Bundelikhabre
होम
मध्यप्रदेश
सागर
दमोह
छतरपुर
पन्ना
टीकमगढ़
निवाड़ी
देशराजनीतिशिक्षा
होम
मध्यप्रदेश
सागरदमोहछतरपुरपन्नाटीकमगढ़निवाड़ी
देशराजनीतिशिक्षा
Bundelikhabre

बुंदेली खबरें - देश और दुनिया की ताज़ा ख़बरों के लिए आपका भरोसेमंद डिजिटल न्यूज़ प्लेटफार्म। मध्य प्रदेश की हर छोटी-बड़ी ख़बर सबसे पहले।

बुंदेलखंड की विश्वसनीय आवाज़

Navigation

  • होम
  • बुंदेलखंड
  • मध्यप्रदेश
  • हमारे बारे में
  • संपर्क करें

Newsletter

ताज़ा खबरों और अपडेट्स के लिए हमारे न्यूज़लेटर को सब्सक्राइब करें।

ब्रेकिंग न्यूज़ सबसे पहलेएक्सक्लूसिव ग्राउंड रिपोर्ट्स

Copyright © 2026 BUNDELIKHABRE. All Rights Reserved.

Privacy Policy|Terms & Conditions|Disclaimer|Editorial Policy|Contact Us
होमदेशSIR पर सियासी घमासान: 7 बार कांग्रेस के दौर में हुआ रिविजन, 9वें पर क्यों बढ़ा विवाद?

SIR पर सियासी घमासान: 7 बार कांग्रेस के दौर में हुआ रिविजन, 9वें पर क्यों बढ़ा विवाद?

SIR को लेकर कांग्रेस और बीजेपी के बीच राजनीतिक बहस तेज है। कांग्रेस प्रक्रिया, दस्तावेजों और मतदाता नामों को लेकर सवाल उठा रही है। बीजेपी पुराने रिकॉर्ड का हवाला दे रही है। देश में इससे पहले 8 बार Intensive Revision हुआ, जिनमें 7 कांग्रेस नेतृत्व वाली सरकारों के दौर में हुए।

P
By Pragati Chaurasiya
26 Sept 2026
शेयर करें:
SIR पर सियासी घमासान: 7 बार कांग्रेस के दौर में हुआ रिविजन, 9वें पर क्यों बढ़ा विवाद?

राहुल गांधी और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार

9th SIR Sparks Political Row: देश में मतदाता सूची के स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस ने मौजूदा प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। पार्टी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी आपत्ति दर्ज की है। वहीं, बीजेपी का कहना है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र का हिस्सा है।

SIR क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है?

बता दें, SIR यानी Special Intensive Revision के तहत मतदाता सूची की व्यापक स्तर पर जांच और अपडेट किया जाता है। इस प्रक्रिया में नए पात्र मतदाताओं को जोड़ने के साथ-साथ मृत, स्थायी रूप से स्थान बदल चुके या अपात्र मतदाताओं से जुड़ी प्रविष्टियों की पहचान की जाती है। चुनाव आयोग के अनुसार, इसका उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाए रखना है।

पहले कब-कब हुआ SIR?

मतदाता सूची का गहन पुनरीक्षण पहली बार नहीं हो रहा है। चुनाव आयोग के रिकॉर्ड के अनुसार, देश में अब तक 8 बार Intensive Revision की प्रक्रिया हो चुकी है। इनमें सात बार यह प्रक्रिया कांग्रेस के नेतृत्व वाली केंद्र सरकारों के कार्यकाल में हुई थी।

  • 1952-56: जवाहरलाल नेहरू सरकार
  • 1957-61: जवाहरलाल नेहरू सरकार
  • 1965-66: लाल बहादुर शास्त्री सरकार
  • 1983-84: इंदिरा गांधी सरकार
  • 1987-89: राजीव गांधी सरकार
  • 1992-93: पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार
  • 1995: पी.वी. नरसिम्हा राव सरकार
  • 2002-04: अटल बिहारी वाजपेयी के नेतृत्व वाली NDA सरकार में प्रक्रिया शुरू हुई और 2004 में मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री बनने के बाद पूरी हुई।

यही पुराना रिकॉर्ड अब मौजूदा राजनीतिक बहस में भी सामने आ रहा है। बीजेपी पुराने SIR का हवाला देते हुए कांग्रेस के मौजूदा विरोध पर सवाल उठा रही है। वहीं, कांग्रेस का जोर इस बात पर है कि वर्तमान प्रक्रिया में मतदाताओं के अधिकार और पारदर्शिता सुनिश्चित होनी चाहिए।

मौजूदा SIR पर कांग्रेस की क्या आपत्ति है?

