SIR प्रदर्शन में शामिल होने पर इमरान खान ने कोर्ट में जताया खेद, आगे किसी विरोध में हिस्सा नहीं लेने का दिया आश्वासन
SIR विरोध प्रदर्शन में शामिल होने के मामले में अभिनेता इमरान खान ने बॉम्बे हाईकोर्ट में बिना शर्त माफी दी है। उन्होंने भविष्य में ऐसे प्रदर्शनों से दूर रहने का आश्वासन दिया। लीव इंडिया नोटिस पर अंतरिम रोक जारी है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।


इमरान खान ने कोर्ट से मांगी माफी
Actor Imran Khan Legal Case: अभिनेता इमरान खान से जुड़े लीव इंडिया नोटिस मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान नया घटनाक्रम सामने आया है। इमरान ने SIR के खिलाफ हुए प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर अदालत के सामने बिना शर्त माफी रखी है। साथ ही उन्होंने भरोसा दिलाया है कि आगे किसी भी विरोध प्रदर्शन में शामिल नहीं होंगे। फिलहाल अदालत ने उनके खिलाफ जारी लीव इंडिया नोटिस पर रोक लगा रखी है। मामले की अगली सुनवाई 7 दिसंबर को होगी।
प्रदर्शन में भागीदारी को लेकर अदालत में दिया जवाब
बता दें, इस मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश महेश चंद्र त्रिपाठी और जस्टिस अद्वैत सेठना की पीठ कर रही है। पिछली सुनवाई में अदालत ने इमरान से उनके प्रदर्शन में शामिल होने को लेकर स्पष्टीकरण, बिना शर्त माफी और भविष्य के लिए लिखित आश्वासन मांगा था। अब इमरान की ओर से माफी और आगे ऐसे प्रदर्शनों में शामिल नहीं होने की बात अदालत के सामने रखी गई है।
अमेरिकी नागरिक हैं इमरान
सूत्रों के अनुसार, इमरान खान के पास अमेरिका की नागरिकता है और वह ओवरसीज सिटीजन ऑफ इंडिया यानी OCI कार्डधारक हैं। वह करीब 42 वर्षों से भारत में रह रहे हैं और उन्हें 2006 में OCI कार्ड मिला था। इसी कानूनी स्थिति के चलते उनके प्रदर्शन में शामिल होने और भारत में रहने के अधिकारों से जुड़े मुद्दे अदालत के सामने आए हैं।
केंद्र को नोटिस पर जवाब देने का निर्देश
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने 'वसुधैव कुटुंबकम' के सिद्धांत का जिक्र किया। पीठ ने केंद्र सरकार से कहा कि इमरान को लीव इंडिया नोटिस पर अपना पक्ष रखने के लिए पर्याप्त समय दिया जाए। अदालत ने केंद्र से इस मामले में जवाब भी मांगा है।
OCI कार्ड पर भी अलग से चल रही कार्रवाई
हालांकि, इमरान के मामले में सिर्फ लीव इंडिया नोटिस ही नहीं, बल्कि OCI कार्ड को लेकर भी अलग प्रक्रिया जारी है। फॉरेनर्स रीजनल रजिस्ट्रेशन ऑफिस (FRRO) ने 17 अक्टूबर को उनका OCI कार्ड रद्द किए जाने के प्रस्ताव पर कारण बताओ नोटिस जारी किया था। इस मामले पर भी 7 दिसंबर को सुनवाई होनी है।
फिलहाल हाईकोर्ट की अंतरिम रोक के कारण लीव इंडिया नोटिस पर कार्रवाई रुकी हुई है। अब अगली सुनवाई में केंद्र सरकार का जवाब और OCI कार्ड से जुड़ी कार्यवाही अहम रहेगी।



