Rajpal Yadav Case: CJI सूर्यकांत ने ली चुटकी, बोले- ‘अच्छी फिल्म बनाइए, हमारे यहां भी कई अच्छे एक्टर हैं’
राजपाल यादव से जुड़े 7 चेक बाउंस मामले की सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। रकम जमा नहीं करने पर अभिनेता ने फिल्म ‘अता पता लापता’ में हुए भारी नुकसान का हवाला दिया। इसी दौरान CJI सूर्यकांत ने उनसे फिल्म बनाने को लेकर चुटकी ली और कहा कि कोर्ट में भी कई अच्छे एक्टर एडवोकेट हैं।

सुप्रीम कोर्ट में राजपाल यादव के चेक बाउंस मामले पर सुनवाई
Rajpal Yadav Supreme Court: चेक बाउंस से जुड़े करीब 16 साल पुराने मामले की सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट में अभिनेता राजपाल यादव और CJI सूर्यकांत के बीच हल्का-फुल्का संवाद देखने को मिला। कोर्ट में रकम जमा करने के मुद्दे पर राजपाल यादव ने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला दिया। इसी दौरान CJI ने उनसे फिल्म या सीरियल बनाने को लेकर सवाल किया और फिर मजाकिया अंदाज में कहा कि अच्छी फिल्म बनाइए, यहां भी कई एडवोकेट अच्छे एक्टर हैं।
कोर्ट में रकम जमा करने का मुद्दा उठा
बता दें, सुनवाई के दौरान राजपाल यादव को 1.15 करोड़ रुपये जमा कराने के निर्देश से जुड़ा मुद्दा सामने आया। यह रकम तय समय तक जमा नहीं होने पर अभिनेता ने अदालत के सामने अपनी आर्थिक परेशानियों का जिक्र किया। राजपाल ने बताया कि उनकी फिल्म ‘अता पता लापता’ में बड़ी रकम फंस गई थी। उन्होंने कहा कि फिल्म से उन्हें कोई कमाई नहीं हुई और इसके रिलीज न हो पाने से उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा।
‘17 करोड़ रुपये फिल्म में डूब गए’
राजपाल यादव ने अदालत को बताया कि उन्होंने फिल्म ‘अता पता लापता’ में करीब 17 करोड़ रुपये गंवाए। फिल्म सिनेमाघरों में ठीक तरह से रिलीज नहीं हो सकी, जिससे निवेश की भरपाई नहीं हो पाई। उन्होंने यह भी कहा कि वह पिछले वर्षों में करीब 250 फिल्मों में काम कर चुके हैं, लेकिन इस फिल्म से जुड़ा आर्थिक नुकसान अब भी उनके लिए परेशानी का कारण बना हुआ है।
CJI ने पूछा- फिल्म या सीरियल बना रहे हैं?
जानकारी के अनुसार, राजपाल यादव की आर्थिक स्थिति की बात सुनने के दौरान CJI सूर्यकांत ने उनसे पूछा कि क्या वह इन दिनों कोई फिल्म या सीरियल बना रहे हैं। राजपाल ने अपने पुराने प्रोजेक्ट का जिक्र करते हुए कहा कि फिल्म में पैसा लगाने के बावजूद उन्हें उससे कोई आय नहीं हुई। इसके बाद CJI ने हल्के अंदाज में कहा कि कोई अच्छी सी फिल्म बनाइए, क्योंकि अदालत में भी कई ऐसे एडवोकेट हैं जो अच्छे एक्टर हैं।
राजपाल बोले- जहां भेजेंगे, जाने को तैयार
सुनवाई के दौरान राजपाल यादव ने अदालत से कहा कि वह कोर्ट के निर्देश का पालन करने के लिए तैयार हैं। उन्होंने अपनी आर्थिक स्थिति का हवाला देते हुए कहा कि फिल्म प्रोजेक्ट में बड़ी रकम चली गई और अब उनके पास पर्याप्त पैसा नहीं है। अदालत के समक्ष उन्होंने यह भी कहा कि फिल्म से उन्हें कोई आमदनी नहीं हुई और वह सिनेमाघरों में भी रिलीज नहीं हो पाई थी।
क्या है 7 चेक बाउंस का मामला?
दरअसल, यह पूरा विवाद वर्ष 2010 में शुरू हुआ था, जब राजपाल यादव ने ‘अता पता लापता’ फिल्म बनाने के लिए दिल्ली की कंपनी मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये की आर्थिक मदद ली थी। फिल्म वर्ष 2012 में रिलीज हुई, लेकिन बॉक्स ऑफिस पर उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर सकी। रकम लौटाने के लिए कंपनी को दिए गए सात चेक बाउंस हो गए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ता गया और मामला अदालत पहुंचा।
समझौते के बाद भी खत्म नहीं हुआ विवाद
2012 में दोनों पक्षों के बीच एक समझौता हुआ था। इसमें ब्याज समेत करीब 11 करोड़ रुपये लौटाने की बात सामने आई थी। मामला आगे बढ़ने के बाद ट्रायल कोर्ट ने 2018 में राजपाल यादव को दोषी ठहराया।
इसके बाद मामला दिल्ली हाई कोर्ट पहुंचा। जुलाई 2026 में हाई कोर्ट ने उनकी तीन महीने की सजा को बरकरार रखा। फरवरी 2026 में राजपाल यादव को तिहाड़ जेल भी जाना पड़ा था। बाद में करीब 1.5 करोड़ रुपये जमा किए जाने के बाद उन्हें राहत मिली थी।
अब सुप्रीम कोर्ट में मामले की सुनवाई के दौरान एक बार फिर बकाया रकम जमा करने का मुद्दा सामने आया है।







