में चिलचिलाती धूप की वजह से गर्मी रहेगी, लेकिन सुबह-रात में मौसम सुहावना रहेगा। सड़कों पर 10 से 12 किलोमीटर प्रति घंटे की स्पीड से हवाएं चलेंगी, जिससे ट्रैफिक में कोई खास अड़चन नहीं आएगी।
इंदौर और प्रमुख शहरों में कोई ट्रैफिक अलर्ट नहीं
इंदौर सहित प्रदेश के ज्यादातर बड़े शहरों में 7 अक्टूबर को बारिश को लेकर पुलिस या ट्रैफिक का कोई विशेष अलर्ट जारी नहीं हुआ है। यहां मौसम पूरी तरह से सूखा रहेगा। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात जवानों को बताया गया है कि अक्टूबर में लोकल मौसम तेजी से बदलता है। इसलिए अगर शाम को अचानक बादल छा जाएं या तेज आंधी चलने लगे, तो तुरंत लोकल ट्रैफिक और मौसम अपडेट पर नजर रखें।
मानसून जाने के बाद भी क्यों बिगड़ा है माहौल?
मौसम विभाग ने सुरक्षा एजेंसियों को इस बेमौसम बारिश का कारण बताया है। मानसून की वापसी भले ही आगे बढ़ गई हो, लेकिन उत्तर और मध्य भारत के कुछ हिस्सों में मौसमी सिस्टम अभी भी काम कर रहे हैं। बिहार से होते हुए झारखंड, विदर्भ और मराठवाड़ा से गुजरकर मध्य महाराष्ट्र तक एक ट्रफ लाइन खिंची हुई है। इसी मौसमी गड़बड़ी के चलते मध्य प्रदेश के पूर्वी हिस्से में बारिश और गरज-चमक का यह सुरक्षा अलर्ट जारी करना पड़ा है।