SIR को लेकर कांग्रेस का कहना है कि पुनरीक्षण की प्रक्रिया में बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित होने की आशंका है। पार्टी ने मतदाताओं से मांगे जा रहे दस्तावेजों, नाम हटाने की प्रक्रिया और सत्यापन के तरीके को लेकर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने चुनाव आयोग की निर्णय प्रक्रिया और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका पर भी सवाल खड़े किए हैं। हालांकि, ये कांग्रेस की आपत्तियां और राजनीतिक दावे हैं। चुनाव आयोग की ओर से SIR को मतदाता सूची को अपडेट करने और उसकी शुद्धता बनाए रखने की प्रक्रिया बताया गया है।

बीजेपी का क्या कहना है?

बीजेपी मौजूदा विवाद के बीच पहले हुए SIR का रिकॉर्ड सामने रख रही है। पार्टी का तर्क है कि मतदाता सूची का पुनरीक्षण कोई नई कवायद नहीं है और अलग-अलग समय में सरकारों के दौरान यह प्रक्रिया पहले भी अपनाई जाती रही है।

संबंधित खबरें

बंगाल में ‘ममता की TMC’ में बड़ा ट्विस्ट! रेजीनगर सीट पर कुछ ही घंटों में बदला चुनावी फैसला  

बंगाल में ‘ममता की TMC’ में बड़ा ट्विस्ट! रेजीनगर सीट पर कुछ ही घंटों में बदला चुनावी फैसला  

19 Sept 2026
 ममता का बड़ा फैसला: संचिता प्रधान के नामांकन वापसी के बाद अब कांग्रेस के समर्थन में TMC

ममता का बड़ा फैसला: संचिता प्रधान के नामांकन वापसी के बाद अब कांग्रेस के समर्थन में TMC

18 Sept 2026
अंतरिक्ष से अब देश की सीमाओं और मौसम पर होगी कड़ी नजर: इसरो ने GSLV-F17 से लॉन्च किया EOS-05

अंतरिक्ष से अब देश की सीमाओं और मौसम पर होगी कड़ी नजर: इसरो ने GSLV-F17 से लॉन्च किया EOS-05

4 Sept 2026

लेटेस्ट न्यूज़

SIR पर सियासी घमासान: 7 बार कांग्रेस के दौर में हुआ रिविजन, 9वें पर क्यों बढ़ा विवाद?

SIR पर सियासी घमासान: 7 बार कांग्रेस के दौर में हुआ रिविजन, 9वें पर क्यों बढ़ा विवाद?

26 सितंबर 2026
‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलाई पहचान, अब फिल्म प्रोड्यूसर ने इलाज की दिशा में बढ़ाया कदम

‘हनुमान अंश’ के भजन ने दिलाई पहचान, अब फिल्म प्रोड्यूसर ने इलाज की दिशा में बढ़ाया कदम

26 सितंबर 2026
छतरपुर में दो पटवारी निलंबित, एक पर सरकारी जमीन में गड़बड़ी तो दूसरे पर रिश्वत मांगने का आरोप

छतरपुर में दो पटवारी निलंबित, एक पर सरकारी जमीन में गड़बड़ी तो दूसरे पर रिश्वत मांगने का आरोप

26 सितंबर 2026
OBC आरक्षण पर राहुल गांधी ने लिखा CM मोहन को पत्र, सारंग बोले- 'चिट्ठी को पढ़ लें तो मैं उन्हें इनाम दूंगा'

OBC आरक्षण पर राहुल गांधी ने लिखा CM मोहन को पत्र, सारंग बोले- 'चिट्ठी को पढ़ लें तो मैं उन्हें इनाम दूंगा'

24 सितंबर 2026
आंदोलन के 12वें दिन 'सूली सत्याग्रह', विस्थापन और मुआवजे की मांग; जमकर की नारेबाजी

आंदोलन के 12वें दिन 'सूली सत्याग्रह', विस्थापन और मुआवजे की मांग; जमकर की नारेबाजी

24 सितंबर 2026
और पढ़ें

न्यूज़लेटर

देश-दुनिया की सबसे ताज़ा ख़बरें सीधे अपने इनबॉक्स में पाएं।