sagar liquor scandal: दो आरोपी मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार, एक के पैर में लगी गोली
सागर के बंडा शराबकांड में फरार मनीष लोधी और आशीष साहू को पुलिस ने कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार फायरिंग के जवाब में हुई कार्रवाई में मनीष के पैर में गोली लगी, जबकि भागते समय आशीष घायल हुआ। दोनों पर 30-30 हजार रुपए का इनाम था।
पुलिस से मुठभेड़ में मनीष लोधी के पैर में लगी गोली
sagar liquor scandal: सागर जिले के बंडा शराबकांड में फरार चल रहे दो आरोपियों को पुलिस ने कथित मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार किया है। नोनिया-सेसई रोड घाटी पर घेराबंदी के दौरान आरोपियों ने टीम पर फायरिंग की। जवाबी कार्रवाई में मनीष लोधी के पैर में गोली लगी, जबकि भागने की कोशिश में आशीष साहू घायल हो गया। दोनों आरोपियों पर 30-30 हजार रुपए का इनाम घोषित था। घायल आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
तड़के 3 बजे हुई पुलिस से मुठभेड़
पुलिस के अनुसार, बुधवार तड़के करीब 3 बजे मालथौन थाना क्षेत्र में नोनिया-सेसई रोड घाटी के पास टीम ने संदिग्धों की घेराबंदी की थी। इसी दौरान मनीष लोधी और आशीष साहू ने कथित तौर पर पुलिस पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी फायरिंग की, जिसमें मनीष के पैर में गोली लगी। वहीं, आशीष पुलिस से बचने के लिए भागा, लेकिन इस दौरान वह भी घायल हो गया। दोनों को हिरासत में लेकर अस्पताल पहुंचाया गया।
दो कट्टे और पांच कारतूस मिले
बता दें, पुलिस ने आरोपियों के पास से दो देसी कट्टे, पांच कारतूस और एक बेसबॉल डंडा बरामद करने का दावा किया है। घटनास्थल से अन्य साक्ष्य भी जुटाए गए हैं। दोनों आरोपियों का मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
शराबकांड में 52 आरोपी, 39 गिरफ्तार
जांच के दौरान अवैध शराब तैयार करने से लेकर उसकी सप्लाई तक कई लोगों की कथित भूमिका सामने आई है। जिसमें अब तक 52 लोगों को आरोपी बनाया गया है। इनमें 39 की गिरफ्तारी हो चुकी है, जबकि 11 आरोपी अभी फरार बताए जा रहे हैं। वहीं, रामसिंह और दिनेश शिवहरे की जहरीली शराब पीने के बाद मौत हो चुकी है।
मनीष लोधी पर पहले से 11 मामले
पुलिस ने बताया है कि मनीष लोधी उर्फ यशवंत सिंह बरेठी शराब दुकान का लाइसेंसी ठेकेदार था। उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 11 अपराध दर्ज हैं। आपराधिक रिकॉर्ड के बावजूद उसने नाम बदलकर शराब दुकान का ठेका लिया। उसने यशवंत सिंह को अपना भाई बताया था, जबकि पुलिस जांच में यशवंत की पहचान मनीष लोधी के रूप में सामने आई। इसके बाद उसके खिलाफ धोखाधड़ी का प्रकरण भी दर्ज किया गया। प्रशासन ने बरेठी शराब दुकान का ठेका निरस्त कर दिया है।
रवि लखेरा पर नकली शराब तैयार कराने का आरोप
जांच एजेंसियों के मुताबिक, छतरपुर जिले के महोबा निवासी रवि लखेरा लंबे समय से ललितपुर में रह रहा था। पुलिस उसे अंतरराज्यीय शराब तस्करी से जुड़ा आरोपी बता रही है। उसके खिलाफ मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग थानों में करीब 25 मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। रवि को अवैध शराब तैयार करने और उसमें इस्तेमाल होने वाली सामग्री की जानकारी थी। उसने अपनी टीम के जरिए नकली शराब तैयार करवाई।
चंदू के खेत को बनाया गया था कथित ठिकाना
पुलिस के अनुसार, ततरवारा गांव के चंद्रभान सिंह राजपूत उर्फ चंदू की भूमिका भी सामने आई है। उस पर अवैध शराब बनाने और सप्लाई नेटवर्क चलाने का आरोप है। उसके मक्के के खेत में शराब तैयार की गई थी। शिवांजय राजपूत पर तैयार शराब को आसपास के गांवों तक पहुंचाने में भूमिका निभाता था। वह चंदू का रिश्तेदार है और मनीष लोधी के संपर्क में था।
50 पेटी शराब तैयार करने का दावा
पुलिस की जांच के अनुसार, 2 सितंबर को ततरवारा में चंदू के मक्के के खेत में अवैध शराब तैयार की गई थी। रवि लखेरा और मनीष लोधी ने शराब बनाने का सामान उपलब्ध कराया। इसके बाद चंदू, शिवांजय और मनीष ने मिलकर करीब 50 पेटी शराब तैयार की।
इस शराब को कथित तौर पर ‘सागर गोल्ड’ नाम से आसपास के गांवों में पहुंचाया गया। मामले में पुलिस अब अवैध शराब के पूरे नेटवर्क, पैसों के लेन-देन और आरोपियों के आपसी कनेक्शन की जांच कर रही है।



