मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी, इंदौर समिट में चिप डिजाइन और AI पर चर्चा
मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने के लिए इंदौर में समिट आयोजित हो रही है। इसमें चिप डिजाइन, AI, पैकेजिंग, टेस्टिंग और निवेश पर चर्चा की जा रही है।
मध्य प्रदेश को सेमीकंडक्टर हब बनाने की तैयारी
मध्य प्रदेश में आधुनिक तकनीक से जुड़े उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए इंदौर में सेमीकंडक्टर समिट-2026 का आयोजन किया जा रहा है। शुक्रवार से शुरू हुआ यह कार्यक्रम दो दिन तक चलेगा। ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में 50 से अधिक कंपनियां अपने उत्पाद, तकनीक और समाधान पेश कर रही हैं।
सरकार का लक्ष्य निवेश आकर्षित करना
राज्य सरकार प्रदेश को चिप डिजाइन, सेमीकंडक्टर पैकेजिंग, टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन के क्षेत्र में प्रमुख केंद्र बनाना चाहती है। इसी दिशा में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कंपनियों के प्रतिनिधियों के साथ वन-टू-वन बैठकें कर रहे हैं। इन बैठकों में निवेश और तकनीकी सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा हो रही है।
सेमीकंडक्टर क्षेत्र में क्या-क्या होगा?
समिट में चिप डिजाइन, निर्माण तकनीक, एडवांस पैकेजिंग, टेस्टिंग और इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन जैसे विषयों पर चर्चा होगी। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI, रिसर्च और तकनीकी नवाचार को भी कार्यक्रम में जगह दी गई है।
50 से ज्यादा कंपनियां पेश कर रहीं समाधान
प्रदर्शनी में कंपनियां चिप डिजाइन, उपकरण, तकनीकी सामग्री, पैकेजिंग और टेस्टिंग से जुड़े समाधान दिखा रही हैं। इससे उद्योग जगत के लोगों को संभावित निवेशकों और कारोबारी साझेदारों के साथ संपर्क बनाने का अवसर मिल रहा है।
पारस सेमीकंडक्टर्स का निवेश प्रस्ताव
इस आयोजन में पारस सेमीकंडक्टर्स का करीब 6200 करोड़ रुपये का प्रस्तावित निवेश भी चर्चा में है। कंपनी मध्य प्रदेश में असेंबली और टेस्टिंग इकाई स्थापित करने का प्रस्ताव दे चुकी है। परियोजना आगे बढ़ने के लिए आवश्यक मंजूरियों और अन्य प्रक्रियाओं पर निर्भर करेगी।
कुशल कर्मचारियों की जरूरत पर भी ध्यान
सेमीकंडक्टर उद्योग को विकसित करने के लिए निवेश के साथ प्रशिक्षित कर्मचारियों, आधुनिक सुविधाओं और मजबूत सप्लाई चेन की भी जरूरत होगी। सरकार की सेमीकंडक्टर नीति-2025 के तहत निवेश प्रोत्साहन, तकनीकी प्रशिक्षण और शिक्षण संस्थानों के साथ सहयोग पर चर्चा की जा रही है।



