MP में 4 दिनों के आंधी-बारिश के आसार ने बढ़ाई किसानों की चिंता, जानिए किन जिलों में अलर्ट
मध्य प्रदेश में एक बार फिर बारिश का दौर शुरू हो गया है। मौसम विभाग ने 27 जिलों में आंधी-बारिश का अलर्ट जारी किया है। अगले चार दिन मौसम बदला रह सकता है। बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।


MP में फिर बदला मौसम
Weather Update in Madhya Pradesh: मध्य प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर करवट ली है। तूफान 'अर्नब' की ताकत कम होने के बाद यह कम दबाव वाले क्षेत्र में बदल गया है, लेकिन इसका असर प्रदेश के कई हिस्सों में दिखाई दे रहा है। बीते तीन दिनों से अलग-अलग इलाकों में बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। मौसम केंद्र भोपाल ने शनिवार को 27 जिलों के लिए आंधी और बारिश की चेतावनी जारी की है। 2 नवंबर तक प्रदेश में मौसम के ऐसे ही उतार-चढ़ाव बने रह सकते हैं।
ग्वालियर से जबलपुर तक 27 जिलों में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अलर्ट में ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, मुरैना, भिंड और श्योपुर के साथ जबलपुर संभाग के कई जिले शामिल हैं। विभाग ने जबलपुर, कटनी, छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी और पांढुर्णा में भी आंधी के साथ बारिश होने की संभावना जताई है।
इसके अलावा रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, पन्ना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में भी मौसम बिगड़ सकता है।
वहीं भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, इंदौर, धार, आलीराजपुर, बुरहानपुर, बड़वानी, खंडवा, खरगोन, झाबुआ, उज्जैन, नीमच, आगर-मालवा, मंदसौर, शाजापुर, देवास, रतलाम, नर्मदापुरम, बैतूल, गुना, अशोकनगर, सागर, दमोह, नरसिंहपुर और हरदा में धूप निकलने का अनुमान है। हालांकि इन क्षेत्रों में भी बादलों की आवाजाही हो सकती है।
2 नवंबर तक जारी रह सकता है मौसम का उतार-चढ़ाव
मौसम विशेषज्ञ शैलेंद्र कुमार नायक ने बताया कि प्रदेश में अगले चार दिनों तक अलग-अलग तरह की मौसमी स्थितियां देखने को मिल सकती हैं। दक्षिणी और पूर्वी मध्य प्रदेश में सक्रिय सिस्टम का असर अधिक रहने की आशंका है। इन इलाकों में तेज हवा के साथ बारिश हो सकती है, जबकि प्रदेश के कुछ अन्य हिस्सों में धूप निकलने के आसार हैं।
38 जिलों में बारिश, अनूपपुर में सबसे ज्यादा असर
बता दें, पिछले कुछ दिनों के दौरान प्रदेश के 38 जिलों के करीब 155 शहरों और कस्बों में बारिश दर्ज की गई। भोपाल, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, विदिशा, शाजापुर, नर्मदापुरम, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, मुरैना और भिंड में भी बारिश हुई।
महाकौशल, विंध्य और बुंदेलखंड के कई इलाकों में भी पानी गिरा। जबलपुर, कटनी, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, बालाघाट, मंडला, डिंडौरी, रीवा, सतना, सीधी, सिंगरौली, मऊगंज, मैहर, शहडोल, उमरिया, अनूपपुर, सागर, पन्ना, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में बारिश दर्ज की गई।
आंकड़ों के मुताबिक, अनूपपुर में तीन इंच से अधिक पानी गिरा। अमरकंटक में लगभग सवा दो इंच और सिंगरौली में दो इंच बारिश हुई। अनूपपुर में हवा की गति 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई।
खेतों और मंडियों में रखी उपज पर बारिश का असर
हालांकि, बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। कई जगह धान की फसल अभी खेतों में खड़ी है, ऐसे में लगातार पानी गिरने से नुकसान की आशंका है। दूसरी ओर, मंडियों में बिक्री के लिए लाई गई उपज भी बारिश की चपेट में आ रही है।
बारिश और तेज हवाओं के चलते प्रदेश के कई शहरों में दिन के समय गर्मी से राहत मिली है। गुरुवार के बाद शुक्रवार को भी अधिकतम तापमान में करीब 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक की कमी दर्ज की गई। कुछ स्थानों पर रात के तापमान में भी गिरावट देखने को मिली।
फिलहाल प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का असर बना हुआ है। मौसम विभाग की चेतावनी के बीच किसानों को खेतों और मंडियों में रखी उपज को सुरक्षित रखने की चुनौती का सामना करना पड़ रहा है।



