CM से बातचीत के बाद कानूनी सुरक्षा और कार्रवाई वापसी पर पटवारी संघ व सरकार में सहमति
कानूनी सुरक्षा के आदेश जारी होंगे, पटवारी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक। 17 सितंबर के बाद की कार्रवाई वापसी पर भी सहमति की बात आई।

सरकारी दस्तावेजों और आदेश की प्रतीकात्मक तस्वीर
यह बात पटवारी संघ के पदाधिकारियों ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव से शुक्रवार शाम हुई बैठक के बाद बताई। स्वामित्व योजना को लेकर सरकार और संघ का विवाद इसी के साथ खत्म हो गया और संघ ने 12 अक्टूबर से काम दोबारा शुरू करने का फैसला किया।
कानूनी संरक्षण की मांग क्यों उठी
पटवारियों को आशंका थी कि जमीन के रिकॉर्ड और पंजीयन से जुड़े किसी विवाद में उन पर भी कानूनी कार्रवाई हो सकती है। इसी वजह से संघ लगातार सुरक्षा के स्पष्ट नियम बनाने की मांग कर रहा था। पटवारी इसी और अन्य मांगों के लिए सामूहिक अवकाश पर थे, जिससे योजना में जमीन पंजीयन का काम प्रभावित हो रहा था।
17 सितंबर के बाद की कार्रवाई पर क्या बनी सहमति
बैठक में 17 सितंबर के बाद पटवारियों के खिलाफ हुई विभागीय कार्रवाई वापस लेने पर भी सहमति बनने की बात सामने आई है। मगर इन फैसलों को लागू करने के लिए संबंधित सरकारी आदेश जारी होना जरूरी है। इसलिए कार्रवाई वापसी और कानूनी संरक्षण की सही स्थिति आदेश आने के बाद ही स्पष्ट होगी।
सात जिलों में 27 प्रोबेशनर पटवारियों की सेवा समाप्ति
विवाद की जड़ सरकार की कार्रवाई थी। योजना में अपेक्षित प्रगति न होने पर कई जिलों में कार्रवाई हुई। 8 अक्टूबर की नईदुनिया रिपोर्ट के अनुसार सात जिलों में 27 प्रोबेशनर पटवारियों की सेवाएं खत्म की गईं। इसके विरोध में संघ ने सामूहिक अवकाश पर जाने और सरकारी व्हाट्सएप ग्रुप छोड़ने का निर्णय लिया।
उप मुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल से संघ के पदाधिकारियों की 9 अक्टूबर को बैठक हुई। उसके बाद भी संघ ने मांगें पूरी होने तक काम पर न लौटने की बात कही थी। फिर मुख्यमंत्री से हुई बैठक में सहमति बनी।
वेतन और आर्थिक मांगों पर आश्वासन
भारतीय मजदूर संघ के महामंत्री कुलदीप सिंह गुर्जर के अनुसार वेतन विसंगति और अन्य आर्थिक मांगों पर सरकार ने सकारात्मक रुख दिखाया है। वेतन विसंगति पर आयोग के गठन के बाद आगे विचार होगा। 27 अक्टूबर को पटवारियों के महासम्मेलन में आर्थिक मांगों पर घोषणा का आश्वासन भी मिला है। अब संघ की नजर सरकार की अगली कार्रवाई पर रहेगी।
काम फिर शुरू, 50 लाख संपत्तियों का लक्ष्य
स्वामित्व योजना में गांवों की संपत्तियों का रिकॉर्ड तैयार हो रहा है और लोगों को संपत्ति के दस्तावेज दिए जा रहे हैं। प्रदेश में करीब 50 लाख संपत्तियों के पंजीयन का लक्ष्य है। पटवारियों की भूमिका अहम है, इसलिए उनके लौटने से प्रक्रिया फिर बढ़ने की उम्मीद है।
मुख्यमंत्री कार्यालय ने भी बैठक की जानकारी साझा की। पटवारी संघ ने काम को पूरी प्रतिबद्धता से आगे बढ़ाने का भरोसा दिया है। अब 12 अक्टूबर से काम शुरू होने और सरकार के वादों पर अमल का इंतजार है।




