सनातन हिंदू एकता यात्रा पहुंची सागर, धीरेंद्र शास्त्री बोले- ‘बेटियों दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन बुर्के वाली मत बनो’
पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा सागर पहुंची। यहां उन्होंने हिंदुओं से एकजुट रहने की अपील की और बेटियों को लेकर बयान दिया। जेन-जी आंदोलन और सोशल मीडिया के प्रभाव पर भी उन्होंने अपनी बात रखी।

पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने मीडिया से की बातचीत
Sanatan Hindu Ekta Yatra: बागेश्वर धाम के आचार्य पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की सनातन हिंदू एकता यात्रा देर रात सागर पहुंची। यात्रा के स्वागत के लिए बड़ी संख्या में लोग रातभर सड़कों पर डटे रहे। जगह-जगह श्रद्धालुओं और समर्थकों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। उन्होंने लोगों को वहां संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों दुर्गा बनो, काली बनो लेकिन बुर्के वाली मत बनना। इसके साथ ही शास्त्री ने कहा कि हम सभी एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे।
एक रहेंगे तो सेफ रहेंगे
सागर पहुंचने पर मीडिया से चर्चा करते हुए पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि इस बार की यात्रा में वे पहले की अपेक्षा अधिक लोगों तक पहुंच पा रहे हैं और लोगों से सीधे संवाद भी हो रहा है। उन्होंने बताया कि यात्रा का उद्देश्य सनातनियों को एकजुट करना है। एक रहेंगे, नेक रहेंगे और सेफ रहेंगे का संदेश देते हुए उन्होंने समाज में एकता की आवश्यकता पर जोर दिया।
रील के चक्कर में फंस मत जाना
बता दें, लव जिहाद के मुद्दे पर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने युवतियों को सावधान रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया की रील और आकर्षण के चक्कर में किसी सुंदर युवक के झांसे में नहीं आना चाहिए और दूसरे मजहब के व्यक्ति पर आंख मूंदकर भरोसा नहीं करना चाहिए। उन्होंने बेटियों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियों, दुर्गा बनो, काली बनो, लेकिन कभी बुर्के वाली मत बनो। उनके इस बयान पर समर्थकों ने जोरदार प्रतिक्रिया दी।
युवाओं को अपनी बात रखने का अधिकार
साथ ही, जेन-जी आंदोलन को लेकर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि युवाओं को अपनी बात रखने और आंदोलन करने का अधिकार है। हालांकि, उन्होंने युवाओं से अपील करते हुए कहा कि आंदोलन करते समय देश की छवि खराब नहीं होनी चाहिए। युवाओं की ऊर्जा और उनकी आवाज महत्वपूर्ण है, लेकिन इसे सकारात्मक दिशा में इस्तेमाल किया जाना चाहिए।





