OBC से शिक्षक, ST से DSP और फिर IPS तक का सफर; जाति प्रमाण पत्र विवाद में घिरे रघुवीर सिंह मीणा
रिटायर्ड IPS रघुवीर सिंह मीणा पर जाति प्रमाण पत्र मामले में FIR दर्ज हुई है। जांच में शिक्षक की नौकरी के दौरान OBC और DSP चयन के समय ST प्रमाण पत्र से जुड़े रिकॉर्ड सामने आए हैं। संबंधित ST प्रमाण पत्र को जांच समिति अमान्य बता चुकी है।

पूर्व आईपीएस रघुवीर सिंह मीणा और पूर्व विधायक ममता मीणा
MP NEWS: मध्यप्रदेश के रिटायर्ड IPS अधिकारी रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ जाति प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में पुलिस ने FIR दर्ज की है। यह मामला उनके सरकारी सेवा में प्रवेश से जुड़े दस्तावेजों और अलग-अलग समय पर इस्तेमाल किए गए जाति प्रमाण पत्रों को लेकर है। गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत के बाद मामले की जांच आगे बढ़ी थी।
सरकारी शिक्षक से शुरू हुआ था करियर
जांच में सामने आए रिकॉर्ड के मुताबिक, रघुवीर सिंह मीणा ने पुलिस सेवा में आने से पहले सरकारी शिक्षक के तौर पर काम किया था। शिक्षक की नौकरी के दौरान उनके दस्तावेजों में OBC वर्ग का प्रमाण पत्र दर्ज था। इसके बाद जब उन्होंने MPPSC के जरिए DSP पद के लिए आवेदन किया, तब ST वर्ग से संबंधित प्रमाण पत्र पेश किया था। इसी प्रमाण पत्र के आधार पर DSP पद पर चयन हुआ था ।
ST प्रमाण पत्र को लेकर क्या है विवाद?
बता दें, मामले में जिस ST प्रमाण पत्र पर सवाल उठे हैं, वह वर्ष 1984 में विदिशा जिले से जारी किया गया था। बाद में मध्यप्रदेश शासन की छानबीन समिति ने इस प्रमाण पत्र से जुड़े दस्तावेजों की जांच की। समिति ने जांच के बाद प्रमाण पत्र को अमान्य माना था। जांच के दौरान प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया और रघुवीर सिंह मीणा के मूल निवासी होने से जुड़े दस्तावेज भी जांच का हिस्सा बने।
शिकायत के बाद फिर खुली फाइल
जाति प्रमाण पत्र को लेकर यह विवाद नया नहीं है। वर्ष 2009 में भी इस मामले को लेकर विजिलेंस स्तर पर शिकायत हुई थी। इसके बाद विभागीय स्तर पर दस्तावेजों की जांच की गई। गुना निवासी हरवीर सिंह रघुवंशी की शिकायत के आधार पर मामले में दोबारा कार्रवाई हुई। पुलिस मुख्यालय की सतर्कता शाखा ने जांच के बाद अब FIR दर्ज की है।
इन धाराओं में केस दर्ज
पुलिस ने रघुवीर सिंह मीणा के खिलाफ धोखाधड़ी, साजिश और गलत दस्तावेज के इस्तेमाल से जुड़े प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया है। इसके अलावा SC-ST अत्याचार निवारण अधिनियम की संबंधित धाराएं भी लगाई गई हैं। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि संबंधित प्रमाण पत्र कैसे जारी हुआ और इसके आधार पर सरकारी सेवा में कौन-कौन से लाभ हासिल किए गए।
2002 में IPS अवॉर्ड
रघुवीर सिंह मीणा का चयन वर्ष 1986 में DSP पद पर हुआ था। इसके बाद वर्ष 2002 में उन्हें IPS अवॉर्ड मिला। यानी पुलिस सेवा में DSP के तौर पर शुरुआत करने के बाद उन्होंने IPS अधिकारी के रूप में भी जिम्मेदारी संभाली और बाद में सेवानिवृत्त हुए।
पत्नी भी राजनीति में रहीं सक्रिय
वहीं, रघुवीर सिंह मीणा की पत्नी ममता मीणा मध्यप्रदेश की राजनीति में भी सक्रिय रही हैं। वह चाचौड़ा विधानसभा सीट से वर्ष 2013 से 2018 तक भाजपा की विधायक रही थीं। ममता मीणा विधानसभा चुनाव के अलावा स्थानीय राजनीति में भी सक्रिय रही हैं और वर्तमान में गुना जिला पंचायत की सदस्य हैं।

