सऊदी अरब में एयरपोर्ट और तेल ठिकाने पर तबाही, 1 भारतीय समेत 3 की मौत; 10 घायल
सऊदी अरब में दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और अरामको के तेल प्रतिष्ठान पर हमलों में एक भारतीय समेत तीन लोगों की मौत और 10 के घायल हुए है। हमलों के बाद कुछ उड़ानों के मार्ग बदले गए हैं। अमेरिका ने अपने कुछ राजनयिकों और कर्मचारियों को देश छोड़ने का निर्देश दिया है।


दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर ड्रोन हमला
Saudi Arabia Attacks: सऊदी अरब में हवाई अड्डे और तेल प्रतिष्ठान को निशाना बनाकर किए गए हमलों के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर चिंता बढ़ गई है। दम्माम के किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट और सऊदी अरामको के तेल ठिकाने पर हुई घटनाओं में एक भारतीय नागरिक समेत तीन लोगों की मौत हुई है, जबकि 10 लोग घायल हुए हैं। घायलों में भारतीय नागरिक भी शामिल हैं।
पहली घटना दम्माम स्थित किंग फहद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुई। इस हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत और दो भारतीयों समेत आठ लोगों के घायल हुए है। वहीं, अरामको के तेल प्रतिष्ठान पर ड्रोन हमले में नेपाल और फिलीपींस के एक-एक नागरिक की जान चली गई। इस घटना में भी एक भारतीय समेत दो लोग घायल हैं। हमलों के बाद हवाई यातायात प्रभावित हुआ है। कुछ उड़ानों को वैकल्पिक मार्गों से संचालित किया जा रहा है।
हमलों के बाद एयर ट्रैफिक प्रभावित
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने गुरुवार को एयरपोर्ट पर हमले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि घटना के बाद विमानों की आवाजाही पर असर पड़ा और कुछ उड़ानों के मार्ग में बदलाव करना पड़ा। फारस की खाड़ी के तट पर स्थित दम्माम, बहरीन और कतर के नजदीक है। ऐसे में इस क्षेत्र में बढ़ते सुरक्षा जोखिमों का असर आसपास के हवाई मार्गों पर भी पड़ सकता है।
अमेरिका ने कर्मचारियों को सऊदी अरब छोड़ने का निर्देश दिया
बता दें, बढ़ते सुरक्षा खतरे के बीच अमेरिका ने सऊदी अरब में तैनात अपने कुछ राजनयिकों और सरकारी कर्मचारियों को परिवार के सदस्यों के साथ देश छोड़ने के लिए कहा है। अमेरिकी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने बताया कि कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा प्रशासन की प्राथमिकता है।
अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने नागरिक हवाई अड्डों और अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को निशाना बनाए जाने को सुरक्षा संबंधी चिंता की प्रमुख वजह बताया है। क्षेत्र में हालात बदलने के बीच अमेरिका अपने कर्मचारियों की मौजूदगी और सुरक्षा इंतजामों की समीक्षा कर रहा है।
अमेरिकी दूतावास को भी पहले पहुंचा था नुकसान
जानकारी के अनुसार, ईरान के खिलाफ अमेरिका की सैन्य कार्रवाई शुरू होने के शुरुआती दौर में सऊदी अरब स्थित अमेरिकी दूतावास को भी नुकसान पहुंचा था। इसके बाद वहां सीमित संख्या में कर्मचारी काम कर रहे थे। हाल के हफ्तों में कुछ राजनयिकों की वापसी हुई थी, लेकिन ताजा हमलों ने सुरक्षा को लेकर चिंताएं दोबारा बढ़ा दी हैं।




