समंदर में तेल ले जा रहे जहाज पर अनजान लोगों ने किया बड़ा हमला, सुरक्षा एजेंसियों ने बढ़ाया पहरा, 4500 से ज्यादा भारतीय नाविकों की सेफ्टी
समंदर में जहाजों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा अलर्ट सामने आया है। एक तेल टैंकर पर हुए अनजान हमले के बाद सभी सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से चौकन्नी हो गई हैं।

समंदर में तेल टैंकर पर हमला, सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट
सुरक्षा में बड़ी सेंध, टैंकर पर दागा गया प्रोजेक्टाइल
समुद्री सुरक्षा के लिहाज से यह एक बहुत ही गंभीर मामला सामने आया है। होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे व्यस्त इलाके में एमटी काजिमाह III (MT Kazimah III) नाम के कुवैती तेल टैंकर पर प्रोजेक्टाइल से जोरदार हमला कर दिया गया। समंदर के इतने सिक्योर माने जाने वाले रूट पर इस तरह का अटैक होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े सवाल खड़े करता है। इस घटना के तुरंत बाद खाड़ी इलाके में मौजूद सभी जांच एजेंसियों ने गश्त बढ़ा दी है और भारतीय नाविकों की सेफ्टी के लिए कड़े कदम उठाए जा रहे हैं।
शुक्रवार की वो घटना जिसमें फंसे 5 भारतीय
जांच एजेंसियों से मिली जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार को कुवैत के झंडे वाला यह टैंकर टोगो देश के लोमे बंदरगाह की तरफ जा रहा था। तभी इसे निशाना बनाया गया। उस वक्त जहाज पर 5 भारतीय नागरिक भी अपनी ड्यूटी कर रहे थे। हमले का अलर्ट मिलते ही ओमान में मौजूद भारतीय दूतावास ने लोकल सुरक्षा अधिकारियों के साथ सीधा संपर्क किया। इसके बाद एक बेहद सधा हुआ बचाव अभियान चलाया गया, जिसके तहत उन सभी पांचों भारतीयों को सुरक्षित वहां से निकाल लिया गया।
हमलावरों की तलाश जारी, किसी के हताहत होने की खबर नहीं
इस पूरे ऑपरेशन के बाद ओमान स्थित भारतीय मिशन ने राहत की सांस लेते हुए बताया कि उनके सभी लोग एकदम सुरक्षित हैं और इस हमले में किसी भी भारतीय की जान नहीं गई है। दूतावास ने इस तेज कार्रवाई के लिए ओमान के अधिकारियों को धन्यवाद भी कहा है। फिलहाल सबसे बड़ी जांच का विषय यह बना हुआ है कि इस हमले के पीछे आखिर हाथ किसका है? अभी तक किसी भी पक्ष की आधिकारिक पहचान नहीं हो सकी है, जिसने इस इलाके में व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है।
12 खास जहाजों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग चालू
इस हमले के बाद अब सभी की नजरें उस डेटा पर हैं जो विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 29 सितंबर को शेयर किया था। उन्होंने बताया था कि फारस की खाड़ी के पास 4,500 से ज्यादा भारतीय नाविक अलग-अलग जहाजों पर तैनात हैं। इनमें से 6 जहाज सीधे भारत के झंडे वाले हैं और 6 अन्य विदेशी जहाज भारत का कार्गो ला रहे हैं। इन कुल 12 जहाजों पर लगभग 163 भारतीय मौजूद हैं। अब भारतीय शिपिंग मंत्रालय और सभी सुरक्षा एजेंसियां मिलकर इन जहाजों की 24 घंटे ट्रैकिंग और निगरानी कर रही हैं।





