पन्ना में शास्त्री की रथयात्रा का दूसरा दिन, जगह-जगह स्वागत
छतरपुर से निकली धीरेंद्र शास्त्री की सनातन हिंदू एकता रथयात्रा का दूसरा दिन पन्ना में रहा। जानें स्वागत, संकल्प और संदेश।

रथयात्रा में श्रद्धालुओं के बीच धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री
बागेश्वर धाम (छतरपुर) के पीठाधीश्वर पं. धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की 3.0 'सनातन हिंदू एकता रथयात्रा' का दूसरा दिन पन्ना में रहा। रघुलीला पैलेस में रात गुजारने के बाद यात्रा सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ, राष्ट्रगान और बच्चों की शपथ के साथ फिर चली। आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की भीड़ दिखी। रास्ते में स्वागत, नारों और फूलों की बारिश के बीच शास्त्री ने सामाजिक एकता, नशामुक्ति और राष्ट्रवाद पर जोर दिया।
सात वचनों के साथ रवाना हुई यात्रा
जानकारी के अनुसार पन्ना में रात्रि विश्राम के बाद यात्रा अगले पड़ाव के लिए निकली। इस दौरान श्रद्धालुओं को सात वचनों की शपथ दिलाई गई। शास्त्री ने लोगों से जाति के भेदभाव से ऊपर उठकर आपसी एकता मजबूत करने और नशे से दूर रहने को कहा। यात्रा में अयोध्या के राजू दास महाराज, मलूकपीठ के गंगा दास महाराज, हरिद्वार के मोनी महाराज और चित्रकूट के राधेश्याम महाराज भी साथ हैं।
गांवों से शहर तक स्वागत
यात्रा द्वारी, तारा और दूसरे पड़ावों से निकली तो ग्रामीणों, विद्यार्थियों और शिक्षकों ने स्वागत किया। कई जगह लोगों ने हाथ हिलाकर अभिवादन किया और 'जात-पात की करो विदाई, हम सब हिंदू भाई-भाई' जैसे नारे लगाए। अमानगंज में स्वागत की तैयारियां की गई थीं। सतना बैरियर और पन्ना के डायमंड चौराहे पर श्रद्धालुओं ने फूल बरसाकर शास्त्री का अभिनंदन किया। डायमंड चौराहे पर JCB से पुष्पवर्षा हुई। बादशाह साई चौराहे पर श्रद्धालुओं ने उन्हें भगवान श्री जुगल किशोर जी का चित्र भेंट किया।
तारा गांव से पहले लगा जाम
यात्रा में बड़ी संख्या में लोग जुटे, जिसका असर ट्रैफिक पर भी पड़ा। तारा गांव से पहले जाम लग गया और कई ट्रक व यात्री बसें फंस गईं। यात्रा आगे बढ़ती रही तो श्रद्धालु नाचते-गाते और जय श्रीराम के नारे लगाते दिखे।
जातिवाद के बजाय राष्ट्रवाद पर जोर
अपने संबोधन में शास्त्री ने कहा कि देश में जातिवाद की जगह राष्ट्रवाद को पहले रखा जाना चाहिए। उन्होंने सनातन समाज में एकता और सद्भाव की बात करते हुए कहा कि समाज को मजबूत करने के लिए आपसी मतभेद कम करने होंगे। नशामुक्ति को भी उन्होंने यात्रा के मुख्य उद्देश्यों में गिनाया। शास्त्री के अनुसार बुंदेलखंड में सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना अभियान का अहम हिस्सा है।
पांच दिन, पांच जिले, करीब 500 किलोमीटर
आयोजकों के मुताबिक यह जनजागृति यात्रा पांच दिनों में पांच जिलों से गुजरकर करीब 500 किलोमीटर का सफर पूरा करेगी। यात्रा रविवार सुबह बागेश्वर धाम से शुरू हुई थी। आगे बालाजी का रथ, उसके बाद धीरेंद्र शास्त्री का रथ और पीछे समर्थकों के वाहन चल रहे हैं। पन्ना में पूर्व मंत्री और विधायक बृजेंद्र प्रताप सिंह, BJP जिला अध्यक्ष बृजेंद्र मिश्रा समेत कई लोग मौजूद रहे। यात्रा के दौरान संत राजू दास महाराज ने पंडोखर सरकार से यात्रा का विरोध न करने की अपील की।






