जनसुनवाई ना होने पर युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, नपती न होने से था परेशान; जानिए क्या है मामला?
सागर कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई में पट्टे की जमीन की नपती नहीं होने से परेशान युवक ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। नीलेश चौबे का कहना है कि वह कई बार आवेदन दे चुका है, लेकिन कार्रवाई नहीं हुई। मौके पर मौजूद लोगों और पुलिसकर्मियों ने उसे रोककर शांत कराया।

युवक ने खुद पर डाला पेट्रोल, पुलिस ने कराया शांत
Sagar News: मध्य प्रदेश के सागर में कलेक्टर कार्यालय की जनसुनवाई के दौरान मंगलवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवक ने खुद पर पेट्रोल डाल लिया। युवक अपनी जमीन की नपती कराने की मांग लेकर ऑटो रिक्शा से आवेदन देने पहुंचा था। आवेदन सौंपने के बाद वह अपने ऑटो के पास गया और अचानक खुद पर पेट्रोल डालने लगा। मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत उसे रोका। इसके बाद ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने पहुंचकर युवक को समझाया और शांत कराया।
नपती नहीं होने से परेशान था युवक
युवक की पहचान बाघराज वार्ड निवासी नीलेश चौबे के रूप में हुई है। उसने बताया कि वह फिलहाल बाघराज वार्ड की मल्टी में किराए से रह रहा है, जबकि उसकी पट्टे की जमीन कनेरादेव में है। उसने जमीन की नपती कराने के लिए प्रशासन को आवेदन दिया था, लेकिन काफी समय बीतने के बाद भी कार्रवाई नहीं हुई। बार-बार आवेदन देने के बाद भी नहीं हुई सुनवाई
नीलेश का कहना है कि वह अपनी समस्या लेकर कई बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगा चुका है। पट्टे की जमीन पर अवैध कब्जा किया जा रहा है और वह वहां अपना मकान बनाना चाहता है। लेकिन जमीन की नपती नहीं होने के कारण आगे की कार्रवाई नहीं कर पा रहा है।
युवक ने बताया कि वह परिवार के साथ किराए के कमरे में रह रहा है। उसे आशंका है कि यदि मौजूदा मकान खाली करना पड़ा, तो परिवार को रखने के लिए उसके पास दूसरी जगह नहीं होगी। इसी परेशानी के चलते उसने प्रशासन से जल्द जमीन की नपती कराने की मांग की।
पेट्रोल डालने के बाद कहीं ये बात
अपनी परेशानी बताते हुए नीलेश ने कहा कि वह बार-बार आवेदन देकर थक चुका है और उसकी समस्या का समाधान नहीं हो रहा। खुद पर पेट्रोल डालने के कदम को लेकर उसने निराशा जताई और परिवार के भविष्य की चिंता जाहिर की। घटना के दौरान वहां मौजूद लोगों ने उसे रोक लिया, जिसके बाद पुलिसकर्मियों ने समझाइश देकर स्थिति संभाली। इस घटना से जनसुनवाई में कुछ देर के लिए तनावपूर्ण माहौल बन गया।







