उर्मिला नदी में खतरनाक तरीके से बालू निकाल रहे मजदूर, 10 फीट तक पानी में लगाते हैं गोता
छतरपुर के लवकुशनगर क्षेत्र के हंसपुरा घाट पर मजदूर उर्मिला नदी में 5 से 10 फीट गहरे पानी में गोता लगाकर हाथों से बालू निकाल रहे हैं। इस जोखिम भरे काम में सुरक्षा इंतजामों की कमी और खनन की निगरानी पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों ने कार्रवाई की मांग की है।

पानी में गोता लगाकर हाथों से बालू निकाल रहे
Urmila River Sand Mining: मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में बालू निकालने का एक जोखिम भरा तरीका सामने आया है। लवकुशनगर थाना क्षेत्र के हंसपुरा घाट पर मजदूर नदी के भीतर उतरकर हाथों से रेत इकट्ठा कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि इसके लिए उन्हें 5 से 10 फीट तक गहरे पानी में डुबकी लगानी पड़ती है। इस दौरान वे काफी देर तक सांस रोके रहते हैं और फिर रेत से भरा तसला लेकर पानी से बाहर आते हैं।
पानी के भीतर रेत भरते हैं मजदूर
बता दें, हंसपुरा घाट पर बालू निकालने का तरीका काफी मेहनत भरा और जोखिमपूर्ण है। मजदूर नदी की तलहटी तक पहुंचने के लिए गोता लगाते हैं, वहां से तसले में रेत भरते हैं और उसे ऊपर लाते हैं। इसके बाद किनारे पर बालू जमा की जाती है। यही प्रक्रिया बार-बार दोहराई जाती है। पानी की गहराई और बहाव के बीच इस तरह काम करने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है। यदि कोई मजदूर पानी के अंदर फंस जाए या समय पर सतह तक न पहुंच पाए, तो उसकी जान पर बन सकती है। मौके पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नजर नहीं आने की बात भी सामने आई है।
बालू खनन के नियमों पर उठे सवाल
स्थानीय लोगों ने घाट पर हो रही गतिविधियों को लेकर नियमों के उल्लंघन की आशंका जताई है। उनका आरोप है कि इस तरह बालू निकालने का काम जारी रहने के बावजूद जिम्मेदार विभागों की ओर से प्रभावी निगरानी दिखाई नहीं दे रही। हालांकि, खनन की वैधता और संबंधित अनुमति को लेकर आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध नहीं है। मामले ने खनिज विभाग और स्थानीय प्रशासन की निगरानी व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए हैं। लोगों का कहना है कि नदी से बालू निकालने के दौरान मजदूरों की सुरक्षा सुनिश्चित करना जरूरी है, लेकिन घाट पर काम करने वालों के लिए किसी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जानकारी सामने नहीं आई है।
पहले भी बालू विवाद में हुई थी मारपीट
क्षेत्र में बालू को लेकर विवाद का मामला पहले भी सामने आ चुका है। हाल ही में गोयरा थाना क्षेत्र में रेत से जुड़े विवाद के दौरान मारपीट हुई थी। घायल व्यक्ति ने पुलिस और प्रशासन पर अवैध खनन को बढ़ावा देने के आरोप लगाए थे। ये आरोप थे, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि उपलब्ध जानकारी में नहीं है। अब हंसपुरा घाट पर नदी में उतरकर बालू निकालने के मामले ने एक बार फिर निगरानी और कार्रवाई को लेकर चर्चा तेज कर दी है।


%2520%25E0%25A4%2594%25E0%25A4%25B0%2520%25E0%25A4%25B0%25E0%25A4%25B8%25E0%25A5%2580%25E0%25A4%25A6%2520%25E0%25A4%2596%25E0%25A4%25BE%25E0%25A4%25A8%2520(26)%2520%25E0%25A4%2595%25E0%25A5%2580%2520%25E0%25A4%25AE%25E0%25A5%258C%25E0%25A4%25A4%2520%25E0%25A4%25B9%25E0%25A5%258B%2520%25E0%25A4%2597%25E0%25A4%2588%25E0%25A5%25A4.webp&w=3840&q=75)


