सरकारी योजनाओं में देरी पर 13 पटवारी सस्पेंड, 137 को नोटिस; कलेक्टर ने मांगा जवाब
सागर जिले में सरकारी योजनाओं से जुड़े कामों में लापरवाही और लंबित प्रकरणों के मामले में कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 13 पटवारियों को निलंबित कर दिया है। वहीं, 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। प्रशासन ने योजनाओं का लाभ समय पर पहुंचाने पर जोर दिया है।

कलेक्टर प्रतिभा पाल ने कार्रवाई की।
Sagar Patwari Action: मध्य प्रदेश के सागर जिले में सरकारी योजनाओं से जुड़े कामकाज में ढिलाई बरतने के मामले में प्रशासन ने सख्त कदम उठाया है। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने 13 पटवारियों को निलंबित कर दिया है, जबकि 137 अन्य पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया है। यह कार्रवाई लंबित मामलों और निर्धारित समय पर जिम्मेदारियां पूरी नहीं करने की शिकायतों के आधार पर की गई है।
13 पटवारियों पर गिरी निलंबन की गाज
सूत्रों के मुताबिक, प्रशासनिक कार्रवाई के तहत सागर ग्रामीण तहसील से मीना खैरवार और लक्ष्मी जाटव, गढ़ाकोटा से अखिलेश दीक्षित, केसली से राजकुमार गौड़ और भूपेंद्र राज को निलंबित किया गया है। इसी तरह खुरई तहसील के अजय श्रीवास्तव और गोविंद राय, मालथौन के पुष्पेंद्र भदौरिया और महेंद्र अर्गल, बांदरी के योगेंद्र प्रताप, बंडा के दिलीप राजा और अभिषेक कोरी तथा रहली तहसील के ब्रजेंद्र रावत पर भी निलंबन की कार्रवाई की गई है।
137 पटवारियों से जवाब तलब
बता दें, निलंबन के अलावा प्रशासन ने 137 पटवारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किए हैं। इन कर्मचारियों से कामकाज में हुई देरी और लंबित प्रकरणों को लेकर स्पष्टीकरण मांगा गया है। नोटिस के जरिए संबंधित पटवारियों को अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया है। प्रशासन का जोर इस बात पर है कि सरकारी योजनाओं से जुड़े मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए और पात्र लोगों को समय पर लाभ मिल सके।
स्वामित्व योजना की प्रक्रिया को लेकर विरोध
सागर सहित मध्य प्रदेश के अन्य इलाकों में पटवारियों के स्वामित्व योजना के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में मुफ्त रजिस्ट्री की प्रक्रिया को लेकर विरोध किया गया है। इस मुद्दे पर पटवारियों के अवकाश पर जाने का भी जिक्र है। हालांकि, प्रशासनिक कार्रवाई लंबित प्रकरणों और काम में लापरवाही के आधार पर की गई है। उपलब्ध जानकारी में यह स्पष्ट नहीं है कि निलंबित किए गए सभी पटवारियों के खिलाफ कार्रवाई का सीधा संबंध स्वामित्व योजना के विरोध से है या नहीं।
पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ पहुंचाने पर जोर
वहीं, सरकारी योजनाओं का लाभ सही व्यक्ति तक तय समय में पहुंचाना प्रशासन की प्रमुख जिम्मेदारियों में शामिल है। राजस्व से जुड़े मामले अटकने पर किसानों और दूसरे पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ मिलने में परेशानी हो सकती है। कलेक्टर ने कामकाज में समयबद्धता और पारदर्शिता बनाए रखने पर जोर दिया है। कार्रवाई के जरिए प्रशासन ने लंबित मामलों को निपटाने और सरकारी कामों में जवाबदेही सुनिश्चित करने का संदेश दिया है।


