Sagar Spurious Liquor Case: आरोपियों के घरों पर नहीं चलेगा बुलडोजर, हाईकोर्ट ने लगाई अंतरिम रोक; आज फिर सुनवाई
Sagar Spurious Liquor Case: सागर जहरीली शराब केस में आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और राजकुमारी कुशवाहा को जबलपुर हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने घरों पर बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई है।
जबलपुर हाईकोर्ट ने सागर जहरीली शराब केस में बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगाई
Sagar Spurious Liquor Case: सागर में जहरीली शराब से हुई मौतों के मामले में आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और राजकुमारी कुशवाहा को जबलपुर हाईकोर्ट से अंतरिम राहत मिली है। कोर्ट ने फिलहाल दोनों के घरों पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई पर रोक लगा दी है। मामले में शुक्रवार को फिर सुनवाई होगी।
सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का दिया हवाला
जानकारी के मुताबिक, सागर जहरीली शराब कांड में प्रशासन द्वारा आरोपियों की संपत्तियों पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही थी। इसके खिलाफ सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और राजकुमारी कुशवाहा ने जबलपुर हाईकोर्ट का रुख किया। याचिका में सुप्रीम कोर्ट की संपत्ति तोड़ने से जुड़ी गाइडलाइन का हवाला देते हुए प्रशासन की प्रस्तावित कार्रवाई पर रोक लगाने की मांग की गई।
गुरुवार को मामले की सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने आरोपियों के घरों को तोड़ने की कार्रवाई पर अंतरिम रोक लगा दी। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को निर्धारित की है। आगे की कार्रवाई कोर्ट के निर्देशों पर निर्भर करेगी।
जहरीली शराब मामले में कई गिरफ्तारियां
बता दें, सागर में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद पुलिस और प्रशासन की कार्रवाई लगातार जारी है। पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, कुछ आरोपी अभी भी फरार बताए जा रहे हैं। अवैध शराब के नेटवर्क से जुड़े लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से अवैध शराब कारोबार और उससे जुड़े मामलों में अलग-अलग स्तर पर कार्रवाई की जा रही है।
दो शराब दुकानों के लाइसेंस रद्द
प्रशासन के अनुसार, इस मामले में विनायका और बंडा थाना क्षेत्र से जुड़े दो शराब दुकानों के कंपोजिट लाइसेंस भी निरस्त कर दिए गए हैं। जिसमें से मगरधा समूह के लाइसेंसधारी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा और बरेठी शराब दुकान के लाइसेंसधारी यशवंत सिंह ठाकुर का लाइसेंस निरस्त किया गया है। आपराधिक मामलों में संलिप्तता सामने आने के बाद मध्य प्रदेश आबकारी अधिनियम, 1915 के तहत यह कार्रवाई की गई।
इसी के साथ ही बंडा प्रकरण से जुड़े आरोपी सिद्धार्थ सिंह कुशवाहा की ग्राम मसवासी स्थित पत्थर क्रशर की खनिज लीज पर भी प्रशासन ने कार्रवाई की है। प्रशासन का कहना है कि नियमों के लगातार उल्लंघन और निर्धारित समय-सीमा का पालन नहीं करने के कारण खनिज लीज निरस्त की गई। इस कार्रवाई को भी सागर जहरीली शराब मामले के बाद प्रशासन द्वारा की जा रही कार्रवाई की कड़ी के तौर पर देखा जा रहा है।

